ग्वालियर में बेला की बावड़ी स्थित कुशवाहा छात्रावास के भूमिपूजन समारोह में सोमवार को केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के भाषण के दौरान हंगामा हो गया। कार्यक्रम में कुछ लोगों ने सिंधिया को काले झंडे दिखाकर विरोध किया। इसके बाद सिंधिया समर्थकों और प्रदर्शन कर रहे लोगों के बीच विवाद हो गया। मारपीट की स्थिति बनने पर पुलिस मौके पर पहुंची और विरोध कर रहे लोगों को थाने ले गई। काले झंडे दिखाने वाले लोगों को ग्वालियर सांसद भारत सिंह कुशवाह के समर्थक बताया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि छात्रावास के लिए आवंटित जमीन कुशवाह समाज के लिए है। ऐसे में भूमिपूजन कार्यक्रम में समाज से जुड़े किसी नेता को मुख्य अतिथि बनाया जाना चाहिए था। इसी बात को लेकर उन्होंने विरोध किया। विरोध कर रहे हरिओम कुशवाह ने आरोप लगाया कि छात्रावास के लिए जमीन केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा आवंटित की गई थी। उनका कहना है कि समाज के कार्यक्रम में ज्योतिरादित्य सिंधिया को मुख्य अतिथि बनाए जाने का कुछ लोगों ने विरोध किया। हरिओम के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान सिंधिया समर्थकों ने उनके साथ आए लोगों से मारपीट की और कुर्सियां तोड़ दीं। उन्होंने कुछ लोगों के घायल होने का भी दावा किया। हरिओम ने कहा कि समाज के लिए जमीन आवंटित होने के बाद कार्यक्रम में समाज के नेताओं को भी बुलाया जाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि नारायण सिंह कुशवाह, भारत सिंह कुशवाह या समाज से जुड़े अन्य जनप्रतिनिधियों को मुख्य अतिथि बनाया जा सकता था। उन्होंने स्पष्ट किया कि विरोध सिंधिया को मुख्य अतिथि बनाए जाने को लेकर था। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों ने केवल सिंधिया को काले झंडे दिखाए थे और किसी अन्य व्यक्ति के खिलाफ प्रदर्शन नहीं किया। हरिओम ने मारपीट करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उनका कहना है कि पुलिस से भी इस संबंध में बात हुई है और उचित कार्रवाई का आश्वासन मिला है। विवाद के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली और प्रदर्शन कर रहे लोगों को थाने भेज दिया। फिलहाल पुलिस की ओर से मामले में की गई कार्रवाई की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। घटना को लेकर दोनों पक्षों की ओर से आरोप लगाए जा रहे हैं। बाड़े की अंडरग्राउंड पार्किंग का सिंधिया ने किया निरीक्षण ग्वालियर में बाड़े पर करोड़ों रुपए की लागत से बन रही अंडरग्राउंड मल्टीलेवल पार्किंग का सोमवार को केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों और निर्माण एजेंसी एलएंडटी को पार्किंग का काम फरवरी-मार्च तक पूरा करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट, भाजपा जिला अध्यक्ष जयप्रकाश राजोरिया, कलेक्टर रुचिका चौहान, नगर निगम आयुक्त अभिषेक चौधरी सहित प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। बेसमेंट में पानी भरने से निर्माण प्रभावित निरीक्षण के दौरान सिंधिया ने पार्किंग के सबसे निचले बेसमेंट में लगातार भर रहे पानी और इससे निर्माण कार्य में आ रही बाधाओं की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों और एलएंडटी को पानी के दबाव और उसके जमा होने की स्थिति को देखते हुए पूरी तकनीकी स्टडी करने के निर्देश दिए। सिंधिया ने कहा कि पानी की समस्या को लेकर जल्दबाजी में कोई निर्णय नहीं लिया जाना चाहिए। प्रशासन और एलएंडटी को मिलकर सभी तकनीकी पहलुओं का अध्ययन करना होगा, ताकि ऐसा स्थायी समाधान निकाला जा सके, जिससे भविष्य में बेसमेंट में पानी भरने की समस्या न हो। पुरानी बोरिंग और गहरी खुदाई से बढ़ा पानी का दबाव पार्किंग निर्माण के दौरान बेसमेंट में लगातार भूजल भरना सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है। बताया जा रहा है कि निर्माण स्थल पर मौजूद पुरानी बोरिंग और गहरी खुदाई के कारण पानी का दबाव बढ़ रहा है। पानी निकालने के लिए कई महीनों से लगातार पंपिंग की जा रही है, लेकिन अभी तक इसका स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। पानी के कारण बेसमेंट का निर्माण प्रभावित हो रहा है। इसी वजह से परियोजना की समयसीमा भी कई बार बढ़ाई जा चुकी है। दिसंबर 2020 में एलएंडटी को मिला था काम पार्किंग का काम दिसंबर 2020 में एलएंडटी को सौंपा गया था। इसके बाद दिसंबर 2021 से निर्माण शुरू हुआ और इसे 18 महीने में पूरा किया जाना था। पहली डेडलाइन दिसंबर 2023 तय की गई थी। इसके बाद जून 2024, दिसंबर 2025 और फिर मार्च 2026 तक समयसीमा बढ़ाई गई। हाल ही में अक्टूबर-नवंबर तक काम पूरा करने की बात सामने आई थी। हालांकि, बेसमेंट में पानी की समस्या के कारण निर्माण प्रभावित हुआ है। अब सिंधिया ने फरवरी-मार्च तक काम पूरा करने के निर्देश दिए हैं। 500 वाहनों की पार्किंग से कम होगा ट्रैफिक दबाव बाड़े में बन रही अंडरग्राउंड मल्टीलेवल पार्किंग में करीब 500 वाहन खड़े किए जा सकेंगे। इनमें लगभग 300 चार पहिया और 200 दो पहिया वाहनों की क्षमता होगी। बाड़ा शहर का प्रमुख व्यापारिक क्षेत्र है। यहां रोज बड़ी संख्या में ग्राहक और व्यापारी पहुंचते हैं। पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था नहीं होने से वाहन सड़क किनारे खड़े होते हैं, जिससे कई बार यातायात का दबाव बढ़ता है और जाम की स्थिति बनती है। पार्किंग शुरू होने के बाद वाहनों को व्यवस्थित तरीके से खड़ा करने की सुविधा मिलेगी। इससे बाड़े और आसपास के बाजार क्षेत्र में सड़क किनारे खड़े वाहनों की संख्या कम होने और प्रमुख मार्गों पर यातायात का दबाव घटने की उम्मीद है।
