एक घर का फ्रिज, उसमें रखा मांस और उस मांस को लेकर लगा एक आरोप… फिर भीड़ जुटी और एक इंसान की जान चली गई। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने मॉब लिंचिंग पर चर्चा के दौरान अखलाक की हत्या का जिक्र करते हुए कहा कि उसकी हत्या इसलिए कर दी गई, क्योंकि उस पर आरोप था कि उसके फ्रिज में रखा मांस गौमांस है। उन्होंने कहा कि मॉब लिंचिंग के खिलाफ समाज को चुप्पी तोड़नी चाहिए और ऐसी घटनाओं की निंदा करनी चाहिए। यह बात भोपाल के गांधी भवन में सोमवार को वरिष्ठ पत्रकार दयाशंकर मिश्र की पुस्तक ‘अखलाक़: भारत में मॉब लिंचिंग की विस्तृत जमीनी पड़ताल’ पर हुई परिचर्चा में सामने आई। कार्यक्रम में मिश्र को उनकी पुस्तक के लिए बहुजन इंटलेक्ट सम्मान से सम्मानित किया गया। एक घटना से शुरू होकर पूरी किताब तक पहुंची पड़ताल दयाशंकर मिश्र की पुस्तक केवल एक घटना का विवरण नहीं है। इसमें गुजरात, महाराष्ट्र, ओडिशा, हरियाणा और उत्तर प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों में पिछले कुछ वर्षों में हुई मॉब लिंचिंग की घटनाओं और उनके बाद के हालात की जमीनी पड़ताल की गई है। पुस्तक अमेरिका में मॉब लिंचिंग के इतिहास से शुरू होकर भारत में इस तरह की घटनाओं तक पहुंचती है और दोनों संदर्भों की तुलना करती है। दिग्विजय बोले- निर्भीक पत्रकार ने मुश्किल काम किया दिग्विजय सिंह ने दयाशंकर मिश्र को अपने समय का निर्भीक लेखक और पत्रकार बताया। उन्होंने कहा कि मिश्र ने अलग-अलग राज्यों में पीड़ित परिवारों, आरोपियों और नीति-निर्माताओं से विषम परिस्थितियों में बातचीत की और इस विषय पर दस्तावेजी महत्व की पुस्तक तैयार की। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक अल्पसंख्यक समाज को यह भरोसा देती है कि भारत का संविधान और बहुसंख्यक समाज इस तरह की हिंसा के खिलाफ है। लेखक की जुबानी- पीड़ित परिवारों से बात करना जख्म कुरेदने जैसा दयाशंकर मिश्र ने कहा कि किताब लिखना उनके लिए बड़ी पीड़ा से गुजरने जैसा था। जिन परिवारों के सदस्य मारे गए, उनसे उनके दर्द के बारे में बातचीत करना उनके जख्मों को फिर से कुरेदने जैसा था। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद इस काम को करना जरूरी था। मॉब लिंचिंग को केवल अलग-अलग घटनाओं के रूप में देखने के बजाय उसके पीछे के कारणों को समझना होगा। उनके अनुसार, राजनीतिक स्वार्थ भी मॉब लिंचिंग के ईंधन का काम करते हैं। विजय बहादुर सिंह का संदेश- हिंसा करने वाले हिंदू धर्म का अपमान करते हैं वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. विजय बहादुर सिंह ने अपने लिखित संदेश में कहा कि अहिंसा और अवैर सनातन धर्म का मूल लक्षण है। धर्म के आधार पर हिंसा करने वाले लोग हिंदू धर्म का अपमान करते हैं। शैलबाला मार्टिन- लोकतंत्र को शर्मसार करती हैं ऐसी घटनाएं पूर्व आईएएस अधिकारी शैलबाला मार्टिन ने कहा कि मॉब लिंचिंग की घटनाएं भारत जैसे दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र को शर्मसार करती हैं। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं के शिकार मुख्य रूप से मुस्लिम, ईसाई, दलित और आदिवासी हो रहे हैं। उन्होंने ऐसी प्रवृत्ति के खिलाफ देश को एकजुट होने की जरूरत बताई। सौरभ वाजपेयी- किताब समाज को आईना दिखाती है कांग्रेस केंद्रीय वार रूम के ट्रेनिंग प्रभारी प्रोफेसर सौरभ वाजपेयी ने कहा कि दयाशंकर मिश्र की किताब समाज को आईना दिखाती है। उन्होंने हिंदू-मुसलमान के भेद को मिटाकर संवैधानिक और सच्चे धार्मिक मूल्यों के आधार पर राष्ट्र निर्माण की जरूरत बताई। गांधी भवन ट्रस्ट अध्यक्ष- गांधी के रास्ते पर चलने की अपील गांधी भवन ट्रस्ट के अध्यक्ष संजय सिंह ने कहा कि महात्मा गांधी के रास्ते पर चलने की जरूरत है। इस रास्ते में सांप्रदायिक घृणा और हिंसा के लिए जगह नहीं है। उन्होंने सामाजिक सद्भाव के लिए पुस्तक को महत्वपूर्ण बताया। कई वक्ताओं ने रखे विचार कार्यक्रम में साहित्यकार ओमप्रकाश बबेले, डॉ. मेजर मनोज राजे, सामाजिक कार्यकर्ता इनायत अब्बास ने भी विचार रखे। कार्यक्रम का संचालन सामाजिक कार्यकर्ता सुनील बोरसे ने किया। आयोजन मध्यप्रदेश की सामाजिक संस्था बहुजन इंटलेक्ट की ओर से किया गया।
