Homeमध्यप्रदेशMP में हर रोज 2.20 लाख सिलेंडर की सप्लाई:13 बॉटलिंग प्लांट में...

MP में हर रोज 2.20 लाख सिलेंडर की सप्लाई:13 बॉटलिंग प्लांट में पर्याप्त स्टॉक; अफसर बोले- घबराकर बुकिंग-स्टॉक करने की जरूरत नहीं

मध्य प्रदेश में हर रोज 2.20 लाख घरेलू और कमर्शियल गैस सिलेंडर की बुकिंग हो रही है। 13 बॉटलिंग प्लांट में पर्याप्त स्टॉक है। ऐसे में लोगों को घबराकर बुकिंग कराने या स्टॉक करने की जरूरत नहीं है। यह जानकारी सोमवार को ऑयल कंपनियों की तरफ से दी गई। मुख्य महाप्रबंधक एवं राज्य प्रमुख अजय कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि घरेलू LPG के साथ व्यावसायिक गैस की आपूर्ति भी तय नियमों के अनुसार की जा रही है। कम गैस उपयोग करने वाले या जिनके पास स्थानीय पता नहीं है (जैसे छात्र, प्रवासी श्रमिक आदि) के लिए 5 किलो वाले छोटे सिलेंडर भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसके लिए मंडीदीप, पीथमपुर, गोविंदपुरा, मालनपुर, देवास, सिंगरौली जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में विशेष कैंप लगाए जा रहे हैं। इंडियन ऑयल के सबसे ज्यादा प्लांट
श्रीवास्तव ने बताया कि प्रदेश में कुल 13 बॉटलिंग प्लांट हैं। इनमें इंडियन ऑयल के 6, बीपीसीएल के 3 और एचपीसीएल के 4 है। जहां पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। इन प्लांट्स से राज्यभर में 1552 गैस एजेंसियों के माध्यम से उपभोक्ताओं को सप्लाई की जा रही है। ग्राहकों को गैस बुकिंग के लिए SMS, मिस्ड कॉल और IVRS जैसे डिजिटल माध्यमों का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। अभी लगभग 95% बुकिंग ऑनलाइन हो रही है। डिलीवरी के समय OTP (DAC) के जरिए सही ग्राहक को सिलेंडर दिया जा रहा है। कुछ जगहों पर गड़बड़ी और कालाबाजारी की शिकायतें मिलने पर कंपनियों ने सख्ती बढ़ाई है। जांच के लिए विशेष टीमें बनाई गई हैं। प्रदेश में अब तक 2485 छापे मारे गए हैं। 10 एफआईआर दर्ज की गई हैं और 3561 सिलेंडर जब्त किए गए हैं। अफवाह के चलते सिलेंडर जमा न करें
श्रीवास्तव ने इंडियनऑयल के सभी उपभोक्ताओं को भरोसा दिलाया है कि देश में एलपीजी की कोई कमी नहीं है। लोग घबराकर गैस की बुकिंग या स्टॉक न करें, न ही अफवाहों पर ध्यान न दें। पेट्रोल और डीजल की बात करें तो प्रदेश में कुल 7147 पेट्रोल पंप हैं। जिनमें से 649 निजी कंपनियों के हैं। प्रदेश में 4 टर्मिनल और 13 डिपो के जरिए पर्याप्त स्टोरेज और सप्लाई व्यवस्था बनी हुई है। वर्तमान में मध्य प्रदेश में रोजाना लगभग 8 हजार किलो लीटर पेट्रोल और 16 हजार किलो लीटर डीजल की सप्लाई हो रही है, जो जरूरत के अनुसार पर्याप्त है। सभी पेट्रोल पंपों पर ईंधन उपलब्ध है खासकर खेती के मौसम में भी कोई कमी नहीं है। पहले पेट्रोल की आपूर्ति लगभग इतनी ही थी, जबकि डीजल की आपूर्ति प्रतिदिन 12 हजार किलो लीटर थी, जो अब बढ़ गई है। भोपाल में 70 से 75 हजार घरों में गैस कनेक्शन उपलब्ध कराने की कवायद तेज
इधर, कमिश्नर संजीव सिंह की अध्यक्षता में सोमवार को जिला अंतर्गत शहरी गैस वितरण (सीजीडी) के बुनियादी ढांचे के विकास संबंध में आवश्यक गतिविधियों को गति देने के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों की उपस्थित में बैठक आयोजित की गई। बैठक में खाद्य आपूर्ति विभाग ने जारी सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन पॉलिसी 2025 के अंतर्गत भोपाल जिले में सिटी गैस डिसटीब्यूशन नेटवर्क के अंतर्गत घरेलू उपयोग के लिए औद्योगिक और वाणिज्यिक इकाइयों में पाइप लाइन के माध्यम से नेचूरल गैस की आपूर्ति सुनिश्चित करने एवं सीएनजी स्टेशन के माध्यम से वाहनों में ईंधन के रूप में सीएनजी की आपूर्ति के लिए बुनियादी ढांचे के बारे में जानकारी दी। कहा कि सभी आवश्यक अनुमति कलेक्टर के माध्यम से सिंगल विंडो सिस्टम सीजीडी पोर्टल बनाया गया है। पोर्टल पर सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी को सभी विभागों की अनुमतियां आवश्यक दस्तावेज के साथ अप्लाई करने पर 24 घंटे में अनुमति जारी हो जाएगी। भोपाल में लगभग 25000 से अधिक डोमेस्टिक कनेक्शन हैं। इसके साथ ही कंपनी द्वारा लगभग 42 हजार घरों के आसपास की अलग-अलग कॉलोनियों को पाइप लाइन के माध्यम कवर्ड हैं। इन घरों में अगले 3 महीने में 70 से 75 हजार घरों में कनेक्शन देने का लक्ष्य निश्चित किया गया है। बैठक में सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने बताण्या कि भोपाल में 8 हजार घरों में घरेलू कनेक्शन के माध्यम से प्राकृतिक गैस आपूर्ति की जा रही है। इसके साथ ही 42 हजार ऐसे घर हैं, जो तत्काल प्रभाव से आवेदन करने पर आवश्यक सीएनजी कनेक्शन का इंस्टालेशन कर सीएनजी कनेक्शन उपलब्ध कराया जा सकता है। एडीएम ने भी बैठक की बैठक…शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश सोमवार को भोपाल में सिलेंडर की सप्लाई को लेकर बैठक हुई। इसमें एडीएम सुमित कुमार पांडेय ने गैस सिलेंडर वितरण और रिफिलिंग से संबंधित शिकायतों पर तत्काल संज्ञान लेने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी एसडीएम और तहसीलदारों को अपने-अपने क्षेत्रों में गैस एजेंसियों का निरीक्षण कर शिकायतों का गंभीरता से निराकरण करें। एडीएम पांडेय ने समर्थन मूल्य पर विपणन वर्ष 2026-27 के गेहूं उपार्जन की तैयारियों की भी समीक्षा की। उन्होंने जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक को निर्देश दिए कि जिले में स्थापित 87 उपार्जन केंद्रों पर किसानों को सुगम विक्रय सुविधा उपलब्ध कराई जाए और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी ढंग से संचालित हो। उन्होंने कहा कि सभी विभाग 8 अप्रैल से पहले केंद्रों पर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें। 7 अप्रैल से पंजीकृत किसानों के लिए स्लॉट बुकिंग प्रारंभ होगी। बैठक में पर्यावरण संरक्षण के दृष्टिकोण से नरवाई जलाने की घटनाओं पर सख्ती बरतने के निर्देश भी दिए गए। किसानों को जागरूक करने तथा नरवाई प्रबंधन के वैकल्पिक उपाय अपनाने के लिए व्यापक गतिविधियां संचालित करने को कहा गया।

Stay Connected
16,985FansLike
2,458FollowersFollow
61,453SubscribersSubscribe
Must Read
Related News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here