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इंदौर में स्वाइन फ्लू से महिला की मौत:इन्फ्लुएंजा-A और H1N1 वायरस मिला; स्वास्थ्य विभाग ने परिवार की स्क्रीनिंग नहीं कराई

मध्य प्रदेश के इंदौर में बुधवार शाम स्वाइन फ्लू से एक बुजुर्ग महिला की मौत हो गई। महिला का कोकिलाबेन अस्पताल में इलाज चल रहा था। मेडिकल रिपोर्ट में स्वाइन फ्लू संक्रमण की पुष्टि हुई है। महिला को कोई दूसरी बीमारी नहीं थी। अस्पताल के मुताबिक, मृतक की पहचान सरोज नागर (60) के रूप में हुई है। वे उज्जैन के ऋषि नगर की रहने वाली थीं। तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें इंदौर के अस्पताल में भर्ती कराया गया था। कई दिनों तक इलाज के बाद उनकी मौत हो गई। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, जांच रिपोर्ट में संक्रमण की पुष्टि हुई है। इसे मध्य प्रदेश में स्वाइन फ्लू से इस सीजन की पहली मौत बताया जा रहा है। मामले के बाद स्वास्थ्य विभाग संक्रमण को लेकर निगरानी और जरूरी जानकारी जुटा रहा है। मेडिकल रिपोर्ट में स्वाइन फ्लू की पुष्टि परिजन के मुताबिक, सरोज नागर 31 जुलाई को बीमार हुई थीं। स्वाइन फ्लू की जांच गुजरात के अहमदाबाद स्थित लैब से कराई गई थी। 3 अगस्त को कोकिलाबेन अस्पताल के डॉक्टरों ने मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर स्वाइन फ्लू की पुष्टि की थी। स्वाइन फ्लू की पुष्टि के बाद सरोज नागर का इलाज चल रहा था। 16 दिन चले इलाज के बाद बुधवार को दम तोड़ दिया। इन्फ्लुएंजा-A और 2009 H1N1 वायरस मिला उज्जैन के अवंती सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के मुताबिक, 60 वर्षीय सरोज नागर के नाक और गले के स्वैब सैंपल में इन्फ्लुएंजा-A और 2009 H1N1 वायरस मिला है। यानी जांच में H1N1 संक्रमण की पुष्टि हुई है। सैंपल 30 जुलाई 2026 को लिया गया था। रिपोर्ट में इन्फ्लुएंजा-B और कोरोना वायरस (SARS-CoV-2) की भी जांच की गई। इनमें अन्य वायरस नहीं मिले हैं। सरोज नागर के पति बैंक के रिटायर्ड कर्मचारी हैं और उनके दो बेटे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने परिवार की सिर्फ सूची बनाई परिजन ने बताया- स्वास्थ्य विभाग ने परिवार की स्क्रीनिंग नहीं कराई। सिर्फ आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भेजकर परिवार के सदस्यों की सूची तैयार कराई गई। परिवार के किसी सदस्य की जांच भी नहीं हुई और महिला के संपर्क में आए लोगों की पहचान नहीं की गई। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग ने कोई एडवाइजरी जारी नहीं की है। सीएमएचओ से फोन पर संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। हालांकि, खबर प्रकाशित होने के बाद देर रात तक एडवाइजरी जारी होने की संभावना है। क्या है स्वाइन फ्लू ? स्वाइन फ्लू को H1N1 वायरस भी कहते हैं। यह इंफ्लुएंजा के एक नए स्ट्रेन जैसा है, क्योंकि इसके लक्षण भी सामान्य फ्लू जैसे ही होते हैं। स्वाइन फ्लू मूल रूप से सूअरों में होने वाली बीमारी है, जो इंसानों में भी फैल गई। इंसानों में इसका संक्रमण रेट यानी एक व्यक्ति से दूसरे में फैलने की गति काफी तेज है। इसके H1N2 और H1N3 वैरिएंट भी हैं। हालांकि, इंफ्लुएंजा के ये वैरिएंट इंसानों में उतनी तेजी से नहीं फैलते हैं। इनके केस भी बहुत कम ही देखने को मिलते हैं। स्वाइन फ्लू के प्रमुख लक्षण क्या हैं स्वाइन फ्लू एक तरह की रेस्पिरेटरी डिजीज है, जो हमारे श्वसन तंत्र को प्रभावित करती है। कैसे फैलता है स्वाइन फ्लू ? स्वाइन फ्लू एक प्रकार के इंफ्लुएंजा वायरस के कारण होता है। यह वायरस सूअरों के शरीर में होता है। इंसानों में यह बीमारी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में आसानी से और तेजी से फैलती है। साल 2009 के करीब स्वाइन फ्लू का डर इस कदर बढ़ गया था कि लोग सूअरों को मारकर जमीन में दफना रहे थे, जबकि क्लीवलैंड क्लिनिक के मुताबिक, सूअर का मांस खाने से इंसानों में स्वाइन फ्लू फैलने के चांस न के बराबर होते हैं, क्योंकि खाने से पहले इसे अच्छे से पकाया जाता है। गर्मी से सभी बैक्टीरिया और वायरस खत्म हो जाते हैं। स्वाइन फ्लू से डर की सबसे बड़ी वजह यह है कि यह बेहद संक्रामक बीमारी है। यह लार और बलगम के छोटे कणों के जरिए फैलती है। स्वाइन फ्लू के प्रमुख लक्षण क्या हैं ? स्वाइन फ्लू एक तरह की रेस्पिरेटरी डिजीज है, जो हमारे श्वसन तंत्र को प्रभावित करती है। इसके लक्षण किस तरह नजर आते हैं, आइए ग्राफिक में देखते हैं-
किन्हें ज्यादा नुकसान पहुंचा सकता है स्वाइन फ्लू? कुछ लोगों के लिए स्वाइन फ्लू ज्यादा खतरनाक साबित हो सकता है। इनमें गंभीर लक्षण दिख सकते हैं या हेल्थ कंडीशंस बिगड़ सकती हैं। जब स्वाइन फ्लू की शुरुआत हुई तो इसने सबसे ज्यादा नुकसान 5 साल से कम उम्र के बच्चों और अर्ली टीनएजर्स को पहुंचाया था। ग्राफिक में देखते हैं, किन लोगों के लिए ज्यादा जोखिम पैदा कर सकता है स्वाइन फ्लू। क्या है स्वाइन फ्लू का इलाज? जो लोग स्वस्थ हैं, उन्हें स्वाइन फ्लू बहुत नुकसान नहीं पहुंचाता है। डॉक्टर इसके इलाज के लिए एंटीवायरल और बुखार की दवाएं देते हैं। साथ ही खानपान को लेकर सावधानियां बरतने और इम्यूनिटी बढ़ाने के उपाय सुझाते हैं। ज्यादा-से-ज्यादा रेस्ट करें। इससे शरीर को आराम मिलेगा और इम्यून सिस्टम को मजबूती मिलेगी। लिक्विड इंटेक बढ़ाएं। यह हमें डिहाइड्रेशन से बचाता है। खिचड़ी जैसा हल्का भोजन करें। इससे शरीर को ऊर्जा मिलेगी और पाचन तंत्र को आराम मिलेगा। खाने में फल और हरी सब्जियों की मात्रा बढ़ाएं। इससे शरीर को संक्रमण से लड़ने की शक्ति मिलेगी।

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