मध्य प्रदेश में इस मानसूनी सीजन के सबसे स्ट्रॉन्ग सिस्टम से बाढ़ आ गई। नदियां उफान पर रहीं और कई रास्ते बंद हो गए। राहत के बीच आफत भी खड़ी हुई। भोपाल में 1000 से ज्यादा घरों के आसपास 5 फीट तक पानी भर गया। घरों में सांप घुस गए, तो कारें आधी डूब गईं। विदिशा, राजगढ़ और रायसेन समेत कई जिलों में बारिश की वजह से लाखों लोग परेशान हुए। भोपाल बारिश से सबसे ज्यादा प्रभावित रहा। शहर के 50 से ज्यादा निचले इलाकों में जलभराव रहा। इनमें सेमरा, शबरी नगर, कैलाश नगर, अशोका गार्डन, वसुंधरा कॉलोनी, जगदीशपुर, पटेल नगर, कंफर्ट ग्रीन कॉलोनी, साईं बाबा रेजीडेंसी, मालीखेड़ी, जानकी अपार्टमेंट और अयोध्या बायपास समेत कई इलाके शामिल हैं। जलभराव के कारण घरों में रखा गृहस्थी का सामान भी भीग गया। भास्कर की टीम बाढ़ प्रभावित इलाकों में पहुंची और वहां के हालात देखे। पढ़िए ग्राउंड रिपोर्ट… पातरा नाला उफान पर…सेमरा के हर निचले इलाके में पानी अशोका गार्डन के सेमरा से पातरा नाला गुजरा है। रात में हुई तेज बारिश से नाला उफान पर आ गया। सुबह 5 बजे से 250 से ज्यादा घरों के आसपास पानी भरना शुरू हुआ। लोग नींद से जागे तो आसपास पानी ही पानी नजर आया। मनोज ठाकुर ने बताया कि सेमरा के हर निचले इलाके में पानी भरा है। नाले के एक तरफ के हिस्से में तो लोगों ने पहले ही 5 से 6 फीट ऊंचाई पर घर बनवा रखे हैं, लेकिन तेज बारिश से घरों में पानी पहुंच गया। यहीं के शेर सिंह कहते हैं कि यह हर साल की कहानी है। मजदूर हैं, लेकिन आज काम पर नहीं जा पाए। मनीष कुमार ने बताया, “नाले की सफाई नहीं हुई है। कचरा भरा हुआ है। वोट तो ले लेते हैं, लेकिन जनप्रतिनिधि समस्या का हल नहीं कर पा रहे। ऐसे में हमारा जीवन किसी नर्क से कम नहीं है।” महिला बोली- गृहस्थी का सामान भीग गया हेम बंसल ने बताया, “नाली और सड़क नहीं बनी। जब भी बाढ़ आती है तो घर में पानी भरता ही है। रात में घुटने तक पानी भरा था। पलंग समेत गृहस्थी का सामान भीग गया।” नालों की सफाई का दावा… हकीकत कुछ और भोपाल में 100 से ज्यादा बड़े नाले हैं। मानसून की एंट्री से पहले मौसम विभाग ने दावा किया था कि नालों की सफाई कर ली गई, लेकिन 24 घंटे की तेज बारिश ने निगम के सारे दावों की पोल खोल दी। सेमरा से गुजरे पातरा नाले की ही बात करें तो तस्वीर चौंकाने वाली नजर आई। पुलिया पर ही गाद समेत प्लास्टिक का कचरा भरकर नाले को चोक कर रहा था। रहवासियों ने बताया कि बारिश से पहले निगम की टीम आई थी, लेकिन अच्छे से सफाई नहीं की। लोगों की परेशानी जिम्मेदारों को नहीं दिखती। रेस्क्यू कर 100 से अधिक की जान बचाई इधर, प्रदेश में भारी बारिश और बाढ़ के बीच सोमवार को एसडीईआरएफ और होमगार्ड ने राहत-बचाव अभियान चलाए। भोपाल, सीहोर, विदिशा, खंडवा, राजगढ़ और आगर मालवा में लगभग 100 लोगों की जान बचाई गई। अकेले भोपाल के बालमपुर और सूखी सेवनिया से 23 लोगों को निकाला गया। सीहोर में गर्भवती और परिजनों समेत 8 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। विदिशा में 19 लोगों और 7 गोवंश का रेस्क्यू किया गया। खंडवा के ओंकारेश्वर में तेज बहाव में फंसे 3 श्रद्धालुओं को बचाया गया। राजगढ़ में मंदिर की छत पर फंसे 15 लोगों को सुरक्षित निकाला गया। वहीं, आगर मालवा के सोयत में 30 से 40 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। देखिए, प्रदेश में बाढ़ की तस्वीरें…
