मध्य प्रदेश में गेहूं की समर्थन मूल्य पर खरीदी 10 अप्रैल से शुरू होगी। भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग के 23 जिलों में किसानों से गेहूं खरीदा जाएगा, जबकि बाकी जिले 15 अप्रैल से गेहूं खरीद सकेंगे। खरीदी लेट होने से किसान मंडी व खुले बाजार में बिचौलियों को अपना गेहूं 2200 से 2400 रुपए प्रति क्विंटल बेचने को मजबूर हैं। औने-पौने दाम पर गेहूं बेचने के पीछे किसानों के दो तर्क सामने आए हैं। पहला तर्क- ओले, बारिश और आंधी है। वहीं, दूसरा तर्क खेतों में खड़ी फसलों में आग लगना है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर समेत अधिकांश जिलों में इस बार गेहूं का अच्छा उत्पादन हुआ है, लेकिन खरीदी आगे बढ़ा दी गई है। नए आदेश के अनुसार, भोपाल, उज्जैन, इंदौर और नर्मदापुरम संभाग में 1 अप्रैल की बजाय 10 अप्रैल से गेहूं खरीदा जाएगा, जबकि बाकी 6 संभाग- ग्वालियर, चंबल, सागर, जबलपुर, रीवा और शहडोल संभाग के 31 जिलों में 15 अप्रैल से खरीदी जाएगी। यह पिछले साल से 1 महीना देरी से है। साल 2025 में 15 मार्च से सरकार ने गेहूं की खरीदी शुरू कर दी थी। प्रदेश में आंधी, बारिश और ओले वाला मौसम
बता दें कि इन दिनों आंधी-बारिश के दो सिस्टम एक्टिव होने से मौसम बदला हुआ है। पिछले 2 दिन में उज्जैन, शाजापुर, राजगढ़, सीहोर समेत 12 जिलों में ओले गिर चुके हैं। ये प्रदेश के सबसे बड़े गेहूं उत्पादक जिलों में से एक है। वहीं, नर्मदापुरम, विदिशा, इंदौर, भोपाल समेत 41 जिलों में बारिश भी हुई है। आंधी की रफ्तार 63 किलोमीटर प्रतिघंटा तक पहुंच गई है। फरवरी-मार्च में ओले गिरे, सरकार को गेहूं खरीदना चाहिए
भोपाल के पास खजूरी कलां के किसान कुबैर सिंह राजपूत ने बताया कि पूरे प्रदेश में ओलावृष्टि, बारिश और आंधी का दौर चल रहा है। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। तेज आंधी से उनकी गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचा है। यह किसानों के ऊपर बड़ी आपदा है, क्योंकि फरवरी में भी ऐसा ही मौसम था, जबकि मार्च में दो बार ओलावृष्टि हो चुकी है। किसान भैरोसिंह राजपूत ने बताया कि बिगड़े मौसम की वजह से किसान अपना गेहूं सरकार को बेचना चाह रहे हैं, लेकिन सरकार ने 1 अप्रैल की बजाय 10 अप्रैल से खरीदी करने के आदेश दिए हैं। इससे किसान मंडी व खुले बाजार में गेहूं बेचने को मजबूर है। जहां समर्थन मूल्य से 200 से 400 रुपए तक कम रहे हैं। खड़ी फसल में आग लगने का भी खतरा
भोपाल के कुठार गांव में पिछले सप्ताह खेत में गेहूं की 15 एकड़ फसल आग में जलकर राख हो गई थी। जिन खेतों में आग लगी थी, उसके आसपास सैकड़ों एकड़ जमीन है और गेहूं की फसल खड़ी हुई थी। आग वहां तक न पहुंचे, इसलिए 50 से ज्यादा लोग दौड़ पड़े। ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से पानी लाकर उन्होंने आग पर काबू पाया। जिला पंचायत उपाध्यक्ष मोहन सिंह जाट भी आग को काबू करने के लिए मशक्कत करते हुए नजर आए थे। ऐसी ही घटनाएं प्रदेश के अन्य जिलों में भी हुई है। मंडियों में गेहूं की आवक शुरू, रेट कम
सरकारी खरीदी शुरू नहीं होने से किसान मंडियों में गेहूं लेकर पहुंच रहे हैं। यहां अच्छी क्वॉलिटी के गेहूं को तो अच्छे दाम मिल रहे हैं, लेकिन बाकी किसान परेशान हैं। मंगलवार को भोपाल की करोंद मंडी में करीब ढाई हजार क्विंटल गेहूं बिकने पहुंचा था। न्यूनतम रेट 2100 और अधिकतम 2700 रुपए प्रति क्विंटल तक रहे। गेहूं खरीदी पर सियासत गरमाई
गेहूं खरीदी की तारीख बढ़ाने के पीछे की वजह खाद्य विभाग बारदाना नहीं होना बता रहा है, जबकि भोपाल के बैरसिया विधायक विष्णु खत्री का वेयर हाउस गेहूं की बोरियों से भर गया। इधर, तारीख बढ़ाने पर पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने विरोध जताते हुए हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया पर सरकार को घेरते हुए लिखा कि किसान अपनी मेहनत की फसल लेकर तैयार खड़ा है, लेकिन सरकार केवल तारीखें बढ़ाकर उसे गुमराह कर रही है। अरुण यादव बोले- तीन बार बदली गई तारीख
पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव ने भी सरकार की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार अब तक तीन बार तारीखें बदल चुकी है।यादव ने तंज कसते हुए कहा- किसान विरोधी भाजपा सरकार की संवेदनहीनता देखिए, किसानों की महीनों की मेहनत खेत- खलिहानों में खुले आसमान के नीचे पड़ी है, लेकिन सरकार गेहूं उपार्जन की सिर्फ तारीख पर तारीख दे रही है । पहले 16 मार्च दी, फिर 1 अप्रैल कर दी और अब 10 अप्रैल। किसान पस्त है और सरकार मस्त है। ये खबरें भी पढ़िए… दिग्विजय सिंह बोले-किसानों की मेहनत खलिहानों में रखी और सरकार दे रही तारीख पर तारीख मध्य प्रदेश के किसानों के लिए गेहूं उपार्जन का इंतजार खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। राज्य सरकार ने एक बार फिर गेहूं खरीदी की तारीखों में बदलाव कर दिया है। सरकार के इस फैसले के बाद प्रदेश की सियासत भी गरमा गई है। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव ने कटाक्ष भी किया है। पढ़ें पूरी खबर भोपाल में 15 एकड़ गेहूं की फसल आग से राख, कुठार में हादसा भोपाल के कुठार गांव में खेत में गेहूं की 15 एकड़ फसल आग में जलकर राख हो गई। जिन खेतों में आग लगी, उसके आसपास सैकड़ों एकड़ जमीन है और गेहूं की फसल खड़ी हुई थी। आग वहां तक न पहुंचे, इसलिए 50 से ज्यादा लोग दौड़ पड़े। ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से पानी लाकर उन्होंने आग पर काबू पाया। जिला पंचायत उपाध्यक्ष मोहन सिंह जाट भी आग को काबू करने के लिए मशक्कत करते हुए नजर आए। उपाध्यक्ष जाट ने बताया कि आगजनी की घटना शुक्रवार की दोपहर में हुई। पढ़ें पूरी खबर
