चंडीगढ़ से सटे मोहाली के जीरकपुर में एक दंपती ने सल्फास खाकर आत्महत्या का प्रयास किया। जिसके बाद पत्नी की मौत हो गई, जबकि पति की हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस को मौके से 7 पेज का सुसाइड नोट मिला है। इसमें विदेश भेजने के नाम पर 36 लाख रुपए की ठगी का आरोप लगाया गया है। मृतका की पहचान बरनाला के तक्खे के पत्ती में सेखां की रहने वाली गगनदीप कौर के रूप में हुई है। उनके पति हाकम सिंह महमदपुर, बरनाला के रहने वाले हैं। हाकम सिंह का इलाज जारी है। दोनों ने विदेश जाने के लिए मैरिज की थी और पिछले कुछ समय से जीरकपुर के एक पीजी में रह रहे थे। स्कूल के सहपाठी पर भरोसा किया, 36 लाख दिए
पुलिस को मिले सुसाइड नोट में हाकम सिंह ने आरोप लगाया है कि विदेश भेजने वाला एजेंट उनका स्कूल का सहपाठी था। पुरानी जान-पहचान होने के कारण दंपती ने उस पर भरोसा किया। आरोप है कि एजेंट ने दोनों को विदेश भेजने का झांसा देकर 18-18 लाख रुपए लिए। इस तरह दंपती ने उसे कुल 36 लाख रुपए दिए। हालांकि, उन्हें विदेश नहीं भेजा गया और रकम भी वापस नहीं की गई। पैसे वापस नहीं मिले तो तनाव में था दंपती
सुसाइड नोट के मुताबिक, रकम वापस नहीं मिलने के कारण दंपती मानसिक तनाव में था। इसी के चलते शुक्रवार को दोनों ने जीरकपुर स्थित पीजी में कथित तौर पर सल्फास खा लिया। सल्फास खाने के बाद दोनों की हालत बिगड़ गई। गगनदीप कौर की मौत हो गई, जबकि हाकम सिंह को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। 7 पेज के सुसाइड नोट की जांच
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। परिजनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। पुलिस सुसाइड नोट में लगाए गए आरोपों, 36 लाख रुपए के कथित लेन-देन और एजेंट की भूमिका की जांच कर रही है। जीरकपुर थाना प्रभारी जसवीर सिंह तूर ने बताया कि मौके से 7 पेज का सुसाइड नोट मिला है। इसकी फॉरेंसिक और राइटिंग की जांच कराई जा रही है। परिजनों को सूचना दे दी गई है। उनके बयानों के आधार पर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस के मुताबिक, जांच के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी। हूबहू पढ़िए, सुसाइड नोट में क्या-क्या लिखा मेरा नाम हाकम सिंह है। मेरी पत्नी का नाम गगनदीप कौर है। हम गांव सेखां बरनाला के रहने वाले हैं। हमारे साथ बहुत बड़ा धोखा हुआ है। धोखा करने वाला झलूर गांव का एक एजेंट है, जिसका मोबाइल नंबर 80******90 है। अब मैं सारी बात शुरू से बता रहा हूं। मैं झलूर गांव SBSB पब्लिक स्कूल में पढ़ता था। यह एजेंट भी उसी स्कूल में पढ़ता था। मुझे मेरे दोस्तों से पता चला कि अपने स्कूल का ये स्टूडेंट विदेश भेजने के लिए फाइल लगाता है। एक दिन वह मुझे बरनाला कचहरी में मिल गया। मैंने इसके साथ बात की कि मैं बाहर किसी कंट्री में जाना चाहता हूं। इसने मुझसे कहा कि तेरे पास कौन-कौन से डॉक्यूमेंट्स हैं? मेरे पास जो डॉक्यूमेंट्स थे, मैंने उसे बता दिए। मैंने 12वीं पास की है। इसने मुझसे कहा कि तू 12वीं कर बाहर नहीं जा सकता। मैंने कहा कि कोई और रास्ता है? इसने मुझसे कहा कि तू IELTS कर ले। मैंने कहा कि मुझसे नहीं होगी। फिर वह बोला कि कोई IELTS वाली लड़की ढूंढ ले। मैंने कहा कि मेरे पास IELTS वाली कोई लड़की नहीं है। फिर मैंने उसे बताया कि गांव में एक लड़की है। उसने पूछा कि लड़की IELTS कर सकती है? मैंने कहा कि लड़की PTE कर रही है। एजेंट ने कहा कि लड़की के साथ शादी करवानी पड़ेगी। मैंने जवाब दिया कि गांव की लड़की के साथ शादी कैसे होगी? एजेंट बोला कि एक बार शादी कर ले और कनाडा चला जा। मैं तुम दोनों को तलाक करवा दूंगा। मैंने कहा कि ठीक है। लड़की ने PTE कर ली और हम दोनों ने शादी भी कर ली। शादी कराने वाले वकील का नंबर भी एजेंट ने ही दिया। फिर एजेंट ने कहा कि सर्टिफिकेट लेकर आओ, पहले स्टडी वीजा पर लड़की को बाहर भेजूंगा। उसके 6 महीने बाद उसने मेरी फाइल लगा दी। मैं डर रहा था तो एजेंट ने कहा कि तू डर मत, यह बात हम 3 लोगों के बीच में ही रहेगी। मैं, तेरी पत्नी गगनदीप और तेरे बीच। मैंने कहा ठीक है। एजेंट बोला फाइल लगाने के बाद पहले 4 लाख रुपए देने होंगे। मैं प्रोसेस शुरू करता हूं। इसके मन में शुरू से धोखाधड़ी थी। एजेंट ने कहा था कि मैं सारे पैसे अपनी तरफ से लगाउंगा। हमारी बात हुई कि GSE हमें करना है। बाकी जो कॉलेज फीस है, वह गगन के एकाउंट से देनी पड़ेगी। मैंने कहा ठीक है। सबकुछ ठीक चल रहा था। 8 महीने बात एजेंट कहता है कि गगन का रिफ्यूजल आ गया है। मैंने पूछा क्या बात है? एजेंट ने कहा कि मैं तेरे साथ हूं, टेंशन मत ले। मैंने कहा ठीक है। उसने कहा कि मैं तुम्हारी फाइल जॉर्जिया के लिए लगवा देता हूं। वहां भी कनाडा जैसा ही काम होता है। वहां मेरे दोस्त हैं। वे तुम्हें एयरपोर्ट से ले जाएंगे और काम दिलवाएंगे। मैं एजेंट की बातों में आ गया। उस समय मेरे पास कोई रास्ता नहीं था, क्योंकि मैंने शादी कर ली थी। एजेंट ने कहा कि 1 लाख 35 हजार डॉक्यूमेंट रेडी होने के लगेंगे। मैंने उससे कहा कि पहले जो मैंने 4 लाख रुपए दिए थे, उसका क्या? एजेंट ने कहा कि कोई बात नहीं। मैं दोनों का वीजा अलग करूंगा। मैंने कहा ठीक है। उसके बाद 10 महीने हो गए। मैं फोन लगाता रहा, और ये कोई न कोई बहाना बनाकर टालता रहा। एक दिन मुझसे कहता है कि 18-18 लाख रुपए का जुगाड़ कर सकते हो? मैं इटली भेज सकता हूं, लेकिन यह पेपर वीजा होगा। मैंने कहा कि वर्क वीजा पर जाऊंगा। पहले यह बताओ कि जॉर्जिया का क्या बना? एजेंट बोला कि अप्लाई कर दिया है। अगर वह पहले आ गया तो वहां चले जाना, लेकिन इटली तुम पति-पत्नी साथ जा सकते हो। इटली जाने के लिए पैसे जमा करने पड़ेंगे। मैंने कहा कि मैं नहीं कर सकता। एजेंट ने कहा कि 85 हजार रुपए जुटा लो। बरनाला थाने में पुलिस क्लियरेंस सर्टिफिकेट (PCC) कराओ। मैंने PCC कराने के भी 35 हजार रुपए दिए। मैंने ये पैसे भी इसलिए दिए ताकि पुलिसवाले मेरे घर न आएं। इसके बाद सब ठीक था, लेकिन 7 महीने तक कोई जवाब नहीं आया। मैंने एजेंट ने पूछा कि अब मेरे पास क्या रास्ता है? मेरे पास 1 किला जमीन थी, जो मैंने इसके 18-18 लाख रुपए मांगने पर बेच दी थी। मैंने उसे कई बार फोन किए, लेकिन उसकी ओर से कोई जवाब नहीं आया। एक दिन फोन कर बोला कि 15 दिन रुक जाओ, वीजा आएगा। मैंने उसकी बातों पर विश्वास कर लिया। 11 दिन बाद एजेंट का फोन आया कि दोनों का इटली का वर्क वीजा आ गया है। मैंने वीजा फोन पर देखा। मुझे नहीं पता था कि वह एडिट किया हुआ डॉक्यूमेंट था। उसके मन में शुरू से ही बेईमानी थी। उसने मुझसे 36 लाख रुपए लिए। चाहो तो मेरे फोन की रिकॉर्डिंग निकालकर देख लो। पैसे लेने के लिए ये मेरे गांव सेखां आता था। बाद में ये मुझे ब्लैकमेल करने लगा कि लड़की के घर सब कुछ बता दूंगा। हमारे पासपोर्ट भी इसी के पास हैं। मैंने उससे विनती कि तू ऐसा मत कर। उसने कहा कि एक हल और है कि तुम घर से चले जाओ। तब घर से जाना हमारी मजबूरी बन गया था। फिर मैंने अपने एक दोस्त से बात की। उसे सारी बात बताने के बाद एजेंट के कहने पर नेपाल की टिकट करवा ली। हम नेपाल चले गए। वहां जाकर भी एजेंट को वॉट्सऐप पर फोन करते रहे। इसके बाद एजेंट ने कहा कि तू जीरकपुर आ जा। मैंने टिकट कराए और जीरकपुर आ गया। जीरकपुर आए हमें 9 महीने हो गए, मैंने एजेंट को बहुत फोन किए लेकिन वह उठाता नहीं था। कभी नंबर ब्लॉक कर देता, कभी फोन उठाता तो कहता कि मैं तेरे पैसे दे दूंगा, मैंने भी किसी से आगे फाइल लगवाई थी। आज फिर उसने फोन नहीं उठाया। अगर मैं एजेंट को गुस्से में कुछ कहता तो वह कहता था कि मेरे पास क्या सबूत है कि मैंने तुझसे पैसे लिए हैं। मैंने तुझे जाली वीजे दिए हैं। मैं तेरे बारे में तेरे गांव वालों को बता दूंगा कि तूने गांव की लड़की से शादी की हुई है। तू मेरा कुछ नहीं कर सकता। तुझसे जो होता है तू कर ले। मैंने बहुत नंबरों से एजेंट से वॉट्सऐप कॉल पर बात की। इसकी स्क्रीन रिकॉर्डिंग और चैट भी हमारे पास है। एक बार एजेंट ने मुझे इटली वाले वीजे लेकर मिलने के लिए बुलाया। एजेंट ने कहा कि अगर ये जाली हुए तो मैं पैसे वापस लौटा दूंगा। मैं सिर्फ अपना वीजा लेकर गया। वहां एजेंट 4 और लोगों के साथ आया। उसने मेरा इटली वाला जाली वीजा ले लिया। उसके साथ आए 4 लोगों ने मुझे पीटा और मेरा आईफोन 14 प्रोमैक्स भी छीन लिया। उसने कहा कि गगनदीप वाला वीजा कहां है, मैंने कहा कि जहां मैं रहता हूं, वहीं है। एजेंट ने फिर धमकी दी कि जो करना है कर ले, तू मेरा कुछ नहीं कर सकता। उसने कहा कि तेरे फोन में डॉक्यूमेंट हैं, मैं फोन ही खत्म कर दूंगा। मैं उस वक्त पुलिस स्टेशन भी नहीं जा सकता था। एजेंट ने घर फोन कर दिया था तो मैं डर गया। मेरे पास वह सबूत अभी भी हैं। पत्नी गगनदीप का वीजा है, जिस पर एजेंट के फिंगर प्रिंट भी हैं कि इसने हमें वीजा दिया। एजेंट ने मुझे फोन पर एक फोटो भेजी थी, मुझे वीडियो भी भेजा, हमें ब्लैकमेल कर रहा है। यहां पढ़ें पूरा सुसाइड नोट
