मध्य प्रदेश में आंधी-बारिश के बीच पारे में गिरावट हुई है। गुरुवार को रीवा में पारा 34 डिग्री से नीचे आ गया, जबकि ग्वालियर, नौगांव, सीधी और सतना भी ठंडे रहे। कुछ जिलों में हल्की बारिश का दौर भी रहा। शुक्रवार को भी ग्वालियर समेत 21 जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट है। मौसम केंद्र भोपाल (IMD) के अनुसार- शुक्रवार को ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, सिवनी और बालाघाट जिलों में आंधी के साथ बारिश हो सकती है। वहीं, भोपाल, इंदौर, उज्जैन समेत प्रदेश के 34 जिलों में गर्मी का असर बना रहेगा। यहां पारा 40 डिग्री या इसके आसपास बना रहेगा। टीकमगढ़, नर्मदापुरम-श्योपुर में बारिश गुरुवार को नर्मदापुरम और श्योपुर में दिन में बारिश हुई। वहीं, ग्वालियर-चंबल, रीवा, शहडोल संभाग में कहीं बादल तो कहीं आंधी का दौर बना रहा। शाम को टीकमगढ़ में तेज बारिश दर्ज की गई। आंधी और बारिश वाले मौसम की वजह से प्रदेश के ज्यादातर शहरों में तापमान 40 डिग्री से नीचे रहा। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के 5 बड़े शहरों में ग्वालियर में सबसे कम 34 डिग्री दर्ज किया गया। भोपाल में 39.3 डिग्री, इंदौर में 39.9 डिग्री, जबलपुर में 40.1 डिग्री और उज्जैन में तापमान 41 डिग्री सेल्सियस रहा। नरसिंहपुर में पारा सबसे ज्यादा 42.4 डिग्री दर्ज किया गया। रतलाम, धार, नर्मदापुरम, खरगोन, खंडवा और श्योपुर में पारा 40 डिग्री के पार रहा। रीवा में सबसे कम 33.6 डिग्री, सतना-सीधी में 34.2 डिग्री, नौगांव में 34.6 डिग्री, दतिया-टीकमगढ़ में 35 डिग्री, खजुराहो में 35.2 डिग्री और पचमढ़ी में पारा 35.6 डिग्री रहा। इनमें से तीन जिले- टीकमगढ़, नर्मदापुरम और श्योपुर में शाम तक बारिश भी हुई। वहीं, देर रात तक 10 से अधिक जिलों में मौसम बदला रहा। दो दिन इसलिए बारिश के आसार
गुरुवार को प्रदेश में साइक्लोनिक सर्कुलेशन (चक्रवात)और ट्रफ की एक्टिविटी देखने को मिली। इस वजह से बारिश का दौर बना रहा। मौसम विभाग की माने तो अगले 4 दिन तक प्रदेश में उथल-पुथल वाला मौसम रहेगा। अगले 2 दिन तक कुछ जिलों में बारिश और आंधी चलने के आसार है। वहीं, 10 और 11 मई को पूरे प्रदेश में गर्मी पड़ेगी। 10 मई से नया सिस्टम एक्टिव हो रहा है। जिसका असर अगले 2-3 दिन बाद देखने को मिल सकता है। आठ दिन से बारिश का दौर
प्रदेश में गुरुवार को लगातार आठवें दिन भी आंधी-बारिश का दौर बना रहा। यानी, इस बार मई के शुरुआत सात दिन तक बारिश हुई है। 30 अप्रैल से ही गरज-चमक, आंधी और बारिश का दौर शुरू हो गया था। मौसम में बदलाव होने से गर्मी का असर कम हुआ है। प्रदेश के अधिकांश शहरों में दिन का तापमान 40 डिग्री से नीचे चल रहा है। अगले 3 दिन ऐसा रहेगा मौसम… 10 मई से नया सिस्टम
मौसम विभाग की माने तो अभी कुछ दिन तक प्रदेश में आंधी-बारिश का दौर बना रहेगा। वर्तमान में एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन (चक्रवात) प्रदेश के बीचों-बीच में एक्टिव है तो दूसरा ऊपरी हिस्से में है। एक ट्रफ भी पूर्वी हिस्से से गुजर रही है। इस वजह से मौसम बदला हुआ है। मई में MP के 5 बड़े शहरों में ऐसा ट्रेंड… भोपाल में गर्मी-बारिश का ट्रेंड
भोपाल में मई में मौसम के ट्रेंड की बात करें तो 10 साल में तेज गर्मी और बारिश दोनों का ही दौर रहा है। 2016 में पारा 46.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका, जो ओवरऑल रिकॉर्ड है। यहां इस महीने बारिश भी होती है। 2014 से 2023 तक हर साल बारिश हुई। 2021 और 2023 में 2 इंच से ज्यादा बारिश हो चुकी है। इस बार भी मई में बारिश का अलर्ट है। इंदौर में 2023 में गिरा था 3 इंच पानी
इंदौर में भी पारा 46 डिग्री के पार पहुंच चुका है। मौसम विभाग के अनुसार, 31 मई 1994 को इतना तापमान दर्ज किया गया था। इस महीने यहां भी मौसम में बदलाव देखने को मिलता है। इसके चलते बादल छाए रहते हैं तो बौछारें भी गिरती हैं। पिछले साल पूरे महीने 3 इंच बारिश हुई थी। वर्ष 2014 से 2023 के बीच 9 साल बारिश हो चुकी है। ग्वालियर में 48 डिग्री के पार पहुंच चुका पारा
ग्वालियर में गर्मी का ट्रेंड बाकी शहरों से अलग रहता है। यहां ज्यादा गर्मी पड़ती है। 10 साल में यहां पारा एक बार 47 डिग्री और 3 बार 46 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। 30 मई 1947 को 48.3 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया था। 17 मई 1953 को 24 घंटे में सर्वाधिक 41.9 मिमी, यानी डेढ़ इंच से अधिक बारिश हुई थी। 2023 में भी ढाई इंच पानी गिरा था। जबलपुर में 3 बार 45 डिग्री पार कर चुका तापमान
जबलपुर की बात करें तो यहां 25 मई 1954 को पारा 46.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। 10 साल में 3 बार टेम्परेचर 45 डिग्री सेल्सियस से अधिक भी रहा है। जबलपुर में मई में बारिश का ट्रेंड भी रहता है। 2014 से 2023 में हर साल बारिश हुई है। वर्ष 2021 में पूरे महीने 3 इंच से ज्यादा बारिश हुई थी। पिछले साल 2 इंच पानी गिरा था। उज्जैन में भी गर्मी, बारिश का ट्रेंड
उज्जैन में भी इस महीने गर्मी और बारिश का ट्रेंड रहता है। 22 मई 2010 को रिकॉर्ड 46 डिग्री सेल्सियस तापमान पहुंचा था। वहीं, 2014 से 2023 के बीच एक बार पारा 45 डिग्री के पार रह चुका है। हालांकि, पिछले साल पारा 42.4 डिग्री से ज्यादा नहीं गया था। इस महीने पौन इंच के करीब बारिश भी हुई थी।
