मऊगंज जिले में पुलिस ने नशीली दवाओं (सिंथेटिक ड्रग्स) के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। सोमवार दोपहर को पुलिस ने एमडी (MDMA) ड्रग बनाने वाली एक फैक्ट्री का खुलासा किया। शाहपुर थाना इलाके के बिझौली गांव में चल रही इस अवैध फैक्ट्री से 360 ग्राम संदिग्ध एमडी ड्रग, 300 लीटर से ज्यादा नशीला केमिकल, ड्रग बनाने की मशीनें और एक बोलेरो गाड़ी समेत करीब 1.28 करोड़ रुपए का सामान जब्त किया गया है। पुलिस ने मौके से चार आरोपियों को पकड़ा है। शुरुआती पूछताछ में पता चला है कि यहां बनने वाली ड्रग्स की सप्लाई मुंबई, नागपुर और महाराष्ट्र के दूसरे शहरों तक की जाती थी। एसपी सुरेंद्र कुमार जैन ने बताया कि मुखबिर से खबर पर बिझौली गांव में छापा मारा। मौके पर एमडी ड्रग बनाने का पूरा सेटअप चालू मिला, जिसके बाद आगे की कार्रवाई की गई। फैक्ट्री से मिली 360 ग्राम संदिग्ध एमडी ड्रग की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 1 करोड़ रुपए आंकी गई है। इसके अलावा 300 लीटर से ज्यादा केमिकल, ओवन मशीन, जनरेटर, वैक्यूम पंप, हीटर, मोटर, मोटर कंट्रोलर, तापमान मापने वाली मशीन, कांच के बड़े बर्तन (फ्लास्क) और एक महिंद्रा नियो बोलेरो गाड़ी जब्त की गई है। जब्त किए गए पूरे सामान की कुल कीमत करीब 1 करोड़ 28 लाख रुपए है। रीवा जिले के रहने वाले हैं गिरफ्तार आरोपी पुलिस ने मौके से जिन चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनमें रीवा जिले के सोनवर्षा का रहने वाला 26 साल का चंदन सिंह, लालगांव का 40 साल का अशोक गुप्ता, सोनवर्षा का 21 साल का पीकचंद्र यादव और गोविंदगढ़ इलाके के शुकुलगवां का रहने वाला 18 साल का ऋषभ सेन शामिल हैं। मुंबई के क्लब में काम करता था मुख्य आरोपी जांच में यह बात सामने आई है कि मुख्य आरोपी चंदन सिंह पहले मुंबई के बदलापुर में एक क्लब में काम करता था। वहीं उसने अपने एक साथी के साथ मिलकर एमडी ड्रग बनाने का तरीका सीखा था। करीब एक साल पहले जब मुंबई में वहां पुलिस का छापा पड़ा, तो वह फरार होकर मध्य प्रदेश आ गया। मार्च 2026 में उसने बिझौली गांव में यज्ञभान साहू का मकान तीन हजार रुपए महीने के किराए पर लिया। मकान मालिक को उसने झांसा दिया था कि वह पाइप लाइन जोड़ने वाला केमिकल बनाने का काम करेगा, लेकिन उसने अंदर ही अंदर नशीली ड्रग्स बनाना शुरू कर दिया। पूछताछ में आरोपियों ने कुबूल किया है कि यहां तैयार होने वाली ड्रग्स को मुंबई, नागपुर और महाराष्ट्र के अन्य हिस्सों में भेजा जाता था। पुलिस अब इस पूरे गिरोह के नेटवर्क, केमिकल सप्लायर और बाकी साथियों का पता लगाने में जुटी है। आरोपियों को कोर्ट में पेश कर पुलिस रिमांड पर लेने की तैयारी की जा रही है। शाहपुर थाने में इन सभी के खिलाफ एनडीपीएस (NDPS) एक्ट की धारा 8/22 के तहत केस दर्ज किया गया है।
