ग्वालियर में राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय में सोमवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के किसान संवाद कार्यक्रम में अव्यवस्था हावी रही। मुख्यमंत्री के पहुंचने से पहले सभागार की बिजली गुल हो गई, जिससे किसान मोबाइल की फ्लैशलाइट के सहारे अंधेरे में बैठे रहे। बिजली आने के बाद मुख्यमंत्री मंच पर पहुंचे तो कुछ ही देर में माइक ने भी जवाब दे दिया। किसानों से जुड़े वीडियो भी तकनीकी गड़बड़ी के कारण नहीं चल सके। कार्यक्रम खत्म होते ही खाने के पैकेट लेने के लिए किसानों में धक्का-मुक्की और छीना-झपटी की स्थिति बन गई। मुख्यमंत्री शाम को ग्वालियर पहुंचे थे। कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित संभागीय किसान संवाद कार्यक्रम में कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना, सामाजिक न्याय मंत्री नारायण सिंह कुशवाह, सांसद भारत सिंह कुशवाह समेत अन्य जनप्रतिनिधि भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री के आने से पहले गुल हो गई बिजली मुख्यमंत्री के मंच पर पहुंचने से पहले सभागार में अचानक बिजली चली गई और पूरा हॉल अंधेरे में डूब गया। किसान और अन्य लोग मोबाइल की फ्लैशलाइट जलाकर बैठे रहे। अधिकारियों ने बताया कि बिजली आपूर्ति को जनरेटर पर शिफ्ट किया जा रहा था। सीएम के हाथ में दिया माइक भी खराब बिजली आने के बाद मुख्यमंत्री का स्वागत किया गया, लेकिन कुछ ही देर में मंच पर लगे माइक बंद हो गए। मुख्यमंत्री के हाथ में दिया गया माइक भी काम नहीं कर रहा था। काफी देर तक व्यवस्था बहाल नहीं होने पर मंच संचालक को मुख्यमंत्री के सामने ही कहना पड़ा कि “विद्युत अवरोध है।” किसानों से जुड़े वीडियो भी नहीं चले कार्यक्रम में किसानों से जुड़े वीडियो दिखाए जाने थे। पहले कई बार टेस्टिंग के बावजूद मुख्यमंत्री की मौजूदगी में वीडियो ठीक से नहीं चल सके और बीच में ही बंद करने पड़े। अधिकारियों ने इसके लिए नेटवर्क संबंधी तकनीकी समस्या बताई। खाने के पैकेटों पर टूट पड़े किसान मुख्यमंत्री का काफिला निकलते ही किसान खाने के पैकेट लेने के लिए एक साथ पहुंच गए। पैकेट लेने के दौरान धक्का-मुक्की और छीना-झपटी जैसी स्थिति बन गई। कई किसान बाहर बैठकर भोजन करते नजर आए। किसानों से संवाद, प्राकृतिक खेती पर जोर मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में किसानों से संवाद किया और उन्नत, जैविक व प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की बात कही। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसान कल्याण वर्ष के तहत किसानों के हित में लगातार योजनाएं लागू कर रही है और दूध उत्पादन बढ़ाने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। 49 करोड़ की परियोजना की रखी आधारशिला मुख्यमंत्री ने कृषि विश्वविद्यालय में समन्वित कृषि प्रणाली (इंटीग्रेटेड फार्मिंग सिस्टम) इकाई का उद्घाटन किया। साथ ही करीब 49 करोड़ रुपए की हाईटेक नर्सरी एवं फ्लोरीकल्चर गार्डन परियोजना की आधारशिला रखी। कार्यक्रम में पीएमएफएमई योजना के हितग्राहियों को लाभ वितरित किए गए और बहुस्तरीय कृषि पद्धति इकाई का भी लोकार्पण किया।
