AIIMS दिल्ली के मेडिसिन विभाग में प्रोफेसर डॉक्टर नीरज निश्चल ने शनिवार को कहा कि हंतावायरस से डरने की जरूरत नहीं है, हमारे देश में अब तक कोई केस सामने नहीं आया है। उन्होंने कहा कि हंतावायरस कोविड की तरह नहीं फैल सकता है। ये बीमारी पहले से थी, लेकिन गुरुवार को शिप MV होंडियस में मिले वायरस की वजह से अब ये चर्चा में है। लेकिन भारत में अभी इसका कोई खतरा नहीं है। 7 मई: जिस जहाज पर हंतावायरस फैला, उस पर 2 भारतीय, 3 की मौत MV होंडियस एक डच एक्सपेडिशन क्रूज शिप है, जो अंटार्कटिका और दक्षिण अटलांटिक इलाकों में यात्राएं कराता है, लेकिन मई 2026 में यह जहाज एक गंभीर स्वास्थ्य संकट की वजह से अंतरराष्ट्रीय चर्चा में आ गया। जहाज पर हंता वायरस संक्रमण के कई मामले सामने आए। इस दौरान 3 यात्रियों की मौत हो गई। कई अन्य यात्री और क्रू सदस्य बीमार पड़ गए। कुछ लोगों को ICU में भर्ती करना पड़ा। जहाज को समुद्र में रोकना पड़ा, क्योंकि कई देशों ने तुरंत डॉकिंग की अनुमति नहीं दी। यह शिप 10 मई तक स्पेन के कैनरी आइलैंड तक पहुंच सकता है, जहां जहाज पर मौजूद सभी यात्रियों की जांच होगी। WHO ने कहा कि घटना गंभीर है, लेकिन फिलहाल आम लोगों के लिए खतरा कम माना जा रहा है। हंतावायरस से मौतों में एंडीज स्ट्रेन का शक WHO के मुताबिक हंतावायरस से हुई तीन मौत के मामलों में एंडीज स्ट्रेन का शक है, जो इंसानों के बीच भी फैल सकता है। एंडीज स्ट्रेन मुख्य रूप से दक्षिण अमेरिका के अर्जेंटीना और चिली में पाया जाता है। WHO ने बताया कि एंडीज स्ट्रेन बाकी हंतावायरस से अलग है। यह संक्रमित चूहों या उनके मल-मूत्र से तो फैलता ही है, लेकिन कुछ मामलों में इंसान से इंसान में भी फैल सकता है। हालांकि, यह संक्रमण कोरोना जितना तेजी से नहीं फैलता। जांच में पता चला है कि पहले दो पीड़ित दंपती जहाज पर चढ़ने से पहले चिली, अर्जेंटीना और उरुग्वे में बर्ड वॉचिंग ट्रिप पर गए थे। WHO के मुताबिक इन इलाकों में वायरस फैलाने वाले खास किस्म के चूहे पाए जाते हैं। अर्जेंटीना की एजेंसियां अब इस दंपती की यात्रा का पता लगा रही हैं। ——————————————– पूरी खबर पढ़ें… एआई चैटबॉट का झूठा दावा:ब्रिटेन से मेडिकल की पढ़ाई, 7 साल का अनुभव; फर्जी लाइसेंस नंबर भी दिया, पहली बार AI कंपनी पर मुकदमा क्या आप अपनी बीमारी के लक्षण गूगल पर सर्च करते हैं या इलाज के लिए किसी एआई चैटबॉट से सलाह ले रहे हैं? अगर हां, तो संभल जाइए। आप जिसे अपना हमदर्द डॉक्टर समझकर दिल की बात बता रहे हैं, दरअसल वह महज एक कोड और डेटा का पुलिंदा हो सकता है। पूरी खबर पढ़ें…
