एमपी में दलबदल के कारण कांग्रेस को सरकार गंवानी पड़ी थी। पिछले एक दशक में मंत्रियों, विधायकों से लेकर तमाम दिग्गज पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल हो चुके हैं। अब कांग्रेस टैलेंट हंट के जरिए प्रवक्ता, रिसर्च कॉर्डिनेटर और सोशल मीडिया के लिए टीम खोज रही है। कांग्रेस के इन पदों के लिए प्रदेश भर से करीब 5 हजार लोगों ने आवेदन किए हैं। इनमें से एक हजार लोगों को शॉर्टलिस्ट करके उनके इंटरव्यू किए जा रहे हैं। कांग्रेस प्रवक्ता, रिसर्च कॉर्डिनेटर और सोशल मीडिया टीम में शामिल होने के लिए इंजीनियर, वकील, लेखक, कवि, प्रोफेसर से लेकर डेटा साइंटिस्ट और आईआईटी पास आउट युवाओं ने ऑनलाइन आवेदन किए हैं। कांग्रेस से जुड़ने के इच्छुक विशिष्ट योग्यता धारी युवाओं से दैनिक भास्कर ने बातचीत की। IIT पासआउट स्वराज बोले: कांग्रेस हमारी शिक्षा और नॉलेज को समझेगी सीधी जिले के चुरहट के रहने वाले स्वराज सिंह बघेल ने दैनिक भास्कर को बताया मैं 2012 बैच का आईआईटी रूडकी से पास आउट हूं। उसके बाद मैंने कुछ समय तक कॉर्पोरेट सेक्टर में नौकरी की। यूपीएससी की तैयारी भी की। उसके बाद से कांग्रेस पार्टी से जुडा हुआ हूं। लोगों ने मुझसे पूछा कि ऐसी प्रोफाइल लेकर आप कांग्रेस पार्टी से ही क्यों जुड़े जबकि आपके पास कई और अच्छे अवसर थे।
पिता डिस्टिक्ट जज और मां प्रोफेसर रहीं स्वराज ने कहा- मैं ये बताना चाहता हूं कि मेरे जीवन के मूल्य हैं जो मेरे माता पिता ने मुझे बचपन से सिखाए हैं। मेरे पिता कानून के बहुत अच्छे ज्ञाता हैं वो डिस्टिक्ट जज रहे हैं। उन्होंने मुझे संविधान का महत्व बचपन से सिखाया है। वो कहते हैं कि संविधान में सबसे महत्वपूर्ण धारा आर्टिकल 19/1A के तहत अभिव्यक्ति की आजादी है। स्वराज ने कहा- आज की मोदी सरकार और मोहन सरकार अभिव्यक्ति की आजादी अलग-अलग कानूनों से छीनने पर तुली हुई है। चाहे वो नेशनल सिक्योरिटी एक्ट हो, चाहे यूएपीए हो, हर कानून से लोगों की आवाज और गला दबाने की कोशिश की जा रही है। मेरी मां एक रिटायर्ड प्रोफेसर हैं। उन्होंने मुझे शिक्षा की वैल्यू का महत्व समझाया है। हम लोग किसान हैं, हम अपने गांव में खेती करते हैं, सुबह से लेकर रात तक मेहनत करते हैं। मेरे गांव के स्कूल की हालत देख लेंगे तो समझ जाएंगे कि मोदी और मोहन सरकार का कितना ध्यान है। इन्हीं नीतियों के कारण मैं भाजपा के खिलाफ खड़ा हुआ हूं और मैं हमेशा इस प्रकार की नीतियां कोई भी पार्टी लाएगी तो मैं उसके खिलाफ खड़ा रहूंगा। यही कारण है कि मैं कांग्रेस पार्टी से जुड रहा हूं। टैलेंट हंट के माध्यम से अपने लिए एक जगह बनाने का प्रयास कर रहा हूं, जहां मेरे नॉलेज, शिक्षा को महत्व मिल सके जो लोगों के काम आए देश और प्रदेश के काम आए। सिविल सर्विस टीचर ने कहा: कांग्रेस के संघर्ष में मदद करना चाहता हूं सिविल सर्विस के टीचर स्वतंत्र सिंह चौहान ने कहा- मैं कई सालों से सिविल सर्विस के अभ्यर्थियों को पढ़ा रहा हूं। देश के अलग-अलग प्रांतों में जाकर मैंने युवाओं को सिविल सर्विस परीक्षाओं के लिए ट्रेनिंग दी है। कांग्रेस पार्टी से जुड़ने के पीछे का मकसद साफ है। देश की एक्टिव पॉलिटिक्स में युवाओं का आना बहुत जरूरी है। कांग्रेस हमें एक प्लेटफार्म देती है। जो देश के संवैधानिक मूल्यों के अनुकूल है। कांग्रेस ही वो पार्टी है जिसने संविधान, संवैधानिकता और संविधानवाद की स्थापना की। आधुनिक भारत की जनक, फ्रीडम स्ट्रगल की लेगेसी को रिप्रेजेंट करने वाली कांग्रेस पार्टी का देश की आर्थिक तरक्की में बहुत बड़ा योगदान है। आज पार्टी संघर्ष के दौर से गुजर रही है। ऐसे में मुझे लगता है कि मैं पार्टी के संघर्षकाल में जुड़कर जो छोटी-मोटी सेवाएं देकर पार्टी को मजबूत कर सकूं। स्वतंत्र सिंह चौहान कहते हैं, अगर इतिहास उठाकर देखें तो युवाओं को आवाज हमेशा विपक्ष ने ही दी है। चाहे 1975 हो, 1952 हो या 1960 हो इस देश के इतिहास को खंगालें तो दबी-कुचली आवाजों को हमेशा प्लेटफार्म विपक्ष ने दिया है। कांग्रेस पार्टी सिर्फ विपक्ष में नहीं हैं। कांग्रेस संविधान निर्माता है। यदि लालच होता तो सत्ताधारी दल के पास जाते। शायद सत्ताधारी दल को हमारी आवश्यकता नहीं हैं। क्योंकि आज उनके पास सब कुछ है। तो विपक्ष में रहकर बेहतर तरीके से हम वो काम कर सकते हैं जो देश के संविधान और लोकतंत्र के लिए जरूरी है। वकील बोले: 2004 से पार्टी में काम मांग रहा हूं, अब मौका मिलेगा कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता के लिए इंटरव्यू देने वाले विदिशा के कवि और लेखक एडवोकेट महेन्द्र वर्मा ने कहा- मैंने कांग्रेस के टैलेंट हंट में प्रदेश प्रवक्ता पद के लिए आवेदन किया है। मैं छात्र राजनीति के समय से ही एनएसयूआई से जुड़ा रहा। बीएससी एलएलबी की डिग्री ली है। मैं एडवोकेट, कवि और लेखक हूं। मेरी तीन पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। गुनगुनाओ गांधी- इसमें गांधी जी का पूरा जीवन आजादी आंदोलन कविता के रुप में लिखा है। महानता को नमन- इस किताब में देश और दुनिया के 112 महानतम लोगों पर मैंने लिखा है। एक किताब है गांधी तेरे नाम- इसमें देश की ज्वलंत समस्याएं और गांधी का आह्वान और गांधी से ही समाधान मांगा गया है। महेन्द्र वर्मा बताते हैं कि मैं एनएसयूआई का जिलाध्यक्ष रहा। दो बार एनएसयूआई का प्रदेश महामंत्री रहा। तीन बार एमपी यूथ कांग्रेस का महामंत्री रहा। दो बार पार्षद रहा। 2004 में पार्टी ने मुझे नगर पालिका अध्यक्ष का टिकट दिया। हमारे यहां दो वर्गों में झगड़ा हो गया मुझे भी चोट लगी थी मैं भोपाल में भर्ती रहा तो कुछ वोटों से वो चुनाव हार गया। कई समितियों में मैंने काम किया है।
पता नहीं क्यों 2004 के बाद मैं पार्टी से काम मांगता हूं कि मुझे काम दीजिए। अब मुझे उम्मीद जागी है कि राहुल गांधी जी ने जो टैलेंट हंट का प्रोग्राम दिया है उसमें हम जैसे मैदानी लोगों को मौका मिलेगा। टूर्नामेंट के नेशनल प्लेयर रहे प्रांजल बोले: देश के लिए कुछ करना है ऑस्ट्रेलिया की मेलबर्न यूनिवर्सिटी से एमबीए करने वाले ग्वालियर के प्रांजल तिवारी ने बताया- मैं बचपन से ग्वालियर में रहा हूं। यहीं मैंने 3 साल की उम्र से टेनिस खेलना शुरु किया। मैं मप्र से लेकर देश विदेश तक टेनिस खेलने के लिए गया। मैंने अफ्रीका, यूरोप में टूर्नामेंट खेले, नेपाल, बांग्लादेश में अपने देश का नाम अलग-अलग कैटेगरी में रोशन किया। पढ़ाई में अच्छा होने के कारण मुझे ऑस्ट्रेलिया में द यूनिवर्सिटी ऑफ मेलबर्न में पढ़ने का मौका मिला। वहां पर मैंने फायनेंस, मार्केटिंग और रियल स्टेट तीन चीजों में मेजर वर्क किया। जब मैं भारत वापस आया तो मैंने सोचा कि मैं अपने देश प्रदेश के लिए क्या कर सकता हूं। मैंने मप्र युवा कांग्रेस के चुनाव 2025 में इलेक्शन लड़ा प्रदेश महासचिव के चुनाव में अच्छे वोटों से जीता। पढ़े-लिखे युवाओं को राजनीति में आना चाहिए
प्रांजल कहते हैं कांग्रेस पार्टी के टैलेंट हंट मेरे जैसे युवाओं के लिए आयोजित किया गया है। जो समझते हैं कि पढ़े लिखे युवाओं को राजनीति में आगे आना चाहिए। राजनीति किसी भी बैरियर से बंद न रहे। कई बार पढ़े लिखे युवा आगे नहीं आ पाते। कांग्रेस पार्टी युवाओं को मौका देती है जहां हम अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करके खुद को आगे बढ़ा सकते हैं। कई जिलों के क्लस्टर बनाकर इंटरव्यू किए कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता अनिल यादव ने बताया कि टैलेंट हंट की शुरुआत ग्वालियर से की गई थी, जहां विभिन्न जिलों के क्लस्टर बनाकर इंटरव्यू आयोजित किए गए। इसी कड़ी में यह भोपाल में भी इंटरव्यू आयोजित किए गए हैं। अनिल यादव के मुताबिक, प्रतिभागियों में खासा उत्साह है, क्योंकि पहली बार किसी राष्ट्रीय पार्टी ने ऐसा मंच देने का काम किया है। उन्होंने बताया कि टैलेंट हंट के लिए हजारों लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया था, जिसके बाद स्थानीय और केंद्रीय टीम ने कई दौर की चर्चा के बाद चयनित प्रतिभागियों को इंटरव्यू के लिए बुलाया है। अब पूरी प्रक्रिया पढ़िए, किन पदों पर कैसे हो रहीं नियुक्तियां जिला संभाग से लेकर प्रदेश स्तर तक के लिए हो रहे इंटरव्यू टैलेंट हंट के जरिए प्रदेश, संभाग और जिला स्तर पर नए प्रवक्ताओं और रिसर्च कार्डिनेटरों की फौज तैयार की जा रही है। खास बात यह है कि इस चयन प्रक्रिया में किताबी डिग्री या अनुभव के बजाय ‘हुनर’ को पैमाना बनाया गया है। 16 फरवरी से शुरू हुआ था टैलेंट हंट इस टैलेंट हंट के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 16 फरवरी से शुरू हुई थी। उम्मीदवारों को फॉर्म भरने के लिए 28 फरवरी तक का समय दिया गया था। महज 12 दिनों के भीतर पूरे प्रदेश से 5000 से ज्यादा युवाओं ने इसके लिए रजिस्ट्रेशन कराया। स्कूटनी के बाद 1000 उम्मीदवार शॉर्टलिस्ट आवेदन आने के बाद विशेषज्ञों की टीम ने प्रारंभिक छंटनी (स्कूटनी) की, जिसमें से 1000 उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया है। इन उम्मीदवारों की योग्यता परखने के लिए पूरे प्रदेश को 5 जोन में बांटा गया है। हर जिले को मिलेगा अपना प्रवक्ता इस पूरी प्रक्रिया के बाद राज्य, संभाग और जिला स्तर पर तीन मुख्य पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। प्रवक्ता, रिसर्च कार्डिनेटर ये नियुक्तियां हर संभाग और हर जिले में की जाएंगी ताकि जमीनी स्तर पर मजबूती मिले।
