छिंदवाड़ा-नागपुर मार्ग पर सिमरिया के पास गुरुवार शाम करीब 7 बजे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सभा से लौट रही ओवरलोड बस और लहसुन से लदी पिकअप की आमने-सामने टक्कर में 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि 41 लोग घायल हो गए। मृतकों में 6 पुरुष, 3 महिलाएं और सात साल का एक बच्चा शामिल है। घायलों में 7 की हालत गंभीर है। एक महिला और एक बच्चे का हाथ कटकर अलग हो गया। बस में मोहखेड़ ब्लॉक की ग्वारा पंचायत के कोसमढाना, करेर और भंडारकुंड गांव के 51 लोग सवार थे, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे। 45 सीटर बस में क्षमता से अधिक लोगों के बैठने की बात सामने आई है। बस छिंदवाड़ा शहर के पुलिस ग्राउंड में आयोजित मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से लौट रही थी, जहां 506 करोड़ रुपए के 105 कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन हुआ था। हादसा कार्यक्रम स्थल से करीब 22 से 25 किमी दूर हुआ। टक्कर इतनी तेज थी कि कई लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। पिकअप चालक व क्लीनर की भी हादसे में जान गई। बस का फिटनेस सर्टिफिकेट साढ़े तीन साल पहले खत्म सीएम ने जताया दुख, मुआवजे का ऐलान मुख्यमंत्री ने हादसे पर शोक जताया। साथ ही मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख और घायलों को 1-1 लाख रुपए की सहायता देने की घोषणा की है। सभी घायलों के मुफ्त इलाज के निर्देश दिए गए हैं। जबलपुर से डॉक्टर्स के दल छिंदवाड़ा और नागपुर भेजने के निर्देश दिए हैं। इधर, कांग्रेस ने की न्यायिक जांच की मांग मध्यप्रदेश कांग्रेस ने सरकार पर निशाना साधते हुए मामले की न्यायिक जांच की मांग की है। पीसीसी चीफ ष जीतू पटवारी ने फेसबुक पोस्ट में आरोप लगाया कि कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों को प्रलोभन और दबाव के जरिए लाया गया, जिससे यह त्रासदी हुई।
