देवास जिला अस्पताल में इलाज के दौरान एक 15 वर्षीय किशोर के कूल्हे में इंजेक्शन की सुई फंस गई। गर्दन दर्द की शिकायत के बाद किशोर को अस्पताल लाया गया था। बाद में इंदौर में ऑपरेशन कर सुई को सफलतापूर्वक निकाला गया। परिजनों के अनुसार, सोमवार को समक्ष पिता रघुवीर सोनगरा को गर्दन में दर्द के इलाज के लिए जिला अस्पताल लाया गया था। इमरजेंसी में इंजेक्शन लगाने के दौरान नीडल का करीब 4 से 5 सेंटीमीटर हिस्सा उसके कूल्हे के अंदर चला गया। अस्पताल स्टाफ और डॉक्टरों ने मौके पर सुई निकालने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। कोशिश के बाद भी नहीं निकल सकी
जिला अस्पताल में करीब डेढ़ घंटे तक ऑपरेशन कर सुई निकालने की कोशिश की गई और एक्स-रे सहित अन्य जांचें भी कराई गईं। हालांकि, सुई नहीं निकाली जा सकी। इसके बाद किशोर को टांके लगाकर इंदौर रेफर कर दिया गया। इंदौर पहुंचने के बाद मंगलवार को विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने एक घंटे तक चले ऑपरेशन के बाद किशोर के कूल्हे में फंसी नीडल को सफलतापूर्वक बाहर निकाल लिया। इस घटना के बाद परिजनों ने राहत महसूस की।
जन्मदिन वाले दिन इंदौर में हुआ ऑपरेशन
किशोर के पिता रघुवीर दरबार ने जिला अस्पताल की इस घटना की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। परिजन रजत ने भी सवाल उठाया कि इंजेक्शन लगाते समय पूरी नीडल मरीज के शरीर के अंदर कैसे चली गई। उन्होंने कलेक्टर से शिकायत करने की बात कही है। गौरतलब है कि जिस दिन इंदौर में किशोर का ऑपरेशन सफल हुआ, उसी दिन उसका जन्मदिन भी था। इस घटना ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
