प्रदेश प्रदेश में अब घर खरीदना और बनाना दोनों पहले से ज्यादा महंगा होने जा रहा है। केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड ने 2026-27 की नई कलेक्टर गाइडलाइन को मंजूरी दे दी है। यह नई दरें 1 अप्रैल से लागू होंगी और सीधे आम लोगों की जेब पर असर डालेंगी। इस बार प्रदेश की 1 लाख 5 हजार लोकेशन में से करीब 65 हजार जगहों पर प्रॉपर्टी के रेट बढ़ाए गए हैं। यह बढ़ोतरी 5% से लेकर 181% तक है। औसतन दरों में 16% की वृद्धि हुई है। पिछले साल यह औसत 13% था, यानी इस बार 3% ज्यादा बढ़ोतरी हुई है। हालांकि 38 हजार 396 लोकेशन ऐसी भी हैं, जहां कोई बदलाव नहीं किया गया है। भोपाल की बात करें तो यहां 2175 लोकेशन दर्ज हैं। इनमें से 740 पर प्रॉपर्टी के रेट बढ़ाए गए हैं। यहां 1% से लेकर 181% तक की बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। निगम क्षेत्रों में निर्माण दर में एक हजार रुपए का इजाफा
सिर्फ जमीन ही नहीं, अब मकान बनाना भी महंगा होगा। सरकार ने निर्माण दर बढ़ा दी है। नगर निगम क्षेत्रों में दर ₹13,000 से बढ़ाकर ₹14,000 प्रति वर्ग मीटर कर दी गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में यह ₹6,000 से बढ़कर ₹7,000 हो गई है। इसका असर सीधा दो तरह से पड़ेगा। पहला, मकान बनाने की लागत बढ़ेगी। दूसरा, प्रॉपर्टी की वैल्यू बढ़ने से रजिस्ट्री और स्टाम्प ड्यूटी भी ज्यादा देनी होगी। यानी अब घर खरीदना ही नहीं, बनाना भी महंगा सौदा हो गया है। गौरतलब है कि निर्माण दर वह मानक लागत है, जो सरकार प्रति वर्ग मीटर मकान निर्माण के लिए तय करती है, जिससे प्रॉपर्टी वैल्यू और रजिस्ट्री तय होती है।
