शहडोल जिले में 24 घंटे में जंगली जानवरों के हमले में दो लोगों की मौत हुई है। बुधवार रात पपौंध थाना क्षेत्र के छतवा गांव में बाघ के हमले में 60 वर्षीय राजेंद्र प्रसाद यादव की जान चली गई। इससे एक दिन पहले ब्यौहारी क्षेत्र में तेंदुए ने 15 साल की किशोरी को मार डाला था। ग्रामीणों ने वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है। भैंसों की तलाश में जंगल गए थे राजेंद्र ताजा मामला पपौंध थाना क्षेत्र के ग्राम छतवा के झील टोला का है। बुधवार रात करीब 11:30 बजे राजेंद्र प्रसाद यादव (60), पिता शिवशंकर यादव, अपनी भैंसों की तलाश में गांव के पास जंगल की ओर गए थे। इसी दौरान पनपथा बफर जोन क्षेत्र में बाघ ने उन पर हमला कर दिया। हमले में उनकी मौके पर ही मौत हो गई। काफी देर तक राजेंद्र के घर नहीं लौटने पर परिजनों को चिंता हुई। गुरुवार को घटना की जानकारी पुलिस तक पहुंची। सूचना मिलने पर पपौंध पुलिस मौके पर पहुंची और वन विभाग को भी सूचना दी गई। पुलिस के मुताबिक, मृतक के शरीर पर मिले निशानों के आधार पर परिजन और ग्रामीण उनकी मौत बाघ के हमले में होने की बात कह रहे हैं। एक दिन पहले तेंदुए ने किशोरी को बनाया था शिकार इस घटना से एक दिन पहले ब्यौहारी क्षेत्र में तेंदुए के हमले में 15 वर्षीय किशोरी की मौत हुई थी। किशोरी अपनी बहन के साथ घर की परछी में सो रही थी। तड़के तेंदुआ उसे उठाकर ले गया था। बाद में घर से करीब 300 मीटर दूर झाड़ियों में उसका क्षत-विक्षत शव मिला था। लगातार दो घटनाओं के बाद जंगल से लगे गांवों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों की सुरक्षा और वन विभाग की निगरानी को लेकर सवाल उठ रहे हैं। परिजनों ने मांगा मुआवजा राजेंद्र यादव की मौत के बाद परिजनों ने वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया और उचित मुआवजे की मांग की। वन विभाग के अधिकारियों ने नियमानुसार कार्रवाई और सहायता का आश्वासन दिया है। पनपथा बफर जोन के एसडीओ फॉरेस्ट भूरा गायकवाड़ सहित वन विभाग का अमला घटनास्थल पर मौजूद है। यह खबर भी पढ़ें… बहन संग सो रही बच्ची को उठा ले गया तेंदुआ:घर से 300 मीटर दूर झाड़ियों में मिला शव; मां अंदर सो रही थी, नहीं लगा था दरवाजा शहडोल जिले के ब्यौहारी थाना क्षेत्र में बुधवार तड़के तेंदुआ 15 साल की बच्ची को घर से उठा ले गया। परिवार ने तलाश की तो उसका शव घर से करीब 300 मीटर दूर झाड़ियों में मिला। डीएफओ तरुणा वर्मा ने घटना स्थल पर तेंदुए के पगमार्क मिलने की पुष्टि की है। मृतका की पहचान तगावर गांव निवासी सरस्वती सिंह गोंड के रूप में हुई है। वह अपनी बहन के साथ घर के बाहर बनी परछी में सो रही थी, जबकि मां अंदर कमरे में थी। घर में दरवाजा नहीं लगा था। सुबह बहन की नींद खुली तो सरस्वती बिस्तर पर नहीं मिली। उसने मां को जगाया। मां-बेटी ने आसपास तलाश की तो कुछ दूरी पर कंबल मिला। इसके बाद खोजबीन के दौरान झाड़ियों में सरस्वती का शव मिला। पढ़ें पूरी खबर
