मध्यप्रदेश में ग्रामीण इलाकों में नवरात्र पर्व के दौरान अघोषित बिजली कटौती की समस्या दूर करने के लिए ऊर्जा विभाग बिजली खरीदी के नए अनुबंध कर रहा है। इसी क्रम में मंगलवार को ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर और प्रमुख सचिव ऊर्जा मनीष सिंह की मौजूदगी में मध्यप्रदेश पावर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड (एमपीपीएमसीएल) और एनटीपीसी के बीच विद्युत क्रय अनुबंध (PPA) हुआ। इसके तहत मध्यप्रदेश को छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में स्थित एनटीपीसी की लारा चरण-III परियोजना से 800 मेगावाट बिजली मिलेगी। 2031-32 से मिलने लगेगी बिजली एनटीपीसी की लारा चरण-III परियोजना की क्षमता 2×800 मेगावाट है। अनुबंध के अनुसार, मध्यप्रदेश को इस परियोजना से 800 मेगावाट बिजली मिलेगी। वर्ष 2031-32 तक राज्य को इस संयंत्र से बिजली मिलनी शुरू हो जाएगी। 4.97 रुपए प्रति यूनिट की अनुमानित दर अनुबंध के मुताबिक, मध्यप्रदेश को लारा-III परियोजना से करीब 4.97 रुपए प्रति यूनिट की अनुमानित दर पर बिजली उपलब्ध होगी। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि राज्य सरकार प्रत्येक उपभोक्ता को गुणवत्तापूर्ण और सस्ती बिजली उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। यह अनुबंध कृषि, उद्योग और घरेलू क्षेत्रों में बिजली की बढ़ती मांग पूरी करने में मददगार होगा। कैप्टिव खदान से मिलेगी कोयले की आपूर्ति लारा परियोजना की खासियत यह है कि संयंत्र कोयला खदान के नजदीक स्थित है। इसे एनटीपीसी की अपनी कैप्टिव खदान से कोयला मिलेगा। इससे कोयले की ढुलाई का खर्च कम होगा और ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित होने से बिजली उत्पादन और आपूर्ति अधिक विश्वसनीय हो सकेगी। ये अधिकारी रहे मौजूद कार्यक्रम में सचिव ऊर्जा विशेष गढ़पाले, एनटीपीसी दिल्ली के सीजीएम (कमर्शियल) एएस पांडे, जीएम संदेश जायसवाल, रायपुर के एजीएम (कमर्शियल) भूपेश कुमार और एमपीपीएमसीएल के सीजीएम (कमर्शियल) आरबी सक्सेना मौजूद रहे।
