Homeमध्यप्रदेश6800 रुपए के केमिकल से बनी शराब, 13 जानें गईं:लाइसेंसी पेटियों के...

6800 रुपए के केमिकल से बनी शराब, 13 जानें गईं:लाइसेंसी पेटियों के बीच नकली मिलाकर सप्लाई; लोग बोले- सालभर आधी रात को भी उपलब्ध

मध्यप्रदेश के देवास शराब कांड में नया खुलासा हुआ है। जिस केमिकल को मिलाकर बनी शराब पीने से 13 लोगों की मौत हुई, वह 6800 रुपए में इंदौर से खरीदा गया था। आरोपी लाइसेंसी दुकानों से साठगांठ कर अवैध रूप से पेटी खरीदकर लाते थे। पेटियों के बीच नकली शराब की बोतलें मिलाकर सप्लाई करते थे। बेचने का काम विनोद जायसवाल चंदाना स्थित अपने घर से करता था। यहां सालभर सुबह 6 बजे से रात 12 बजे तक शराब उपलब्ध हो जाती थी। इस मामले में अब तक 11 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर नेटवर्क के बारे में पता कर रही है। इस बीच, दैनिक भास्कर की टीम चंदाना गांव पहुंची। यहां जानने की कोशिश की कि शराब सप्लाई का नेटवर्क कैसे खड़ा किया। पढ़िए रिपोर्ट … टीनशेड का घर, सालभर शराब उपलब्ध गांव के बीचों बीच विनोद जायसवाल का घर है। वह यहां परिवार समेत रहता है। मौतों के बाद दोनों दरवाजों पर ताला जड़ा है। अब यहां सन्नाटा है। एक दरवाजे पर बल्ब जल रहा है। ग्रामीणों की मानें, तो पिछले 40 साल से अवैध रूप से शराब का धंधा चल रहा है। यहां सालभर शराब उपलब्ध रहती थी। छुट्टी हो या त्योहार, सप्लाई बंद नहीं होती थी। लाइसेंसी दुकानों की तुलना में कम कीमत पर मिलने के कारण चंदाना के अलावा आसपास के गांवों के लोग भी यहां से शराब ले जाते थे। उसके बारे में ग्रामीण खुलकर बोलने को तैयार नहीं हैं। विनोद का इसी मकान से लगा दूसरा तीन मंजिला मकान बन रहा है। इसका निर्माण कार्य भी चल रहा है। कमाई का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मकान में सेंट्रलाइज्ड एयर कंडीशंड सिस्टम लगवा रहा था। कार्रवाई के बाद काम बंद है। ऐसे खड़ा किया अवैध शराब सप्लाई का नेटवर्क विनोद मूल रूप से चंदाना गांव का ही रहने वाला है। उसके तीन दोस्त अजय राठौर, गोविंद और रामेश्वर सोनगरा हैं। चारों दोस्त आसपास की लाइसेंसी शराब दुकानों के मैनेजर, कर्मचारियों और सेल्समैन से साठगांठ कर अवैध रूप से शराब की पेटियां बाइक पर रखकर लाते थे। विनोद समेत आसपास के गांव में सप्लाई करते थे। शराब की पेटियों को विनोद के घर इकट्‌ठा किया जाता था। घर से शराब बेचने का काम विनोद का था। साथ ही, सेल्समैन के माध्यम से गांवों में शराब बेची जाती थी। इसका भी पूरा सिस्टम बना रखा था। एक डायरी में इसका रिकॉर्ड भी दर्ज होता था। गोविंद फिलहाल फरार है। फिर आया शराब बनाने का आइडिया इस बीच, अजय के दिमाग में शराब बनाने का आइडिया आया। कोतवाली थाना प्रभारी शशिकांत चौरसिया के मुताबिक अजय ने पुलिस को बताया कि AI के जरिए कई बार सर्च कर शराब बनाने का तरीका सीखा। कबाड़ी से खाली बोतलें खरीदीं। उसने बाकी दोस्तों को भी अपने साथ मिला लिया। लाइसेंसी शराब की बोतलों के साथ अपने माल को भी खपाना शुरू कर दिया। जब मौतें होने लगीं, तो सभी फरार हो गए। इंदौर से खरीदा था पेंट में मिलाने वाला थिनर पुलिस ने इंदौर के केमिकल व्यापारी अमन कासलीवाल को भी गिफ्तार किया है। अमन के पिता आनंद कासलीवाल ने बताया कि 30 अक्टूबर को गोविंद के नाम से 220 किलो यानी एक ड्रम थिनर सप्लाई किया था। इसकी 6800 रुपए की बिल्टी भी है। गोविंद ने पहली बार यहां से माल खरीदा था। यह पेंट को पतला करने के काम आता है। आनंद ने बताया कि हम ग्राहक से यह नहीं पूछते कि वह किस काम के लिए ले जा रहा है। हमारे यहां से कई राज्यों से पेट्रो केमिकल सप्लाई किया जाता है। गोविंद पहली बार माल खरीदकर ले गया था। पुलिस को आशंका है कि थिनर से ही आरोपियों ने शराब बनाई थी। पहले भी पकड़ा गया, फिर शुरू कर देता धंधा बताया जा रहा है कि विनोद को अवैध शराब बेचने के मामले में पहले भी कई बार पकड़ा जा चुका था, लेकिन कार्रवाई के बाद वह फिर सक्रिय हो जाता था। अब चंदाना में शराब से हुई मौतों के बाद विनोद फरार हो गया था। वह साथी के साथ कार से देवास छोड़ने की फिराक में था। पुलिस ने नाकाबंदी कर प्रताप नगर-आंबेडकर नगर क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। 27 सितंबर से शुरू हुआ मौतों का सिलसिला ग्रामीणों के अनुसार, मौतों की शुरुआत 27 सितंबर को हुई जब किशोर परमार की जान गई। इसके बाद अक्टूबर में लगातार 30 से 40 वर्ष की आयु के युवाओं की मौतें दर्ज की गईं। शराब पीने के बाद पीड़ितों को पेट दर्द, चक्कर आना, घबराहट, उल्टी की शिकायत हुई और कुछ ही घंटों में उनकी जान चली गई। उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। यह भी पढ़ें- शराब पी, सुबह उठे नहीं, 20 दिन में 13 मौतें सागर के बाद अब देवास जिले में संदिग्ध जहरीली शराब से मौतों का बड़ा मामला सामने आया है। जिला मुख्यालय से करीब 7 किलोमीटर दूर स्थित चंदाना और पास के बिंजाना गांव में 20 दिन के भीतर मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि दोनों गांवों में अब तक 13 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है, जबकि कई लोगों की आंखों की रोशनी प्रभावित हुई है। पढ़ें पूरी खबर

Stay Connected
16,985FansLike
2,458FollowersFollow
61,453SubscribersSubscribe
Must Read
Related News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here