भीमपुर परमाणु ऊर्जा संयंत्र के लिए पानी का इंतजाम करने की दिशा में 17 साल बाद बड़ी प्रगति हुई है। सिंध नदी पर प्रस्तावित मोहनगढ़ बांध के लिए तीन स्थानों का सर्वे पूरा हो गया है। इनमें मोहनगढ़ की तीसरी लोकेशन सबसे उपयुक्त पाई गई है। यहां बांध बनाने पर करीब 1,488 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। निर्माण से 784 परिवार प्रभावित हो सकते हैं। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर प्रस्ताव भोपाल भेज दिया गया है। अब इसे तकनीकी मंजूरी के लिए केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी), दिल्ली भेजा जाएगा। केंद्र सरकार ने 2009 में भीमपुर में 2,800 मेगावाट क्षमता के परमाणु ऊर्जा संयंत्र को सैद्धांतिक मंजूरी दी थी। इसमें 700-700 मेगावाट की चार इकाइयां प्रस्तावित हैं। संयंत्र को हर साल 159 मिलियन घनमीटर पानी की जरूरत होगी। इसकी पूर्ति के लिए मड़ीखेड़ा बांध के ऊपरी हिस्से में सिंध नदी पर मोहनगढ़ बांध बनाने की योजना है। मानसून के दौरान नदी में आने वाला अतिरिक्त पानी बांध में जमा किया जाएगा, ताकि संयंत्र को सालभर पानी मिल सके। हालांकि, बांध को तकनीकी मंजूरी मिलने और निर्माण शुरू होने की समय-सीमा अभी तय नहीं है। भीमपुर परमाणु ऊर्जा संयंत्र को सालाना 159 मिलियन घनमीटर पानी चाहिए। लोकेशन-3 क्यों चुनी, बांध कितना सुरक्षित?
1. कम लागत, कम विस्थापन : सर्वे में शामिल तीनों स्थानों में लोकेशन-3 पर निर्माण लागत सबसे कम आंकी गई है। यहां करीब 784 परिवार प्रभावित होंगे। वन विभाग की अनुमति में अड़चन आने पर ही दूसरी जगह पर विचार किया जाएगा।
2. हर साल जमा होने वाली गाद का आकलन : केंद्रीय जल आयोग की 2021 की गाइडलाइन के अनुसार, बांध में सालाना 1.63 से 1.84 मिलियन घनमीटर गाद जमा होने का अनुमान है। इसे ध्यान में रखकर जलाशय की क्षमता का आकलन किया गया है।
3. अगले 100 साल की जरूरत पर अध्ययन : बांध पर अगले 50 से 100 वर्षों में पड़ने वाले संभावित प्रभावों का अध्ययन किया गया है, ताकि लंबे समय तक जल भंडारण की व्यवस्था बनी रहे।
^मोहनगढ़ बांध के लिए सर्वे पूरा कर लोकेशन चिह्नित करने का प्रस्ताव वरिष्ठ अधिकारियों को भेज दिया है। राजस्थान के रावतभाटा परमाणु परियोजना का दौरा भी किया है। अब आगे की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जा रहा है। -नवीन कुमार शाक्य, कार्यपालन यंत्री, सिंध परियोजना पक्का बांध संभाग, शिवपुरी
