मंदसौर जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग की सुस्ती के बीच पुलिस ने नकली दूध और घी बनाने वाले नेटवर्क पर बड़ा प्रहार किया है। दो दिनों के भीतर शामगढ़ और सुवासरा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। दोनों स्थानों से भारी मात्रा में मिलावटी सामग्री बरामद की गई है, जिसमें 91 कट्टे मिल्क पाउडर, 10 कट्टे यूरिया, पाम ऑयल, वनस्पति घी, लिक्विड सोप, प्रोसेसिंग मशीनें, गैस सिलेंडर और गाढ़ा मिक्सर शामिल हैं। शामगढ़ पुलिस ने डूंगरखेड़ी स्थित ठिकाने से फरार चल रहे सगे भाइयों कृष्णपाल सिंह और शिवराज सिंह को गिरफ्तार किया। आरोपी इंदौर से केमिकल व कच्चा माल लाकर अपने बाड़े में कृत्रिम दूध तैयार करते थे और इसे उज्जैन के घोसला क्षेत्र स्थित एक प्रसिद्ध मिल्क प्लांट में खपाते थे। पुलिस ने इस मामले में बीएनएस की गंभीर धाराओं के साथ गैर-इरादतन हत्या के प्रयास की धारा 110 के तहत प्रकरण दर्ज किया है। वहीं सुवासरा पुलिस ने खेजड़िया भूप में संचालित नकली दूध-घी की फैक्ट्री के मुख्य आरोपी पीरू सिंह और राम सिंह को गिरफ्तार किया, जो पिछले दो साल से गरोठ व आसपास के अंचल में जहरीला दूध सप्लाई कर रहे थे। स्वास्थ्य से खिलवाड़, कैसे बनता है नकली दूध
नकली दूध बनाने के लिए व्हे पाउडर में खतरनाक केमिकल, डिटर्जेंट और पाम ऑयल का मिश्रण तैयार किया जाता है। फैट और एसएनएफ (SNF) की मात्रा बढ़ाने के लिए इसमें यूरिया मिलाया जाता है। यह जहरीला दूध सीधे लिवर और किडनी को नुकसान पहुंचाता है। लंबे समय तक इसके सेवन से कैंसर जैसी गंभीर बीमारियां होने का खतरा रहता है।
