मध्य प्रदेश की राजनीति, नौकरशाही और अन्य घटनाओं पर चुटीली और खरी बात का वीडियो (VIDEO) देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। इन खबरों को आप पढ़ भी सकते हैं। ‘बात खरी है’ मंगलवार से रविवार तक हर सुबह 6 बजे से दैनिक भास्कर एप पर मिलेगा। भाजपा की गुटबाजी पर जीतू पटवारी का तंज
मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भाजपा सरकार में मंत्रियों के बीच चल रही कथित खटपट को लेकर तंज कसा है। इंदौर में किसी का नाम लिए बिना उन्होंने कहा कि यहां के प्रभारी मंत्री, जो मुख्यमंत्री हैं, और नगरीय प्रशासन मंत्री के बीच लात-घूंसे चल रहे हैं, बस दिखाई नहीं दे रहे। दोनों के बीच गाली-गलौज हो रही है, लेकिन सिर्फ सुनाई नहीं दे रही है। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को लेकर उन्होंने कहा कि इंदौर के भाजपा विधायक मानने को ही तैयार नहीं हैं कि ये मंत्री हैं। पटवारी ने आगे कहा कि अंतर्कलह में डूबी भाजपा प्रदेश का भला नहीं कर सकती, क्योंकि अहंकार में डूबे नेता एक-दूसरे की टांग खींचने में लगे हैं। जीतू पटवारी के इस बयान पर अब लोग चुटकी ले रहे हैं। कह रहे हैं कि जहां तक गुटबाजी का सवाल है, कांग्रेस का हाल भी भाजपा से कुछ जुदा नहीं है। जीतू पटवारी को याद आया चुनावी हार का दर्द
कुछ जख्म ऐसे होते हैं, जो कभी भरते नहीं। रह-रहकर दर्द देते हैं। मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के साथ भी कुछ ऐसा ही नजर आया। पटवारी इंदौर में संगीत के एक कार्यक्रम में पहुंचे थे। यहां बातों-बातों में उन्हें अपनी चुनावी हार का दर्द याद आ गया। उन्होंने कहा- साइकिल वाला भी कैसे हारता है, देखा है मैंने। जैसे ही कोई मुझे कहता है कि साइकिल से आता था, भाभी-भाभी कहता था, फिर भी हार गया। ये मुझे याद आता है। चुनावी हार का दर्द बयां करने के बाद पटवारी ने फिल्मी गाने की एक लाइन बोलकर खुद को समझाया कि कोई बात नहीं… जिंदगी की यही रीत है… हार के बाद ही जीत है…। कांग्रेस को लेकर अजय सिंह ने जताई चिंता
भाजपा की लगातार जीत कांग्रेस नेताओं के लिए किसी पहेली से कम नहीं है। पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह भी इस पर हैरान नजर आए कि तमाम समस्याओं के बावजूद वोट भाजपा के पक्ष में क्यों जाते हैं। उन्होंने कहा कि सड़क, बिजली से लेकर भ्रष्टाचार तक कई समस्याएं हैं। इसके बावजूद जब वोट देने की बारी आती है, तो भाजपा के अलावा किसी और को वोट नहीं मिलते। उन्होंने कहा कि यह समझ से परे है। दरअसल, सिंगरौली में एक पत्रकार ने उनसे सड़क, बेरोजगारी और दूसरी समस्याओं को लेकर सवाल किया था। जिसे लेकर उनका अलग की दर्द फूट पड़ा। इससे पहले, एक पत्रकार वार्ता में उन्होंने इस बात को लेकर चिंता जताई कि 2028 में कांग्रेस को मध्य प्रदेश की सत्ता से बाहर रहते हुए 25 साल हो जाएंगे। अगर इस बार भी पार्टी नहीं जीती, तो फिर अपने को कोई पूछेगा नहीं। और अब अंदर की बात.. दूर हो गईं IAS अफसर की गलतफहमियां
मध्य प्रदेश में एक IAS अफसर बड़ी-बड़ी डींगें हांक रहे थे। दावा कर रहे थे कि उन्हें प्रदेश के चार महानगरों में से किसी एक में कलेक्टरी मिलेगी। वे खुद को ‘सरकार’ के करीबी बता रहे थे। लेकिन हाल ही में जब ट्रांसफर लिस्ट जारी हुई, तो उनकी तमाम गलतफहमियां दूर हो गईं। कलेक्टर तो बने, लेकिन किसी बड़े महानगरीय जिले के नहीं, बल्कि एक छोटे जिले के। अब अधिकारी अपनी इस पोस्टिंग को सही ठहराने में जुटे हैं। कह रहे हैं कि सरकार ने उन्हें इस जिले की व्यवस्थाएं सुधारने की खास जिम्मेदारी सौंपकर भेजा है। बता दें कि ये वही अधिकारी हैं, जो एक बड़े नगर निगम में कमिश्नर रह चुके हैं। वहां एक बड़ी घटना के बाद उन्हें हटाकर लूप लाइन में भेज दिया गया था। इनपुट सहयोग – अमित सालगट (इंदौर), राज द्विवेदी (सिंगरौली) ये भी पढ़ें –
मंत्री को भाया अफसर का भाषण, कहा-इन्हें नेता बनना चाहिए; कांग्रेस विधायक बोले-भाजपाइयों को खटमल जैसे मसल देंगे हाल ही में अपर मुख्य सचिव, नगरीय विकास एवं आवास विभाग संजय दुबे ने प्रदेश के नगरीय निकायों में भ्रष्टाचार उजागर किया था। अब विभाग के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने जब मंच से इसी अधिकारी की तारीफ की, तो उनका बयान चर्चा में आ गया। विजयवर्गीय ने अधिकारी से कहा कि वे रिटायरमेंट के बाद अच्छे नेता बन सकते हैं। पूरी खबर पढ़ें
