नर्मदा परिक्रमा कर चुके रिटायर्ड आईएएस अधिकारी ओमप्रकाश श्रीवास्तव को मोहन सरकार ने राज्य आनंद संस्थान का सीईओ बनाया है। वहीं, रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी राजेश कुमार हिंगणकर को एक बार फिर मुख्यमंत्री कार्यालय में विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी (ओएसडी) की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्हें एक साल के लिए संविदा सेवा वृद्धि दी गई है। मोहन कैबिनेट की मंगलवार को हुई बैठक में आनंद विभाग की ओर से ओमप्रकाश श्रीवास्तव को राज्य आनंद संस्थान के सीईओ पद पर संविदा नियुक्ति देने का प्रस्ताव लाया गया था। कैबिनेट ने इसे मंजूरी दे दी है। अब जल्द ही सामान्य प्रशासन विभाग इसके आदेश जारी करेगा। गृह विभाग का जिम्मा संभाल चुके हैं ओमप्रकाश श्रीवास्तव ओमप्रकाश श्रीवास्तव शिवपुरी, रीवा समेत कई जिलों में कलेक्टर रहे हैं। उन्होंने गृह विभाग के सचिव, आबकारी आयुक्त और जनसंपर्क आयुक्त की जिम्मेदारी भी निभाई है। श्रीवास्तव ने पिछले साल अपनी पत्नी के साथ नर्मदा परिक्रमा शुरू की थी और इसे सफलतापूर्वक पूरा किया। इसके अलावा वे साहित्यिक पुस्तकें भी लिख चुके हैं। एक नवंबर से हिंगणकर को फिर मिली संविदा सेवा वृद्धि राज्य सरकार ने रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी राजेश कुमार हिंगणकर को एक बार फिर मुख्यमंत्री कार्यालय में विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी (ओएसडी) के पद पर संविदा नियुक्ति दी है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, हिंगणकर 1 नवंबर 2026 से एक साल तक ओएसडी के रूप में काम करते रहेंगे। हिंगणकर की ओएसडी पद पर संविदा नियुक्ति की सेवा शर्तें 4 दिसंबर 2024 को जारी आदेश के अनुसार प्रभावी रहेंगी। सरकार ने उन्हें पहली बार 2024 में मुख्यमंत्री कार्यालय में ओएसडी पद पर संविदा नियुक्ति दी थी। इसके बाद उनकी सेवा अवधि में लगातार तीसरी बार वृद्धि की गई है। यहां गौरतलब है कि संविदा पर काम करने वाले अधिकारी-कर्मचारी 65 साल की उम्र तक अपनी सेवाएं दे सकते हैं।
