राजधानी भोपाल के कोहेफिजा थाना क्षेत्र में मंगलवार सुबह करीब 10 बजे वीआईपी रोड पर छात्रों से भरी बस हादसे का शिकार हो गई। राजा भोज प्रतिमा और करबला के बीच मोड़ पर बस अनियंत्रित होकर पहले डिवाइडर से टकराई, फिर एक खंभे से जा लगी। खंभे का सहारा मिलने से बस पलटने से बच गई। हादसे में विद्यार्थियों और बस में सवार स्टाफ सहित करीब 10 से 11 लोग घायल हुए हैं। इनमें बस स्टाफ के तीन सदस्य भी शामिल हैं। घायल छात्र सुमित पवार ने बताया कि उस दिन वे लोग करीब आधे घंटे लेट हो गए थे। इसके बाद बस चालक ने तेज रफ्तार में बस चलाई। वीआईपी रोड पर बस का अगला टायर डिवाइडर पर चढ़ गया, जिसके बाद बस पलट गई। सुमित के मुताबिक, हादसे से करीब दो मिनट पहले उन्होंने एक परिचित को मैसेज कर बताया था कि बस चालक बहुत लापरवाही से बस चला रहा है। सुमित आरजीपीवी में सिविल इंजीनियरिंग डिप्लोमा सेकेंड ईयर के छात्र हैं। वे माता मंदिर से बस में सवार हुआ था। वाइस चांसलर बोले- लापरवाही की जांच होगी आरजीपीवी के वाइस चांसलर आलोक शर्मा ने हादसे को दुखद बताते हुए कहा कि 6-7 बच्चे घायल हुए थे, जिनमें से 4-5 को छुट्टी मिल चुकी है। एक-दो को जल्द छुट्टी दी जाएगी, जबकि एक छात्र को सर्जरी की जरूरत पड़ सकती है। बस चालक की लापरवाही की जांच होगी। ट्रांसपोर्ट विभाग से बात कर ऐसी घटनाओं को रोकने के प्रयास किए जाएंगे। कोहेफिजा थाना प्रभारी लोकेंद्र सिंह ठाकुर के मुताबिक, बस सुबह 12 नंबर क्षेत्र से आरजेपीवी के विद्यार्थियों को लेकर जा रही थी। वीआईपी रोड पर मोड़ के दौरान बस की रफ्तार अधिक थी। चालक बस को नियंत्रित नहीं कर पाया और बस डिवाइडर से टकराने के बाद खंभे से जा लगी। हादसे के बाद बस को सीधा किया गया और उसमें सवार लोगों को बाहर निकाला गया। घायलों में बसंत नाम के विद्यार्थी के दाहिने हाथ में फ्रैक्चर हुआ है, जबकि खुशी नाम की छात्रा की आंख के ऊपर चोट आई है। एक अन्य गंभीर रूप से घायल विद्यार्थी का नाम फिलहाल स्पष्ट नहीं हो पाया है। थाना प्रभारी के अनुसार, इन विद्यार्थियों की उम्र करीब 20 से 22 वर्ष है। अन्य घायलों को मामूली चोटें आई हैं। घायलों का हमीदिया अस्पताल में इलाज कराया गया। हादसे में घायल विद्यार्थियों के साथ बस में ड्यूटी पर तैनात तीन स्टाफ सदस्य भी शामिल हैं। फिलहाल घायलों की संख्या करीब 10 से 11 बताई जा रही है। हादसे के कारणों की विस्तृत जानकारी और बस की गति सहित अन्य तथ्यों की पुष्टि की जानी बाकी है।
