Homeमध्यप्रदेशचमकविहीन गेहूं खरीदी पर फैसला करेगी सरकार:मोहन कैबिनेट की बैठक में छह...

चमकविहीन गेहूं खरीदी पर फैसला करेगी सरकार:मोहन कैबिनेट की बैठक में छह साल पहले हुई खरीदी के टेंडर को मिल सकती है मंजूरी

मोहन कैबिनेट की बैठक में आज 21 विषयों पर चर्चा होगी। बैठक में वन विभाग की कैम्पा निधि के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 की वार्षिक कार्ययोजना पर विचार किया जाएगा। स्कूल शिक्षा विभाग के तहत नवगठित जिलों निवाड़ी, मऊगंज, पांढुर्णा और मैहर में जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालयों के गठन के लिए नए पदों की स्वीकृति का प्रस्ताव भी रखा गया है। जल संसाधन विभाग की तीन प्रमुख सिंचाई परियोजनाओं की निरंतरता से जुड़े प्रस्तावों पर भी चर्चा होगी। इनमें छिंदवाड़ा सिंचाई कॉम्प्लेक्स, चेटरखेड़ा वृहद सिंचाई और पचमनगर सिंचाई कॉम्प्लेक्स परियोजनाएं शामिल हैं। इसके अलावा पांच वर्ष की अवधि वाली एक वृहद परियोजना की निरंतरता का प्रस्ताव भी एजेंडे में है। चमक विहीन गेहूं के निराकरण पर चर्चा खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के एजेंडे में वर्ष 2020-21 के दौरान 7 लाख मीट्रिक टन चमक विहीन गेहूं के टेंडर के जरिए निराकरण की प्रक्रिया पूरी करने और 5.80 लाख मीट्रिक टन गेहूं के निराकरण को कार्योत्तर मंजूरी देने का प्रस्ताव शामिल है। पेंशन और चिकित्सा देयकों के मामले कैबिनेट में सेवानिवृत्त कर्मचारियों और अधिकारियों से जुड़े मामलों पर भी विचार होगा। किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के प्रस्ताव में सेवानिवृत्त सहायक ग्रेड-2 मार्तंड सिंह परिहार की देय पेंशन वापस लेने का विषय है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के तहत पूर्व सहायक यंत्रियों की पेंशन से जुड़े मामले भी एजेंडे में हैं, जिनमें जनपद पंचायत निवाली, जिला बड़वानी का मामला शामिल है। गृह विभाग के तहत पुलिस अधिकारी नीलकंठ बढ़ार की वेतनवृद्धि से जुड़े पुराने मामले पर विचार किया जाएगा। छतरपुर में पदस्थ वैज्ञानिक अधिकारी रितेश चंद्र शुक्ल और दिवंगत आरक्षक 515 अभिषेक सिंह भदौरिया के निजी अस्पतालों में कराए गए उपचार के चिकित्सा देयकों की स्वीकृति के प्रस्ताव भी शामिल हैं। विधि एवं विधायी कार्य विभाग के तहत जबलपुर के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के चिकित्सा देयकों के भुगतान का प्रस्ताव भी रखा गया है। योजनाओं और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की निरंतरता सामान्य प्रशासन विभाग के एजेंडे में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) के वेतन-भत्ते, प्रशासनिक भवन निर्माण और विभागीय परिसंपत्तियों के संधारण की योजना जारी रखने का प्रस्ताव है। विधि एवं विधायी कार्य विभाग की योजनाओं को 16वें केंद्रीय वित्त आयोग की अवधि यानी 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक जारी रखने पर भी विचार होगा। लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग और सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन विभाग की स्थापना और कार्यालय व्यय से जुड़ी सात योजनाओं में स्वीकृत मदों को इसी अवधि तक जारी रखने का प्रस्ताव भी एजेंडे में शामिल है। संविदा नियुक्तियों पर भी विचार आनंद विभाग के तहत सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी ओमप्रकाश श्रीवास्तव को राज्य आनंद संस्थान में मुख्य कार्यपालन अधिकारी के पद पर संविदा नियुक्ति देने का प्रस्ताव रखा गया है। नर्मदा घाटी विकास विभाग में शिकायत निवारण प्राधिकरण के सदस्य (न्यायिक) पद पर संविदा नियुक्ति पर भी विचार होगा। सामान्य प्रशासन विभाग (कार्मिक) के एजेंडे में सेवानिवृत्त अनुभाग अधिकारी सुरेश कुमार पाठक को संस्कृति विभाग में अनुभाग अधिकारी के पद पर संविदा नियुक्ति देने का प्रस्ताव शामिल है।

Stay Connected
16,985FansLike
2,458FollowersFollow
61,453SubscribersSubscribe
Must Read
Related News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here