मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को सरदारपुर में 2387 करोड़ रुपए की नर्मदा-माही लिंक सिंचाई परियोजना का लोकार्पण किया। परियोजना से धार और झाबुआ जिले के 260 गांवों की 57 हजार हेक्टेयर से ज्यादा जमीन की सिंचाई हो सकेगी। इससे करीब 70 हजार किसानों को लाभ मिलने का अनुमान है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत 16.70 लाख किसान आवेदनों के लिए 317.84 करोड़ रुपए की राशि भी सिंगल क्लिक से ट्रांसफर की। कार्यक्रम में करीब 188 करोड़ रुपए के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन भी किया गया। 260 गांवों तक पहुंचेगा सिंचाई का पानी
मुख्यमंत्री ने कहा कि परियोजना धार और झाबुआ जिले के किसानों के लिए उपयोगी साबित होगी। इससे सिंचाई का रकबा बढ़ने के साथ पेयजल और उद्योगों के लिए भी पानी उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। परियोजना से धार जिले के 66 और झाबुआ जिले के 194 गांवों को जोड़ने की योजना है। दोनों जिलों में 57 हजार हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा मिलने और करीब 70 हजार किसानों को लाभ पहुंचने की बात कही गई है। 16.70 लाख किसान आवेदनों के लिए बीमा राशि जारी
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत रबी 2025-26 की फसल बीमा राशि के रूप में 317.84 करोड़ रुपए ट्रांसफर किए। यह राशि 16.70 लाख किसान आवेदनों के लिए जारी की गई। कार्यक्रम में केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री सावित्री ठाकुर, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, कैबिनेट मंत्री निर्मला भूरिया, सांसद अनीता नागर सिंह चौहान, धार विधायक नीना वर्मा और सरदारपुर विधायक प्रताप ग्रेवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। विधायक ने छूटे गांवों को जोड़ने की मांग की
सरदारपुर विधायक प्रताप ग्रेवाल ने परियोजना से छूटे गांवों का परीक्षण कर उन्हें भी योजना में शामिल करने की मांग की। उन्होंने सरदारपुर की फुटबॉल खिलाड़ी ज्योति चौहान सहित क्षेत्र की महिला खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए खेल स्टेडियम बनाने की घोषणा करने की मांग भी रखी। ग्रेवाल ने माही डैम से कालिकराई तक पानी पहुंचाने और कम बारिश के कारण सूखे जैसी स्थिति का सामना कर रहे धार जिले को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग भी उठाई। टेस्टिंग के दौरान पाइपलाइन फूटने की सूचना
परियोजना की शुरुआत सरदारपुर तहसील के ग्राम मिंडा से की गई। इसी दौरान कुछ दूरी पर पाइपलाइन फूटने से बड़ी मात्रा में पानी निकलने की सूचना सामने आई। बताया गया कि टेस्टिंग के दौरान पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हुई थी और बाद में उसकी मरम्मत कराई गई।
