पांढुर्णा के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सिराठा में पदस्थ चिकित्सा अधिकारी डॉ. जितेश गोन्नाडे के EWS प्रमाणपत्र को लेकर जांच में अनियमितता सामने आई है। आरोप है कि प्रमाणपत्र के लिए आवेदन करते समय उन्होंने परिवार के नाम दर्ज संपत्तियों की जानकारी नहीं दी थी। पांढुर्णा कलेक्टर नीरज कुमार वशिष्ठ ने जांच रिपोर्ट छिंदवाड़ा कलेक्टर हरेन्द्र नारायण को भेजी है। आवेदन में नहीं दी संपत्तियों की जानकारी जांच के मुताबिक, डॉ. जितेश ने आवेदन में पारिवारिक आय 7 लाख 2 हजार रुपए बताई थी। वहीं, उनके और माता-पिता के नाम पर पांढरी वार्ड में 800 वर्गफीट का मकान, बम्हणी में 3921.25 हेक्टेयर आवासीय भूमि और देवखापा में 0.483 हेक्टेयर कृषि भूमि दर्ज होने की जानकारी सामने आई। EWS प्रमाणपत्र के लिए पात्र नहीं होने की रिपोर्ट तहसीलदार की रिपोर्ट के अनुसार, डॉ. जितेश EWS प्रमाणपत्र के लिए पात्र नहीं थे और उन्होंने जानकारी छिपाकर प्रमाणपत्र प्राप्त किया। मामले में प्रमाणपत्र जारी करने वाले अधिकारी और संबंधित पटवारी पर भी कार्रवाई की बात कही है। यह खबर भी पढ़ें… पिता CMHO रहे…बेटे को EWS कोटे से डॉक्टर की नौकरी:CM के दखल के बाद मेडिकल ऑफिसर का इस्तीफा; ट्रेजरी में भी जमा कराए 93 हजार पांढुर्णा के सिराठा आयुष्मान आरोग्य मंदिर अस्पताल में पोस्टेड मेडिकल ऑफिसर डॉ. जितेश गोन्नाडे ने इस्तीफा दे दिया। इस्तीफा देने से पहले उन्होंने करीब 93 हजार रुपए ट्रेजरी में जमा कराए। डॉ. जितेश ने इस्तीफे की वजह पारिवारिक समस्या बताई है। छिंदवाड़ा CMHO डॉ. अर्चना कैथवास ने रिजाइन की पुष्टि की है। डॉ. जितेश छिंदवाड़ा के पूर्व CMHO डॉ. नरेंद्र गोन्नाडे के बेटे हैं। उनकी EWS पात्रता को लेकर करीब एक महीने पहले शिकायत हुई थी। मामले में जांच चल रही थी। इसी बीच 17 अगस्त को मुख्यमंत्री मोहन यादव ने डॉ. जितेश को निलंबित करने की बात कही थी। इसके बाद डॉ. जितेश ने रिजाइन किया। पढ़ें पूरी खबर
