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BJP सांसद कुलस्ते बोले- डेंगू से कोई नहीं मरता:कहा- क्या कांग्रेस विधायक के कहने से मरूंगा; मैं तो आपके सामने खड़ा हूं

मंडला लोकसभा से बीजेपी सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते 7 दिन बाद दिल्ली एम्स से डिस्चार्ज हो गए हैं। वह डेंगू से पीड़ित थे। मंडला लौटे कुलस्ते ने कहा- डेंगू से कोई नहीं मरता है। मैं तो आपके सामने खड़ा हूं। मुझे डेंगू हुआ था, लेकिन मैं ठीक हो गया। कुलस्ते ने बताया- तबीयत खराब होने के बाद वह 18 सितंबर को मंडला से दिल्ली गए थे। दिल्ली एम्स में जांच के बाद डेंगू होने की जानकारी सामने आई। इलाज के बाद वे स्वस्थ हुए और मंडला लौटे हैं। मेरी तबीयत अच्छी है। डेंगू से घबराने की जरूरत नहीं है। विधायक के बयान पर बोले- क्या उनके कहने से मैं मरूंगा? कुलस्ते ने निवास विधायक चैन सिंह वरकड़े के बयान पर कहा- विधायक चैन सिंह कहें तो क्या करें, क्या उनके कहने से मैं मरूंगा?। मैं तो स्वस्थ हूं। घबराने की जरूरत नहीं है। डेंगू होने पर ज्यादा खाना खाओ, ज्यादा पानी पीयो और आराम करो। डेंगू से कुछ नहीं होता। विधायक ने पूछा था- क्या मंडला में अस्पताल में नहीं हैं? दरअसल, 21 सितंबर को अंजनिया के ग्राम बरबसपुर में कांग्रेस के सदस्यता अभियान के दौरान निवास से कांग्रेस विधायक चैन सिंह वरकड़े ने कहा था- कुलस्ते 35-36 साल से सांसद और कई बार केंद्रीय मंत्री और स्वास्थ्य मंत्री भी रहे, फिर भी उन्हें इलाज के लिए दिल्ली एम्स जाना पड़ा। क्या मंडला में अस्पताल में नहीं हैं? निवास विधायक चैन सिंह वरकड़े ने मंडला की स्वास्थ्य सुविधाओं पर सवाल उठाते हुए जिला अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि अगर जिला अस्पताल में पर्याप्त विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं हैं, तो गरीब लोगों के पास इलाज के लिए क्या विकल्प है। विधायक बोले- कांग्रेस सरकार ने बनवाया था दिल्ली एम्स कांग्रेस विधायक वरकड़े ने कहा- दिल्ली एम्स कांग्रेस सरकार ने बनवाया था, लेकिन सांसद को मंडला छोड़कर इलाज के लिए दिल्ली जाना पड़ रहा है। जिला अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी है। गरीब लोग इलाज कराने कहां जाएं। मंडला में इस साल डेंगू के 3 मामले, मौत नहीं मंडला जिला मलेरिया अधिकारी रामशंकर साहू ने बताया कि जनवरी से अब तक जिले में डेंगू के तीन मामले सामने आए हैं। इनमें एक मामला जनवरी और दो मामले हाल ही में सामने आए। इनमें एक मरीज चिरईडोंगरी (नैनपुर) और दूसरा महाराजपुर का था। दोनों मामलों की ट्रैकिंग नागपुर में हुई थी। मंडला में डेंगू की जांच और ट्रैकिंग नहीं होने के सवाल पर साहू ने बताया कि डेंगू की जांच एलाइजा मशीन से होती है, लेकिन यह मशीन करीब 6 महीने से खराब है। उन्होंने कहा कि इस साल जिले में डेंगू से किसी मरीज की मौत नहीं हुई है। क्या घर के अंदर भी डेंगू और मलेरिया के मच्छर पैदा हो सकते हैं? जवाब- हां, डेंगू फैलाने वाले एडीस एजिप्टी मच्छर साफ और रुके हुए पानी में अंडे देते हैं। वहीं मलेरिया फैलाने वाले एनोफेलीज मच्छर गंदे या ठहरे पानी में पनपते हैं। घर के अंदर जमा थोड़ा-सा पानी भी इन मच्छरों के लिए पर्याप्त होता है। ग्राफिक में मच्छरों के ब्रीडिंग हॉटस्पॉट देखिए- डेंगू-मलेरिया से बचने के लिए क्या करें? जवाब- थोड़ी-सी सावधानी से इन बीमारियों से काफी हद तक बचा जा सकता है। सभी सेफ्टी टिप्स ग्राफिक में देखिए- ……………………………………… यह खबर भी पढ़ें जरूरत की खबर- बारिश में बढ़ते डेंगू-मलेरिया के केसेज हर साल बारिश के मौसम में डेंगू, मलेरिया जैसी मच्छरों से फैलने वाली बीमारियों के मामले तेजी से बढ़ते हैं। ‘नेशनल सेंटर फॉर वेक्टर बोर्न डिजीज कंट्रोल’ (NCVBDC) के मुताबिक, भारत में साल 2024 में डेंगू के कुल 2,33,519 केस दर्ज हुए। इनमें से 297 लोगों की मृत्यु हो गई। वहीं साल 2024 में देश में मलेरिया के 2.55 लाख से ज्यादा मामले सामने आए। इनमें करीब 86 लोगों की मौत हुई। पढ़ें पूरी खबर…

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