शहडोल के बुढ़ार में स्वास्थ्य विभाग ने मरीजों के इलाज में गंभीर गड़बड़ियां पाई हैं। शनिवार दोपहर बाद टीम ने दो अलग-अलग क्लिनिकों पर कार्रवाई की। जांच में अनियमितताएं मिलने के बाद दोनों क्लिनिकों को सील कर दिया गया। स्वास्थ्य विभाग की तीन सदस्यीय टीम ने सबसे पहले हीरा कॉलोनी के पास डॉ. केएन गुप्ता के क्लिनिक की जांच की। डॉ. गुप्ता एक रिटायर्ड सरकारी डॉक्टर हैं। विभाग के अनुसार, क्लिनिक में मरीजों को दवाएं देकर इलाज किया जा रहा था। जांच के दौरान पता चला कि डॉ. गुप्ता का पंजीयन सिर्फ कंसल्टेंसी से जुड़ा था। टीम को क्लिनिक में एक्सपायरी दवाएं भी मिलीं, जिन्हें जब्त कर लिया गया। इन गड़बड़ियों के बाद टीम ने क्लिनिक को सील कर दिया। इसके बाद टीम ने खैराहा रोड स्थित सरईकापा के अभयराज हॉस्पिटल में जांच की। यहां टीम को कई मरीज भर्ती मिले। कुछ मरीजों को ड्रिप भी लगी हुई थी। दूसरे डॉक्टर के नाम पर इलाज स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, क्लिनिक संचालक डॉ. अभयराज दूसरे डॉक्टर के नाम से मरीजों का इलाज कर रहे थे। विभाग की जांच में सामने आया कि डॉ. अभयराज के पास बीपीटी (बैचलर ऑफ फिजियोथैरेपी) का पंजीयन था। इसके बावजूद वह क्लिनिक में मरीजों को भर्ती कर एलोपैथिक इलाज दे रहे थे। टीम ने क्लिनिक से संबंधित दवाइयों की जांच की और कार्रवाई के बाद उसे भी सील कर दिया। यह कार्रवाई डीएचओ-1 डॉ. आर.के. शुक्ला, डीआईओ डॉ. अंशुमान सुनारे और बुढ़ार बीएमओ डॉ. सचिन कारखुर की संयुक्त टीम ने की। दोनों जगहों से दवाइयां जब्त की गई हैं। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि जांच में मिली गड़बड़ियों के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई की अन्य तस्वीरें…
