झाबुआ से रतलाम तक बन रही सड़क वाहन चालकों के लिए परेशानी का सबब बन गई है। सड़क निर्माण की धीमी रफ्तार और कंपनी की लापरवाही के कारण शनिवार शाम लंबा जाम लग गया। अधूरे काम की वजह से पूरे रास्ते पर आवाजाही पर असर पड़ रहा है। सड़क का बड़ा हिस्सा खोदने के बाद बारिश ने वाहन चालकों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। वाहन चालक आरोप लगा रहे हैं कि फूलमाल से रतलाम के बीच चल रहे इस काम में कंपनी ने कोई सही वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की है। मेघनगर इलाके में हालात सबसे खराब हैं। यहां सड़क का एक हिस्सा सीमेंटेड बना दिया गया है, जबकि दूसरा हिस्सा कच्चा छोड़ दिया गया है। बारिश के कारण इस कच्चे हिस्से में बहुत कीचड़ और फिसलन हो गई है। शनिवार शाम करीब 7 बजे इसी अधूरे काम के कारण मेघनगर में एक किलोमीटर लंबा जाम लग गया। इसमें बड़ी संख्या में दोपहिया और चारपहिया वाहन फंस गए। एक एंबुलेंस भी करीब आधे घंटे तक इस जाम में फंसी रही, जिससे ट्रैफिक व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। वाहन चालकों का कहना है कि कंपनी ने सड़क खोदने के बाद मुरम आदि की सही व्यवस्था नहीं की। इससे बारिश में हालात और बिगड़ गए हैं। लोगों का आरोप है कि काम के दौरान बैरिकेडिंग और आसान वैकल्पिक रास्तों की व्यवस्था होनी चाहिए थी। लेकिन पर्याप्त इंतजाम न होने से वाहन चालकों को रोज परेशानी हो रही है। सिर्फ सड़क ही नहीं, बल्कि दूसरे निर्माण कार्यों में भी गड़बड़ियां सामने आ रही हैं। करवड़ इलाके में नाली बनाने के दौरान गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया। इस वजह से नाली बनते ही कई जगह से टूट गई है। सामाजिक कार्यकर्ता भंवरसिंह झाला ने कहा है कि प्रशासनिक अधिकारियों की ढिलाई के कारण ठेकेदार अपनी मनमर्जी से घटिया काम कर रहा है।
