विदिशा जिले को आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने के लिए शनिवार को ‘समृद्ध विदिशा’ मॉडल शुरू किया गया है। इसका मकसद आजीविका मिशन के जरिए महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाने के साथ-साथ युवाओं को भी स्वरोजगार से जोड़ना है। इसे पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर विदिशा जिले में शुरू किया गया है। इस कार्यक्रम में ‘समृद्ध विदिशा’ से जुड़ी एक पुस्तिका जारी की गई। साथ ही, अच्छा काम करने वाले कई स्वसहायता समूहों को सम्मानित भी किया गया। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि ‘समृद्ध विदिशा’ मॉडल के तहत हर गांव के परिवार को किसी न किसी आजीविका गतिविधि से जोड़ने की कोशिश की जाएगी। उन्होंने कहा कि छोटे किसान सिर्फ खेती तक सीमित न रहें। वे खेती के साथ पशुपालन, बकरी पालन, मुर्गी पालन और मधुमक्खी पालन जैसी गतिविधियों से भी जुड़ें। चौहान ने बताया कि एक किसान के पास कम से कम दो आय के साधन होने चाहिए, ताकि उसकी कमाई बढ़ सके। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि आजीविका मिशन से जिले में कई महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं। हालांकि, अभी बड़ी संख्या में महिलाओं को इससे जोड़ना बाकी है। महिलाओं की रुचि के हिसाब से उन्हें ट्रेनिंग देकर स्वरोजगार से जोड़ा जाएगा। सिर्फ छोटे काम तक सीमित न रहकर, उत्पाद की प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और मार्केटिंग पर भी ध्यान दिया जाएगा। इससे तैयार उत्पाद को अच्छा बाजार और ज्यादा कीमत मिल सकेगी। चौहान बोले- सब मिलकर करें काम
शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि इस मॉडल को सफल बनाने के लिए केंद्र सरकार, राज्य सरकार, जिला प्रशासन, स्वयंसेवी संस्थाओं और ग्राम पंचायत स्तर तक सभी को मिलकर काम करना होगा। ट्रेनिंग के साथ बैंक से लोन दिलाने पर भी जोर रहेगा। इससे महिलाओं और युवाओं को अपना रोजगार शुरू करने के लिए आर्थिक मदद मिल पाएगी। उन्होंने कहा कि ‘समृद्ध विदिशा’ मॉडल की शुरुआत देश में पहली बार विदिशा से हो रही है। इसके नतीजों के आधार पर इसे आगे देश के दूसरे हिस्सों में भी लागू करने का प्रयास किया जाएगा।
