सागर के बंडा में हुए जहरीली शराबकांड के मामले में पुलिस ने सागर गोल्ड नाम की नकली अमानक शराब का निर्माण कर विक्रय करने वाले अन्तराज्यीय संगठित गिरोह को पकड़ा है। 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर पुलिस सागर लाई है। पुलिस ने नकली शराब की बोतल बनाने में प्रयुक्त डाई मशीन, बोतल के ढक्कन सील करने वाली मशीन, 4 डाई मशीन, 11050 खाली बोतल, 250 प्लास्टिक की बोतल बनाने वाले कैप्सूल, शराब की बोतल को सील करने वाली मशीन जब्त की है। मामले में पुलिस अब तक 52 लोगों को आरोपी बना चुकी है। जिनमें से 37 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। एसपी अनुराग सुजानिया ने बताया कि 6 सितंबर को पुलिस को सूचना मिली थी कि बंडा क्षेत्र के कुछ गांवों में शराब के सेवन से लोगों की मृत्यु हो गई है। सूचना पर सागर पुलिस मौके पर पहुची घटना में आहत इलाजरत के प्रभावित गांव में निवासरत लोगों से पूछताछ की गई। उक्त मामले में थाना बंडा और थाना विनायका में अपराध पंजीबद्व किया गया। शराब दुकानों की आड़ में अवैध शराब खपाते थे
अपराध की विवेचना में पूर्व में गिरफ्तार आरोपी रवि लखेरा ने पूछताछ पर बताया था कि उसने मनीष लोधी उर्फ यशवंत ठाकुर, उसके साथी आशीष साहू को नकली शराब बनाकर शराब ठेके की आड में माल खपाने की योजना बनाई गई थी। आरोपी चन्दू राजा उर्फ चन्द्रभान ने पूछताछ में बताया था कि पिछले काफी समय से शराब ठेकेदारों के संपर्क में था, जिसके कारण उसने विनायका स्थित मदिरा शराब के लाइसेंसी ठेकेदार सिद्वार्थ कुशवाहा के साथ पार्टनरशिप की। वहीं दूसरी तरफ अवैध शराब के तस्करी में पूर्व से संलिप्त लाइसेंसी ठेकेदार मनीष उर्फ यशवंत ठाकुर निवासी बंडा से संपर्क होने और क्षेत्र में वर्चस्व होने के कारण बरेठी मदिरा शराब दुकान में भी अघोषित रूप से पार्टनरशिप की थी। ताकि अवैध शराब के विक्रय का काम लाइसेंसी दुकान के माध्यम से आसानी किया जा सकता है। दिनेश ने ग्वालियर से पहुंचाए थे रेपर और बोतल
ग्राम छापरी निवासी शिवांजय राजपूत और उसका दोस्त रोहित पटेल निवासी पिपरिया थाना गढाकोटा पूर्व से दिनेश शिवहरे निवासी मुरैना के संपर्क में थे। शिवांजय और रोहित ने चंदू राजा को नकली अमानक शराब बनाने का आइडिया दिया था। जिसके कारण चंदू राजा ने दिनेश शिवहरे और उसकी टीम को ग्राम ततरवारा में नकली शराब बनाने के लिए सहमति दी थी। ताकि अधिक लाभ अर्जित किया जा सके। उक्त योजना को पूर्ण करने के लिए दिनेश शिवहरे बंडा आया। जहां पर मनीष लोधी उसका पार्टनर आशीष साहू, शिवांजय राजपूत, रोहित पटेल मिलकर ग्राम ततरवारा में नकली शराब बनाने को लेकर सहमत हुए। दिनेश शिवहरे ने अपने सहयोगी से ग्वालियर स्थित ट्रांसपोर्ट के माध्यम से शराब की बोतल के रेपर प्लास्टिक की बोरी में सागर पहुंचाए थे। ट्रांसपोर्ट से मंगवाया दिल्ली से थिनर
दिनेश शिवहरे अपने साथियों के साथ अपनी कार से अपने छोटे भाई छोटू उर्फ ललित शिवहरे, देवेंद्र उर्फ देवा जाटव, विक्रम जाटव, टिन्कू जाटव, लल्ला जाटव, दीपक शर्मा, सागर जाटव सभी निवासी मुरैना के साथ बंडा आया। दिनेश शिवहरे ने एक वाहन में नकली शराब बनाने का सामान जिसमें खाली बोतल, ढक्कन, शराब पैक करने वाले पुठ्ठे के कार्टून, ढक्कन पैक करने वाली मशीन बुलवाई थी, जिसे चंदू राजा ने अपने घर मे रखा था। शराब बनाने में प्रयुक्त लिक्विड सागर में ट्रांसपोर्ट से आया था। जिसे शिवांजय और बलवंत ने अपनी गाड़ी से पायलेटिंग कर पिकअप को ततरवारा लेकर पहुचाया था। नकली शराब पीने से हुई थी दिनेश की मौत
दिनेश शिवहरे व इसके साथियों ने ग्राम ततरवारा में चंदू राजा के घर पर नकली अमानक शराब बनाई थी। उक्त शराब की पेटियां चंदू राजा ने अपने सहयोगियों के माध्यम लाइसेंसी दुकान की आड़ में ततरवारा गांव के आसपास के गांव नौराज, गूगरा, छापरी, जगथर, बमूराभेड़ा, पाटन एवं आसपास के गांवों के कमीशनदारों को बेची थी। इसी नकली अमानक शराब के सेवन से आरोपी दिनेश शिवहरे और साथी देवा उर्फ देवेन्द्र जाटव गंभीर हालात हुई थी। दिनेश शिवहरे की हालात खराब होने पर बंसल हास्पिटल में भर्ती कराया। अगले दिन हालात अत्यधिक हालत बिगड़ने पर आरोपियों को समझ में आ गया था कि जो शराब बनाई गई है, वह अमानक है। उनका काम उजागर न हो, इसलिए उन्होने गंभीर हालात मे दिनेश शिवहरे को बंसल अस्पताल से अपनी रिक्स पर डिस्चार्ज कराकर मुरैना रवाना कर दिया था। जिसकी रास्ते में ही मृत्यु हो गई थी। देवा उर्फ देवेन्द्र जाटव को आखों से दिखना बंद हो गया था। कार्रवाई में ये आरोपी गिरफ्तार किए कार्रवाई में ये सामग्री जब्त की गई यह खबर भी पढ़ें…
सागर शराबकांड में 36 मौतों के बाद पुलिस की FIR सागर जिले के बंडा और शाहगढ़ में जहरीली शराब से हुई करीब 36 मौत के मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। दोनों थाना क्षेत्रों में दर्ज अलग-अलग FIR में अब तक करीब 33 लोगों को आरोपी बनाया गया है। पूरी खबर पढ़ें…
