शहर में गौवंश पर लंपी वायरस जानलेवा बनकर टूट रहा है, लेकिन नगर निगम की कार्यप्रणाली इस संकट को और गहरा कर रही है। संक्रमित गायों के इलाज के लिए जिस रतवाई गांव स्थित वृंदावन गौशाला को आइसोलेशन सेंटर बनाया गया है वहां देर से पहुंचने और उचित देखभाल न होने के कारण गायों की मौत हो रही है। शुक्रवार को दो गायों की और मौत हो गई। इसके अलावा एक गाय ने पिंटो पार्क में और दूसरी ने लक्ष्मीगंज मरघट रोड पर तड़प तड़प कर दम तोड़ दिया। इससे पहले गुरुवार को गौशाला में 13 और गौवंशों की मौत हो गई थी। इस तरह 24 घंटे में 17 गायों की मौत हो गई। गौशाला में गंभीर गाय तिरपाल में हैं। गुरुवार को सुबह 9 और शाम को 4 गौवंशों की मौत हो गई है। गौरतलब है कि अबतक 63 गोवंश की लंपी के चलते मौत हो चुकी है। इधर मदाखलत विभाग दावे कर रहा है कि लंपी पीड़ित गौवंश को गौशाला पहुंचाने के लिए 7 गाड़ियां लगाई गई हैं लेकिन हकीकत यह है कि लंपी पीड़ित गाय 24 घंटे तक नहीं उठाई जा रही हैं, जिससे उनकी हालत गंभीर हो जाती है और गौशाला पहुंचने तक हालत बेहद नाजुक हो जाती है। गौ-एम्बुलेंस और 5 लाख रुपए सहायता की मांग लंपी स्किन डिजीज से प्रभावित गौवंश के रेस्क्यू और उपचार के लिए श्रीकृष्णायन आदर्श गौशाला, लाल टिपारा के स्वामी ऋषभ देवानंद महाराज ने कलेक्टर से सहयोग की मांग की है। उन्होंने संक्रमित एवं गंभीर गौवंश को आइसोलेशन सेंटर पहुंचाने के लिए लिफ्टिंग गौ-एम्बुलेंस उपलब्ध कराने का आग्रह किया है। साथ ही रतवाई स्थित लंपी आइसोलेशन सेंटर के लिए रेडक्रॉस सोसायटी के माध्यम से 5 लाख रुपए की सहायता देने की मांग की है। राशि का उपयोग आधारभूत सुविधाओं के विकास में किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इससे संक्रमित गौवंश के त्वरित रेस्क्यू, पृथक्करण और उपचार में मदद मिलेगी।
