भोपाल के नाथू बरखेड़ा नीलबड़ स्थित अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम निर्माण के दौरान करीब 700 पेड़ काटने के मामले में नेशनल ग्रीन ट्रूब्नल (NGT) ने अपना रुख सख्त किया है। 15 दिन यानी, 30 सितंबर तक एक के बदले 10 गुना (7000) पौधे लगाने के कड़े आदेश दिए हैं। पौधों की 100% उत्तरजीविता वन विभाग देखेगा। इसकी जीपीएस फोटो सहित कार्रवाई रिपोर्ट भी पेश करना होगी। एनजीटी ने सड़क निर्माण एवं विकास कार्यों के दौरान 700 से अधिक वृक्षों की कटाई और उनके बदले समय पर पौधरोपण न होने के नितिन सक्सेना बनाम मप्र.रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड व अन्य के मामले में यह आदेश सुनाया। न्यायमूर्ति शिव कुमार सिंह एवं विशेषज्ञ सदस्य सुधीर कुमार चतुर्वेदी की पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए निर्देश दिया कि काटे गए 700 पेड़ों की भरपाई के लिए वन विभाग एवं सामाजिक वानिकी चालू वर्षा सत्र में 10 गुना अनुपात में यानी कुल 7,000 पौधे लगाए। एनजीटी ने इस पौधरोपण कार्य को 30 सितंबर 2026 से पहले अनिवार्य रूप से पूरा करने के कड़े निर्देश दिए हैं। एनजीटी का यह आदेश याचिकाकर्ता बोले- पेड़ काटे लेकिन नए नहीं लगाए
आवेदक नितिन सक्सेना ने याचिका में यह मुद्दा उठाया था कि स्टेडियम निर्माण और सड़क निर्माण के दौरान 700 से अधिक पेड़ काट दिए गए, लेकिन अभी तक पौधरोपण नहीं किया गया। सुनवाई के दौरान राज्य शासन के अधिवक्ता प्रशांत एम. हर्णे और वन विभाग के अधिकारी एसडीओ श्वेता सिंह एवं प्रीति ने पीठ को बताया कि बजट आवंटन में देरी और भूमि की अनुपलब्धता के कारण विलंब हुआ था। अब बजट आवंटित हो चुका है तथा चालू वर्षा ऋतु में पौधरोपण की आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। 16 अक्टूबर को होगी सुनवाई
मामले में आवेदक पक्ष की ओर से अधिवक्ता हरप्रीत सिंह गुप्ता उपस्थित हुए। प्रकरण की अगली सुनवाई हेतु 16 अक्टूबर 2026 की तिथि निर्धारित की गई है। इस दिन राज्य शासन एवं वन विभाग को अपनी अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करनी होगी।
