बालाघाट के किरनापुर थाने में मंगलवार को मरार माली समाज ने प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन पुलिस हिरासत में पति और उसकी गर्भवती पत्नी की पिटाई के मामले में कार्रवाई न होने से नाराज होकर किया गया। प्रदर्शन के दौरान हजारों लोग पूरे जिले से किरनापुर पहुंचे थे। रैली जब थाने के सामने से गुजरी, तो ग्रामीणों ने थाने का घेराव कर दिया। बड़ी संख्या में समाज के लोग कार्रवाई की मांग करने लगे। उन्होंने थाने का सामने का गेट जबरदस्ती खोलकर अंदर घुसने की कोशिश की। इस दौरान कुछ लोगों ने पत्थरबाजी भी शुरू कर दी। पुलिस ने किया लाठीचार्ज भीड़ को हटाने के लिए पुलिस ने पहले आंसू गैस के गोले छोड़े। इसके बाद हल्का लाठीचार्ज भी किया गया। इससे इलाके में अफरातफरी मच गई। पुलिस अब प्रदर्शन में हिंसा करने वालों की पहचान कर रही है। घटना के बाद क्षेत्र में भारी सुरक्षाबल तैनात किया गया है। इस वजह से किया प्रदर्शन यह पूरा आंदोलन किरनापुर थाने में चोरी के एक मामले में आरोपी कैलाश चौधरी और उनकी पत्नी सावित्री के साथ हुई मारपीट को लेकर है। समाज पीड़ितों के लिए न्याय और मुआवजे की मांग कर रहा है। यह घटना 2 सितंबर को हुई थी, लेकिन 7 सितंबर को सामने आई। 4 पुलिसकर्मी सस्पेंड हुए मामले के सामने आने के बाद एसपी आदित्य मिश्रा ने उपनिरीक्षक दामेन्द्र तुरकर, प्रधान आरक्षक आशीष बघेल, आरक्षक कपिल बघेल और महिला आरक्षक मेघा टेकाम को तुरंत निलंबित कर दिया था। एसपी ने डीएसपी प्रतिष्ठा राठौर के नेतृत्व में चार सदस्यीय एसआईटी टीम बनाकर जांच के निर्देश भी दिए हैं। पीड़िता ने क्या बताया? पीड़िता का आरोप है कि रात में किरनापुर थाने में पुरुष पुलिसकर्मियों ने उसके साथ मारपीट की थी। इस मामले में विधायक अनुभा मुंजारे ने थाने के सभी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई करने, उन्हें बर्खास्त करने और उन पर आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग की है।
