खरगोन जिले के टांडा बरुड़ में हरतालिका तीज पर रबड़ी खाने के बाद करीब 37 लोगों की तबीयत बिगड़ गई। इनमें महिलाएं, बच्चे और पुरुष शामिल हैं। सोमवार रात उपवास के चलते लोगों ने बस स्टैंड स्थित कैलाश होटल से रबड़ी खरीदकर खाई थी। देर रात एक के बाद एक लोगों को उल्टी-दस्त की शिकायत होने लगी। इसके बाद उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया। खरगोन में 17 मरीज पहुंचे, 8 जिला अस्पताल में भर्ती सिविल सर्जन डॉ. राजकुमारी देवड़ा के अनुसार, खरगोन में 17 मरीज अस्पताल पहुंचे हैं। इनमें 4 बच्चों समेत 8 लोगों को जिला अस्पताल में भर्ती किया गया है। कुछ मरीजों का निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। सभी की हालत स्थिर बताई गई है। वहीं, करीब 20 मरीजों का इलाज टांडा बरुड़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार सभी मरीजों की स्थिति स्थिर है और उपचार के बाद उनमें सुधार हो रहा है। बीमार लोगों में अकिला समेत एक मुस्लिम परिवार के पांच सदस्य भी शामिल हैं। रबड़ी खाने के बाद उल्टी-दस्त की शिकायत होने पर उन्हें भी अस्पताल में भर्ती कराया गया। खाद्य विभाग ने रबड़ी के सैंपल लिए घटना की सूचना मिलने के बाद मंगलवार सुबह एसडीएम सत्येंद्र बैरवा अस्पताल पहुंचे। उन्होंने मरीजों की स्थिति की जानकारी ली। इसके बाद बरुड़ पुलिस ने कैलाश होटल पहुंचकर मामले की जांच शुरू की। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने होटल से रबड़ी के सैंपल लिए हैं। इन्हें जांच के लिए भेजा गया है। एसडीएम ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट के बाद स्पष्ट होगा बीमारी का कारण प्रशासन के अनुसार, शुरुआती तौर पर रबड़ी खाने के बाद फूड पॉइजनिंग की आशंका है। हालांकि इसकी वास्तविक वजह जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी। पुलिस भी घटना से जुड़े तथ्यों और होटल से संबंधित जानकारी जुटा रही है। बीमार लोगों में मदन कुमरावत, सुनीता भावसार, मोनिका कुंदन राठौर, संजय कुमरावत, प्रतीक्षा कमल, गायत्री कमल, मनीषा दिनेश, मदन छगन, निकिता मंडलोई, राधा मंडलोई सहित अन्य लोग शामिल हैं।
