सागर के बंडा-शाहगढ़ में जहरीली शराब से मौतों का आंकड़ा 28 तक पहुंच गया है, लेकिन प्रशासन अब तक सिर्फ 15 मौतों की पुष्टि कर रहा है। दैनिक भास्कर ने प्रभावित गांवों और मृतकों के परिजन से जानकारी जुटाई तो मौतों की संख्या सरकारी आंकड़े से कहीं अधिक सामने आई। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि इन मौतों का जिम्मेदार कौन है? कांग्रेस ने आबकारी आयुक्त तक को जिम्मेदार ठहराते हुए कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल सरकारी कार्रवाई स्थानीय स्तर के अमले तक सीमित दिखाई दे रही है। थाना और चौकी प्रभारी को निलंबित किया गया है, जबकि एसडीओपी और बंडा की प्रभारी एसडीएम को हटाया गया। मंगलवार को वेयरहाउस प्रभारी मंजूषा सोनी को भी हटाकर रामकुमार सूत्रकार को प्रभार सौंप दिया गया। लेकिन जिले और संभाग स्तर पर पुलिस, प्रशासन और आबकारी विभाग की निगरानी करने वाले वरिष्ठ अफसरों की जवाबदेही अब तक तय नहीं हुई है। सवाल इसलिए भी गंभीर है कि नकली शराब के कारोबार से जुड़े इनपुट पहले से मौजूद होने के बावजूद समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं हुई? शिकायतों की जांच क्यों नहीं हुई? चार महीने पहले ललितपुर में पकड़े गए नकली शराब के जखीरे के तार सागर तक पहुंचने की जानकारी के बाद भी नेटवर्क की पड़ताल क्यों नहीं की गई? और जब संदिग्ध शराब को पीने योग्य बताया गया, तब उसके नमूने फॉरेंसिक जांच के लिए क्यों नहीं भेजे गए? दैनिक भास्कर ने पूरे मामले की पड़ताल की। इसमें तीन स्तर पर जिम्मेदारी और चूक के सवाल सामने आए… किसे क्या करना था, क्या हुआ? 16 गिरफ्तार, 17 पर इनाम, नकली शराब बनाने का नेटवर्क सामने आया मामले में सागर पुलिस ने बंडा और विनायका थाना क्षेत्रों में दर्ज प्रकरणों की जांच करते हुए 17 पर इनाम रखा है। अब तक 33 आरोपियों में से 16 को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में अवैध शराब तैयार करने, पैकिंग और ग्रामीण क्षेत्रों में सप्लाई नेटवर्क से जुड़ी जानकारी सामने आई है। जांच में बरेठी मदिरा दुकान के लाइसेंसी ठेकेदार मनीष लोधी उर्फ यशवंत ठाकुर निवासी बंडा की भूमिका सामने आई है। पुलिस के मुताबिक वह अंतर्राज्यीय शराब तस्कर रवि लखेरा के संपर्क में था। लखेरा से शराब बनाने का तरीका और फार्मूला मिलने के बाद इस नेटवर्क ने नकली शराब तैयार करना शुरू किया। पुलिस ने मुख्य आरोपी चंद्रभान उर्फ चंदू पिता द्वारका सिंह राजपूत निवासी ततरवारा, थाना बंडा के मक्का के खेत से 164 क्वार्टर सागर गोल्ड एवं प्लेन मदिरा और 27 लीटर अमानक शराब बरामद की है। मौके से शराब की पैकिंग और निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री भी मिली, जिसमें खाली क्वार्टर, लेबल, ढक्कन, मापने के उपकरण, फेवीकल, टेप, ब्लेड, शराब भरने की छोटी-बड़ी चुग्गियां और कार्टून शामिल हैं। जन्माष्टमी से पहले तैयार की गई थी 50 पेटी शराब पुलिस की जांच के मुताबिक जन्माष्टमी से करीब दो दिन पहले ततरवारा स्थित चंदू राजपूत के मक्का के खेत में करीब 50 पेटी नकली शराब ‘सागर गोल्ड’ के नाम से तैयार की गई थी। इसके लिए प्रिंट, बारदाना और रैपर सहित अन्य सामग्री मनीष लोधी और रवि लखेरा द्वारा उपलब्ध कराई गई थी। पुलिस के अनुसार तैयार शराब को शिवांजय राजपूत, मनीष लोधी और चंद्रभान राजपूत ने बामौराज, गूगरा, पाटन, छापरी सहित आसपास के गांवों में सेल्समैन के जरिए पहुंचाया। पुलिस कार्रवाई की भनक लगने के बाद चंदू राजपूत और उसके परिवार के सदस्यों द्वारा अवैध शराब और निर्माण सामग्री को जलाकर नष्ट करने का प्रयास किए जाने की बात भी जांच में सामने आई है। 252 लीटर से ज्यादा शराब जब्त नेटवर्क से जुड़े लोगों पर पहले से भी केस पुलिस के अनुसार पप्पू लोधी निवासी मेहरूनी, ललितपुर के खिलाफ थाना बहेरोल में आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत मामला दर्ज है और वह जेल में है। रवि लखेरा को अंतर्राज्यीय शराब तस्कर बताया गया है। उसके खिलाफ करीब 25 अपराध दर्ज हैं। वर्ष 2025 में थाना बहेरिया, जिला सागर में भी उसके खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया था। चंदू राजा निवासी ततरवारा के खिलाफ पांच मामले दर्ज हैं। वहीं बरेठी मदिरा दुकान के लाइसेंसी मनीष लोधी उर्फ यशवंत ठाकुर के खिलाफ 11 अपराध पंजीबद्ध हैं, जिनमें छह मामले शराब तस्करी से जुड़े बताए गए हैं। सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा-प्रशासन को फ्री हैंड दिया मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सागर जहरीली शराबकांड की न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही इरशाद वली को सागर का नया आईजी बनाया है। वहीं, दिलीप कुमार संभागायुक्त का पद संभाल चुके हैं। इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवार को सागर जिला अस्पताल पहुंचे थे। उन्होंने भर्ती मरीजों से मुलाकात कर उनका हाल जाना। सीएम ने कहा- आरोपियों पर आजीवन कारावास और फांसी वाली धाराओं में कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन को फ्री हैंड दिया गया है। अतिक्रमण तोड़ने समेत जो भी जरूरी कार्रवाई है, वह की जाएगी। ये खबरें भी पढ़ें… सरपंच ही शराब कारोबारी, 28 मौतों के पीछे राजनीतिक रसूख:सागर के ततरवारा में काले पत्थर से की कमाई; इसी के दम पर जीता चुनाव जांच-सख्ती,सुधार… हर एक्शन के लिए लाशें गिनना जरूरी है क्या?:सागर में 22, बालाघाट में 30 आदिवासी बच्चों की मौत, ये नींद कब टूटेगी? राहुल गांधी बोले- भारत की सबसे भ्रष्ट सरकार MP में:कहा- दवा जहरीली, पानी जहरीला, शराब जहरीली; सागर में 24 मौतें, 120 लोग अस्पताल में UP की ‘₹40 वाली शराब’ ने 28 लोगों को मारा!:परिवार बोला- अपने बाल नोचे, पहचानना भूले, तड़प रहे थे; चिताएं देख रो पड़ा गांव MP में जहरीली शराब से 2 दिन में 12 मौतें:जहर इतना कि शरीर नीले पड़े, 109 भर्ती; सागर में 5 अधिकारी सस्पेंड, 30 पर FIR
