शुजालपुर मंडी थाना पुलिस ने एक व्यापारी को हनीट्रैप में फंसा की शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर दो लोगों को हिरासत में लिया है। दोनों एडिटेड वीडियो के जरिए ब्लैकमेल कर 3 लाख लेने के बाद 2 लाख और मांग रहे थे, इसलिए मामला पुलिस तक पहुंच गया। आरोपियों ने व्यापारी और उसके एक परिचित से कुल 5 लाख रुपए की मांग की थी। बदनामी के डर से दोनों ने 3 लाख रुपए दिए, जिसके बाद आरोपियों ने 2 लाख रुपए और मांगे। पुलिस ने रानौगंज और फ्रीगंज निवासी इन युवकों अजय केवट और राकेश सणस के कब्जे से दो मोबाइल फोन और एक एसयूवी कार बरामद की है। पुलिस को दी शिकायत के अनुसार, 3 अगस्त को एक अजय केवट ने व्यापारी को फोन कर उपसरपंच चाय दुकान के सामने बुलाया। वहां एसयूवी कार में उसे एक एडिटेड वीडियो दिखाया गया। इस वीडियो में व्यापारी को खाते-पीते हुए और एक युवती के साथ नाचते हुए दिखाया गया था। यहां अजय और राकेश ने वीडियो वायरल कर बदनाम करने की धमकी दी और 5 लाख रुपए की मांग की। व्यापारी ने बदनामी के डर से सोचने के लिए समय मांगा। एक परिचित को भी फंसाया इसी बीच, व्यापारी के एक परिचित ने बताया कि आरोपियों ने उसे भी इसी तरह का वीडियो दिखाकर 5 लाख रुपए मांगे हैं। दोनों पीड़ितों को डर था कि वीडियो सार्वजनिक होने पर उनकी और उनके परिवारों की सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान होगा। इसके बाद दोनों ने आरोपियों को पैसे देने की सहमति जताई। 5 अगस्त को अजय और राकेश ने दोबारा पैसे देने का दबाव बनाया। दोनों ने डेढ़-डेढ़ लाख रुपए की व्यवस्था कर कुल 3 लाख रुपए देने की बात कही। दोपहर में राशि की व्यवस्था होने पर उन्होंने फोन किया और रेलवे स्टेशन पार्किंग में आरोपियों को 3 लाख रुपए सौंप दिए। कुछ दिनों बाद आरोपियों द्वारा 2 लाख रुपए और मांगे जाने पर यह मामला पुलिस तक पहुंचा। एक ज्वेलर्स व्यापारी के साथ भी ऐसी घटना होने का मामला शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है, लेकिन इस मामले में बदनामी के डर से व्यापारी ने कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई है। साल में दस बार मनाता बर्थडे, हर बार नए गेस्ट..
थाना प्रभारी एसके यादव ने बताया कि पार्टी में बुलाकर वीडियो बनाने का पैटर्न भी जांच जारी है। पूछताछ में ब्लैकमेलिंग का एक अन्य तरीका भी सामने आने की बात सामने आई है। इसमें साल में कई बार बर्थडे होना बताकर एक ही युवक अपने परिचित लोगों को जन्मदिन या पार्टी के बहाने शहर से बाहर रेस्टोरेंट, होटल या वाटर पार्क में बुलाता था। वहां शराब पीने, खाना खाने और नशे की स्थिति में इंदौर, भोपाल, मुंबई, कलकत्ता से आई लड़कियों के साथ नाचने के दौरान वीडियो बनाए जाने की जानकारी सामने आई है। आरोप है कि बाद में इन्हीं वीडियो को दिखाकर संबंधित लोगों को बदनाम करने का डर पैदा किया जाता था। खुद को पत्रकार बताने वाला एक आरोपी वीडियो को समाचार का रूप देकर प्रसारित करने की धमकी देता था। इसके पास किसी समाचार संस्थान का आईडी या शासन अधिमान्यता पुलिस को नहीं मिली है। अड़ी डालकर वसूली के इस पूरे तरीके की जांच कर रही है। एक आरोपी स्पा सेंटर भी चलाता था
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में से एक शहर में स्पा सेंटर का संचालन भी पूर्व में करता था। दोनों के आपराधिक रिकॉर्ड की भी जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस मोबाइल डाटा के आधार पर यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह से और कितने लोग जुड़े हैं तथा कितने लोगों को इस तरह निशाना बनाया गया। शहर में एक अन्य व्यापारी को भी इसी तरह ब्लैकमेल किए जाने की चर्चा है, हालांकि पुलिस ने फिलहाल किसी अन्य व्यापारी की ओर से शिकायत मिलने की पुष्टि नहीं की है।
मामले में एक अन्य आरोपी के फरार होने की जानकारी भी सामने आई है। पुलिस ने उसका नाम अभी सार्वजनिक नहीं किया है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के लिए न्यायालय से पुलिस रिमांड मांगा जाएगा। पुलिस का कहना है कि मोबाइल डाटा और पूछताछ के बाद मामले में और खुलासे हो सकते हैं।
