तिरुवनंतपुरम से कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने शनिवार को कहा कि कांग्रेस पार्टी को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) से सीखना चाहिए। कांग्रेस को जाति और वर्ग से आगे बढ़कर आम जनता से जुड़े मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए। थरूर का यह बयान उस वक्त आया है जब कांग्रेस OBC तक पहुंच और जाति पर आधारित प्रतिनिधित्व पर फोकस बढ़ा रही है। थरूर ने कहा कि पार्टी को जाति, धर्म, वर्ग और दूसरे समूहों से जुड़े हितों से आगे बढ़ने की जरूरत है। न्यूज 18 को दिए एक इंटरव्यू में थरूर ने कहा कि कांग्रेस को आम जनता, मिडिल क्लास और पेशेवरों से जुड़े मुद्दों पर भी ध्यान देना चाहिए। यही मुद्दे जाति-धर्म से अलग सभी भारतीयों को प्रभावित करते हैं। थरूर बोले- जिन्हें नजरअंदाज कर रहे, उनपर ध्यान जरूरी थरूर ने कहा, “मैं पिछले कुछ समय से कह रहा हूं कि हमें जाति, धर्म, पंथ, आदिवासी या किसी खास समूह जैसे अलग-अलग हितों से आगे बढ़ने की जरूरत है। इसके साथ ही हमें उस क्षेत्र पर भी ज्यादा ध्यान देना चाहिए, जिसे हम नजरअंदाज करते रहे हैं।” जंतर-मंतर पर CJP ने जाति-धर्म से अलग मुद्दा उठाया CJP के प्रदर्शनों पर थरूर ने कहा कि जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी ने ऐसा मुद्दा उठाया, जिसका जाति, धर्म, भाषा, राज्य या पंथ से कोई संबंध नहीं था। इसके चलते उसे हर जगह से समर्थन मिला। उन्होंने कहा, “मैं किसी पार्टी की ओर से नहीं बोल रहा हूं और न ही किसी पार्टी के खिलाफ बोल रहा हूं।” कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) व्यंग्य पर आधारित एक आंदोलन है। इसे अभिजीत दिपके ने CJI सूर्यकांत की एक टिप्पणी के बाद शुरू किया था। CJP ने NEET पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन किया था। इसके बाद देशभर में प्रदर्शन हुए और अंत में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा। थरूर ने कांग्रेस के प्रदर्शन में शामिल होने की वकालत की थी जब थरूर से पूछा गया कि क्या कांग्रेस को CJP के प्रदर्शन में आधिकारिक तौर पर शामिल होना चाहिए था, तो उन्होंने कहा कि उन्होंने पार्टी के प्रदर्शन में शामिल होने की वकालत की थी। उन्होंने कहा, “मैंने सुझाव दिया था कि हमें इसमें शामिल होना चाहिए। CJP का प्रदर्शन और सोनम वांगचुक का अनशन, दोनों ही लोगों की कल्पना और ध्यान खींचने में सफल रहे।” थरूर ने बताया कि उन्हें कहा गया था कि कांग्रेस के प्रदर्शन में शामिल नहीं होने की वजह CJP नेतृत्व का एक पत्र था। यह पत्र कांग्रेस पार्टी को भेजा गया था और इसमें कुछ आपत्तिजनक बातें कही गई थीं। उन्होंने कहा, “इस वजह से कांग्रेस ने उनसे अलग रहने का फैसला किया। आप इसे समझ सकते हैं, हर संस्था का अपना संस्थागत हित होता है। अगर कांग्रेस को लगा कि ये लोग एक संस्था के तौर पर कांग्रेस के खिलाफ हैं, तो कांग्रेस उनके नाम के साथ क्यों जुड़े?” —————————– ये खबर भी पढ़ें… थरूर बोले- RSS की विचारधारा नहीं बदली:उनका मकसद देश को हिंदू राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ाना, लेकिन भागवत का बयान बदलाव का संकेत कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि RSS का मुख्य मकसद भारत को हिंदू राष्ट्र और हिंदुत्व के रूप में आगे बढ़ाना है और यह मूल विचारधारा आज भी नहीं बदली है। पूरी खबर पढ़ें…
