रीवा में लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में बाढ़ और जलभराव की स्थिति बनी हुई है। नगर निगम प्रशासन प्रभावित लोगों तक भोजन, नाश्ता, पेयजल और दवाइयां पहुंचाने में जुटा है। वहीं, पानी उतरने के बाद जलभराव वाले क्षेत्रों में अव्यवस्थित कॉलोनियों और नियम विरुद्ध निर्माण की जांच की तैयारी शुरू कर दी गई है। महापौर अजय मिश्रा ‘बाबा’ ने कहा कि बाढ़ की स्थिति सामान्य होने के बाद ऐसे क्षेत्रों को चिन्हित किया जाएगा, जहां उचित जल निकासी के बिना कॉलोनियां विकसित की गई हैं। ऐसे निर्माण भी देखे जाएंगे, जिनसे प्राकृतिक जल निकासी प्रभावित हुई है। नियमों का उल्लंघन मिलने पर संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि बाढ़ के दौरान सामने आई जलभराव की समस्या की समीक्षा की जाएगी। नालियों, नालों और प्राकृतिक जल निकासी के रास्तों पर अतिक्रमण या अव्यवस्थित निर्माण के कारण पानी की निकासी प्रभावित होने वाले क्षेत्रों की पहचान की जाएगी। बाढ़ राहत कार्य जारी महापौर ने राहत किचन का निरीक्षण किया। उन्होंने खुद भोजन चखा और बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए दोनों समय भोजन और नाश्ते की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। रसोई में साफ-सफाई और भोजन की गुणवत्ता भी देखी। फिलहाल नगर निगम की प्राथमिकता बाढ़ प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाना है। प्रभावित परिवारों को भोजन, स्वच्छ पेयजल और जरूरी दवाइयां उपलब्ध कराई जा रही हैं। प्रभावित वार्डों में सफाई के साथ ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव भी कराया जा रहा है। बाढ़ का पानी उतरने के बाद होगा सर्वे बाढ़ का पानी उतरने के बाद नगर निगम की टीम जलभराव वाले क्षेत्रों का सर्वे करेगी। इसमें नालियों और जल निकासी के रास्तों की स्थिति देखी जाएगी। इसके साथ अव्यवस्थित कॉलोनियों और नियम विरुद्ध निर्माण को भी चिन्हित किया जाएगा। जरूरत के अनुसार नोटिस देने और कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू होगी। महापौर ने अधिकारियों को राहत कार्य के साथ भविष्य में जलभराव की समस्या रोकने के लिए स्थायी समाधान पर काम करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक जल निकासी में बाधा डालने वाले अवैध निर्माण और अव्यवस्थित विकास को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।
