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MP में ओले-बारिश…फसलों पर असर:20 जिलों में बिगड़ा मौसम; मार्च की शुरुआत में भी गिरेगा पानी

साइक्लोनिक सर्कुलेशन (चक्रवात) और टर्फ की वजह से मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज बदला हुआ है। पिछले 2 दिन में 20 से ज्यादा जिलों में तेज आंधी-बारिश का दौर रहा। कुछ में ओले भी गिरे। इस वजह से गेहूं-चने की फसलों पर असर पड़ा। मौसम विभाग की माने तो बुधवार को मौसम साफ रहेगा, लेकिन मार्च की शुरुआत में पानी गिरने का अनुमान है। मंगलवार को छिंदवाड़ा, सिवनी, बैतूल, पांढुर्णा, रतलाम, उज्जैन, बालाघाट, मंडला, खंडवा, सीहोर, रायसेन, इंदौर, अनूपपुर और डिंडौरी में मौसम बदला रहा। कहीं आंधी के साथ बारिश हुई तो कहीं ओले भी गिरे। इन जिलों में भी बारिश हुई
इससे पहले 24 घंटे के दौरान श्योपुर, शिवपुरी, ग्वालियर, अलीराजपुर, बड़वानी, धार, अशोकनगर, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, मैहर, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, दमोह, जबलपुर, मंडला और बालाघाट में हल्की बारिश दर्ज की गई। शिवपुरी, टीकमगढ़, छतरपुर, मैहर, सीधी और सिंगरौली जिलों में ओलावृष्टि हुई। 27 फरवरी से नया सिस्टम, प्रदेश में भी असर
मौसम विभाग के अनुसार, 27 फरवरी को पश्चिमी हिमालय क्षेत्र को एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) प्रभावित कर सकता है। जिसका असर एमपी में भी देखने को मिलेगा। यानी, 1 और 2 मार्च को प्रदेश में कहीं-कहीं बारिश हो सकती है। फरवरी में चार बार बारिश वाला मौसम बता दें कि फरवरी के शुरुआत में ही प्रदेश में दो बार ओले, बारिश और आंधी का दौर रह चुका है। इससे फसलों को खासा नुकसान हुआ था। इसके बाद सरकार ने प्रभावित फसलों का सर्वे भी कराया था। 18 फरवरी से तीसरी बार प्रदेश भीगा। 19, 20 और 21 फरवरी को भी असर रहा। अब चौथी बार 23-24 फरवरी को भी ओले-बारिश का दौर रहा। ठंड का असर नहीं, चलने लगे पंखें इन दिनों उन जिलों में दिन के तापमान में गिरावट हुई है, जहां बारिश का दौर है, लेकिन बाकी जिलों में पारा 30 डिग्री के पार चल रहा है। दूसरी ओर, रात में भी ठंड का असर देखने को नहीं मिल रहा है। सोमवार-मंगलवार की रात में प्रदेश के 5 बड़े शहरों में तापमान 14 डिग्री से ज्यादा ही रहा। वहीं, पचमढ़ी सबसे ठंडा दर्ज किया गया। यहां न्यूनतम तापमान 10.8 डिग्री तक रहा। मंदसौर में 10.9 डिग्री, शाजापुर में 11.5 डिग्री, चित्रकूट में 11.7 डिग्री, राजगढ़ में 12 डिग्री, खजुराहो में 12.2 डिग्री, दतिया में 12.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। MP के पांच बड़े शहरों में फरवरी का मौसम… भोपाल में रातें ठंडी रहती हैं, दिन गर्म भोपाल में रातें ठंडी रहती हैं, जबकि दिन गर्म। वर्ष 2014 से 2024 के बीच 4 साल दिन का अधिकतम तापमान 35 डिग्री के पार पहुंच गया था। रात में 7 साल पारा 10 डिग्री से कम दर्ज किया गया। इस बार फरवरी में दिन का तापमान 30 डिग्री के पार है।
इंदौर में बारिश का ट्रेंड नहीं फरवरी में इंदौर में बारिश होने का ट्रेंड नहीं है। 2014 और 2015 में बूंदाबांदी जरूर हुई थी। दूसरी ओर दिन में अधिकतम तापमान 30 डिग्री के पार ही रहता है। 2019 में तापमान 35 डिग्री दर्ज किया गया था। यहां रात में पारा 10 डिग्री के नीचे रहता है।
ग्वालियर में कड़ाके की ठंड ग्वालियर में कड़ाके की ठंड का ट्रेंड रहता है। इसकी वजह यहां सीधे उत्तरी हवाएं आना है। 4 फरवरी 2018 की रात में न्यूनतम पारा रिकॉर्ड 1.9 डिग्री दर्ज किया गया था। साल 2019, 2022 और 2023 में न्यूनतम तापमान 3 डिग्री से नीचे ही रहा। पिछले साल ग्वालियर में बारिश भी हुई थी। इस बार यहां फरवरी के पहले ही दिन बारिश का दौर रहा है।
जबलपुर में भी बदला रहता है मौसम जबलपुर में भी मौसम बदला रहता है। फरवरी के दूसरे सप्ताह के बाद दिन का अधिकतम तापमान 30 डिग्री से अधिक रहता है, जबकि रात में तापमान न्यूनतम 11 डिग्री के आसपास रहता है। यहां फरवरी में बारिश का भी ट्रेंड है। 10 में से 6 साल यहां बारिश हो चुकी है। उज्जैन में गर्मी, बारिश और ठंड का दौर उज्जैन में गर्मी और ठंड के साथ बारिश भी होती है। दिन में अधिकतम तापमान 30 डिग्री के पार ही रहता है, जबकि रात में न्यूनतम पारा 10 डिग्री से कम दर्ज किया जाता है। उज्जैन में फरवरी महीने में बारिश का ट्रेंड कम ही है।

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