रतलाम में सराफा व्यापारी अर्पित चौरड़िया से 13 अगस्त की रात हुई करीब 7.5 करोड़ रुपए की सोना-चांदी लूट का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। वारदात की साजिश व्यापारी की दुकान पर काम करने वाले कर्मचारी रोहित नायक ने रची थी। उसे पता था कि व्यापारी कब, किस रास्ते और कितनी मात्रा में सोना लेकर जाता है। उसने यह जानकारी अपने साथी अभिजीत उर्फ अभय को दी। इसके बाद आरोपियों ने करीब डेढ़ महीने तक व्यापारी की रैकी की। पुलिस ने मामले में 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मास्टरमाइंड कर्मचारी रोहित नायक और उसका साथी गौरव गुर्जर फरार हैं। आरोपियों के कब्जे से 4.167 किलो सोने के 238 जेवर और 4.47 किलो चांदी के 183 जेवर बरामद किए गए हैं। बरामद माल की कीमत करीब 5.41 करोड़ रुपए है। पहले भी लूट की कोशिश की, लेकिन रहे नाकाम पुलिस के मुताबिक, रोहित नायक और अभिजीत ने करीब डेढ़ महीने पहले भी व्यापारी को लूटने की योजना बनाई थी। रोहित को पता था कि व्यापारी कभी बस और कभी दोपहिया वाहन से अकेले जाता है। दोनों ने रुणीजा-बड़नगर के बीच रास्ते में लूट की प्लानिंग की। आरोपी वहां पहुंच भी गए थे, लेकिन उस दिन व्यापारी के साथ एक अन्य व्यक्ति भी था। इसलिए उन्होंने वारदात नहीं की। इसके बाद भी आरोपियों ने व्यापारी की गतिविधियों पर नजर रखी। मौका मिलने पर 13 अगस्त को बस में लूट की वारदात को अंजाम दिया। दुकान के नीचे चाय की दुकान से मिली अंदर की जानकारी मुख्य आरोपी अभिजीत उर्फ अभय गणेश मार्केट में व्यापारी की दुकान के नीचे महाराज चाय की दुकान चलाता है। पुलिस के मुताबिक, इसी दौरान उसकी पहचान व्यापारी के कर्मचारी रोहित नायक से हुई। अभिजीत ने रोहित से व्यापारी के आने-जाने और साथ ले जाने वाले माल की जानकारी ली। इसके बाद दोनों ने लूट की योजना बनाई। रतलाम कोर्ट चौराहे पर राहुल उर्फ वीर गुर्जर की चाय की दुकान पर बैठकर भी आरोपियों ने वारदात की प्लानिंग की। आरोपियों ने व्यापारी की गतिविधियों पर नजर रखकर उसके रूट, समय और साथ मौजूद रहने वाले लोगों की जानकारी जुटाई। बस में पीछे बैठकर बैग छीना, दो बाइक से भागे 13 अगस्त की रात व्यापारी बड़नगर से रतलाम लौटने के लिए बस में सवार हुआ था। आरोपियों ने रेन फंटे के पास बस रुकवाई। इसके बाद बस में मौजूद बदमाशों ने व्यापारी का बैग छीना और बाहर निकलकर बाइक से फरार हो गए। पुलिस के मुताबिक, वारदात के बाद आरोपियों के भागने के लिए रवि उर्फ बबला गुर्जर ने दो बाइक उपलब्ध कराई थीं। लूट के बाद इंदौर में रुकने की थी प्लानिंग पुलिस के अनुसार, वारदात से पहले ही आरोपियों ने तय कर लिया था कि लूट के बाद कहां जाना है। फरार आरोपी गौरव गुर्जर इंदौर के हरसौला का रहने वाला है और वहां ढाबा चलाता है। वह गिरफ्तार आरोपी राहुल उर्फ वीर गुर्जर के मामा का लड़का है। राहुल ने गौरव को लूट के बाद आरोपियों के हरसौला में रुकने की प्लानिंग बताई थी। वारदात के बाद आरोपी हरसौला पहुंचे और वहां रुके। पुलिस की तलाश बढ़ने पर वे हिम्मतगढ़ के पहाड़ी इलाके में चले गए, जहां से पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। एनएनजी ग्रुप बनाकर करते थे वारदात की प्लानिंग पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार सभी आरोपी आपराधिक प्रवृत्ति के हैं और उन्होंने एनएनजी ग्रुप बना रखा था। आरोपियों के खिलाफ अलग-अलग थानों में पहले से केस दर्ज हैं। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि बरामद 5.41 करोड़ रुपए के माल के अलावा बाकी लूटा गया माल कहां है। रोहित नायक को भी हिरासत में ले लिया गया है। अब गौरव गुर्जर की गिरफ्तारी के बाद मामले में और खुलासे होने की संभावना है। 48 घंटे में खुलासा, सर्राफा व्यापारियों ने किया पुलिस का सम्मान लूट का 48 घंटे में खुलासा करने पर रतलाम के सर्राफा व्यापारियों ने पुलिस कंट्रोल रूम पहुंचकर आईजी, डीआईजी, एसपी समेत पुलिसकर्मियों का सम्मान किया। आईजी ने बताया कि खुलासे में रतलाम जिले की सभी पुलिस टीमों के साथ बड़नगर पुलिस भी शामिल रही। मुख्यमंत्री और डीजीपी ने भी पुलिस टीम को बधाई दी है। खुलासे में शामिल सभी पुलिसकर्मियों को इनाम देने के लिए प्रस्ताव बनाकर पुलिस मुख्यालय भेजा जा रहा है।
