दिल्ली में लाल किले पर स्वतंत्रता दिवस समारोह में राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे लगातार दूसरे साल शामिल नहीं हुए। 2025 में भी दोनों ने स्वतंत्रता दिवस समारोह में हिस्सा नहीं लिया था। इस पर भाजपा ने कहा कि राहुल गांधी नेता प्रतिपक्ष बनने के योग्य नहीं हैं। उनकी सोच दिमागी नक्सल इकोसिस्टम जैसी है। रक्षा मंत्रालय ने राहुल और खड़गे को स्वतंत्रता दिवस समारोह का औपचारिक निमंत्रण भेजा था। हालांकि, दोनों कार्यक्रम में नहीं पहुंचे। इसके पीछे 2024 का विवाद बताया जा रहा है। उस समय कांग्रेस ने राहुल की सीटिंग व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताई थी। कांग्रेस बोली- भाजपा को हर चीज में अपमान दिखता है 2024 में पीछे की लाइन में बैठाने पर हुआ था विवाद 2024 में राहुल गांधी लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष बने थे। इस साल लाल किले पर स्वतंत्रता दिवस समारोह में उन्हें 5वीं पंक्ति में बैठाया गया था। कांग्रेस ने इस व्यवस्था की आलोचना की और आरोप लगाया था कि सरकार ने राहुल को पीछे की सीट देकर नेता प्रतिपक्ष के पद का अपमान किया है। हालांकि इन आरोपों पर जवाब देते हुए रक्षा मंत्रालय ने कहा था कि समारोह में पहुंचे ओलंपिक खिलाड़ियों को विशेष सम्मान देने और आगे बैठाने के कारण उस साल बैठने के क्रम में यह बदलाव करना पड़ा था। कैबिनेट मंत्री के साथ बैठते हैं विपक्ष के नेता रक्षा मंत्रालय के मुताबिक स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में नेता प्रतिपक्ष के बैठने की जगह ‘टेबल ऑफ प्रेसिडेंस’ (ToP) के नियमों के आधार पर तय की जाती है। राष्ट्रपति सचिवालय के नियमों के मुताबिक लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष की रैंक केंद्रीय कैबिनेट मंत्री के समकक्ष होती है और बैठने की व्यवस्था इसी के हिसाब से की जाती है।
