देवास के मांगलिया बायपास टोल प्लाजा पर खुद को भारतीय सेना का जवान बताकर मुफ़्त आवागमन कर रहे एक फर्जी सैन्य कर्मी को पकड़ा गया है। शुक्रवार को मिलिट्री इंटेलिजेंस (MI) महू और क्षिप्रा थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया है। टोल प्लाजा अधिकारी के संदेह पर मिलिट्री इंटेलिजेंस को दी सूचना टोल प्लाजा के वरिष्ठ अधिकारी विशाल मेहता को संदिग्ध व्यक्ति के हाव-भाव और बातचीत के तरीके पर संदेह हुआ था। इसके बाद उन्होंने तुरंत मिलिट्री इंटेलिजेंस महू को इसकी जानकारी दी, जिसके आधार पर टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। देवास के प्राइवेट बैंक में कार्यरत निकला आरोपी पूछताछ और दस्तावेजों की जांच के दौरान आरोपी के बयानों में कई विरोधाभास पाए गए। कड़ाई से की गई पूछताछ में उसकी पहचान देवास स्थित आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के कर्मचारी दीपक गुप्ता के रूप में हुई। बैंक के नाम से पंजीकृत वाहन से कर रहा था आवागमन जांच में आरोपी की कार (MP09DF7608) भी आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के नाम से पंजीकृत पाई गई। आरोपी बैंक की गाड़ी में फर्जी मिलिट्री आइडेंटिटी कार्ड का इस्तेमाल कर टोल टैक्स बचाने और रौब दिखाने के लिए घूम रहा था। फर्जी आईडी कार्ड और गिरोह के एंगल से जांच में जुटी पुलिस क्षिप्रा पुलिस और मिलिट्री इंटेलिजेंस की संयुक्त टीम मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी को फर्जी मिलिट्री आईडी कार्ड कहां से मिला और क्या इस फर्जीवाड़े में कोई अन्य गिरोह भी शामिल है।
