Homeमध्यप्रदेशमन की बात में MP के युवाओं का जिक्र:PM मोदी बोले- नदी...

मन की बात में MP के युवाओं का जिक्र:PM मोदी बोले- नदी सफाई के प्रयास से पूरा समाज जुड़ा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ‘मन की बात’ की 138वीं कड़ी में मध्य प्रदेश के युवाओं के नदी सफाई अभियान का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में कुछ नौजवान नदी की सफाई में जुटे हैं और उनके छोटे से प्रयास से पूरा समाज जुड़ रहा है। प्रधानमंत्री ने इसे जनभागीदारी का उदाहरण बताया। प्रधानमंत्री ने यह बात 2 अक्टूबर को महात्मा गांधी जयंती के संदर्भ में स्वच्छता के प्रयासों की चर्चा करते हुए कही। उन्होंने कहा कि देशभर में लोग अपने-अपने स्तर पर स्वच्छता के लिए काम कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी ऐसे प्रयासों की तस्वीरें और वीडियो सामने आ रहे हैं। पीएम ने कहा कि कहीं एक व्यक्ति से शुरुआत होती है और उसके साथ कुछ और लोग जुड़ते जाते हैं। धीरे-धीरे यह प्रयास एक बड़े कारवां में बदल जाता है। उन्होंने इसे ही जनभागीदारी बताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि बापू के प्रति सबसे सुंदर श्रद्धांजलि स्वच्छता ही है। हालांकि प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में मध्य प्रदेश के नदी सफाई अभियान की नदी, स्थान या युवाओं के नाम की जानकारी नहीं दी है। इसलिए उपलब्ध मूल पाठ के आधार पर अभियान से जुड़ी अतिरिक्त जानकारी सामने नहीं आती। 10 साल पहले हुई सर्जिकल स्ट्राइक को किया याद प्रधानमंत्री ने ‘मन की बात’ की शुरुआत 28-29 सितंबर 2016 को हुई सर्जिकल स्ट्राइक की चर्चा से की। उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक सैन्य कार्रवाई को एक दिन बाद 10 साल पूरे होने जा रहे हैं। पीएम ने कहा कि भारतीय सेना ने एलओसी पार जाकर पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर कार्रवाई की थी। उन्होंने कहा कि बीते एक दशक में बालाकोट एयर स्ट्राइक से लेकर ऑपरेशन सिंदूर तक भारत ने आतंकवाद के खिलाफ अपनी नीति स्पष्ट की है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अब आतंकवाद के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर चल रहा है। जनगणना में 32 करोड़ से ज्यादा परिवारों की जानकारी दर्ज प्रधानमंत्री ने देश में चल रही जनगणना का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में जनगणना का पहला चरण लगभग पूरा हो चुका है और 32 करोड़ से अधिक परिवारों की जानकारी दर्ज की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि नागरिक मोबाइल से स्वयं भी अपनी जानकारी दर्ज कर सकते हैं। इसके लिए जनगणना पोर्टल पर लॉगिन कर परिवार की जानकारी भरनी होगी। यह सुविधा हिंदी समेत 16 भाषाओं में उपलब्ध है। प्रधानमंत्री के मुताबिक अब तक 2 करोड़ 60 लाख से ज्यादा लोग मोबाइल के जरिए स्व-गणना कर चुके हैं। अशोक सिंहल की 100वीं जयंती पर किया स्मरण 27 सितंबर को विश्व हिंदू परिषद के पूर्व अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष स्वर्गीय अशोक सिंहल की 100वीं जयंती के मौके पर प्रधानमंत्री ने उन्हें याद किया। उन्होंने रामजन्मभूमि आंदोलन में सिंहल की भूमिका का उल्लेख किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि अशोक सिंहल ने सामाजिक भेदभाव और विषमता के खिलाफ भी काम किया। उन्होंने बताया कि सिंहल का जन्म एक समृद्ध परिवार में हुआ था और वे आईआईटी बीएचयू से ग्रेजुएट थे, लेकिन उन्होंने अपना जीवन समाज और संस्कृति के लिए समर्पित कर दिया। सोमनाथ के साथ मोढेरा सूर्य मंदिर की कहानी प्रधानमंत्री ने ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ का जिक्र करते हुए गुजरात के मोढेरा सूर्य मंदिर की चर्चा की। उन्होंने कहा कि 1026 में सोमनाथ मंदिर के विध्वंस के साथ ही मोढेरा के सूर्य मंदिर पर भी हमला हुआ था। उन्होंने बताया कि राजा भीमदेव प्रथम ने मोढेरा सूर्य मंदिर का पुनर्निर्माण कराया था। प्रधानमंत्री ने आज के मोढेरा को देश के पहले सौर ग्राम के रूप में भी सामने रखा और कहा कि गांव पूरी तरह सौर ऊर्जा से चलता है। पुरानी प्रतिमाओं और मंदिरों की खोज का प्रयास तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली के मनप्पारई में प्राचीन विरासत को खोजने के प्रयास का भी प्रधानमंत्री ने उल्लेख किया। कॉलेज के तमिल अध्ययन विभाग से जुड़े ए. सेल्वाराजू को एक छात्र से प्राचीन प्रतिमाओं की जानकारी मिली। इसके बाद उन्होंने फील्ड विजिट की और अलग-अलग स्थानों पर प्राचीन प्रतिमाएं व मंदिर खोजे। प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसे प्रयास लोगों को अपने इतिहास और विरासत से करीब से जुड़ने का अवसर देते हैं। पर्यावरण संरक्षण: हाथी लौटे, पिग्मी हॉग की संख्या बढ़ी प्रधानमंत्री ने असम के सोनाई रुपाई वन्यजीव अभयारण्य का उदाहरण दिया। उन्होंने बताया कि अतिक्रमण हटाए जाने के बाद हाथी फिर इस क्षेत्र में लौटे हैं। असम में ही पिग्मी हॉग के संरक्षण का भी जिक्र किया। प्रधानमंत्री के अनुसार संरक्षण कार्यक्रम की शुरुआत केवल 6 पिग्मी हॉग से हुई थी और अब इनकी संख्या 190 से ज्यादा हो चुकी है। सुंदरबन की महिलाएं मैंग्रोव से बना रहीं प्राकृतिक सुरक्षा कवच पश्चिम बंगाल के सुंदरबन में झारखाली की महिलाओं के प्रयासों का प्रधानमंत्री ने उल्लेख किया। इनमें ज्यादातर ऐसी महिलाएं हैं, जिनके पति टाइगर अटैक में मारे गए थे। प्रधानमंत्री ने बताया कि ये महिलाएं मैंग्रोव के जंगल तैयार कर रही हैं। लगाए गए मैंग्रोव गांवों के लिए प्राकृतिक सुरक्षा कवच का काम कर रहे हैं और महिलाओं के लिए आय का साधन भी बन रहे हैं। 100 सप्ताह चलेगा ‘नशा मुक्त युवा अभियान’ प्रधानमंत्री ने बताया कि देश के लाखों युवाओं ने नशे के खिलाफ संकल्प लिया है। ‘नशा मुक्त युवा अभियान’ 100 सप्ताह तक चलेगा। इसमें MY Bharat के स्वयंसेवक, NSS से जुड़े युवा, स्कूल-कॉलेज और विश्वविद्यालय तथा सामाजिक और आध्यात्मिक संस्थाएं शामिल हो रही हैं। अभियान के तहत स्लोगन राइटिंग, एंथम और नुक्कड़ नाटक जैसी रचनात्मक गतिविधियां भी की जा रही हैं। गांवों से खेल प्रतिभाओं की तलाश पर जोर प्रधानमंत्री ने लाल किले से घोषित स्पोर्ट्स टैलेंट हंट अभियान की चर्चा की। उन्होंने कहा कि भारत में खेलों में बेहतर प्रदर्शन के लिए गांवों और कस्बों तक जाकर प्रतिभाओं को खोजना जरूरी है। उन्होंने पंजाब के पूर्व हॉकी खिलाड़ी और कोच राजिंदर सिंह का उदाहरण दिया, जो राउंड ग्लास हॉकी अकादमी के माध्यम से गांवों में बच्चों की प्रतिभा तलाशने और उन्हें प्रशिक्षण देने का काम कर रहे हैं। आंवले से बदली किसानों और महिलाओं की तस्वीर उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में आंवले को स्थानीय अर्थव्यवस्था से जोड़ने का उदाहरण प्रधानमंत्री ने दिया। उन्होंने बताया कि जिले में आंवला प्रोसेसिंग से जुड़ी करीब 100 इकाइयां काम कर रही हैं। स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं आंवले से कैंडी, मुरब्बा, जूस, अचार और पाचन पाउडर जैसे उत्पाद तैयार कर रही हैं। ओडीओपी के जरिए इन्हें मशीनरी, ऋण और बाजार से जुड़ने के अवसर मिले हैं। पोषण माह में राज्यों के स्थानीय प्रयोग प्रधानमंत्री ने सितंबर को पोषण माह के रूप में चल रही गतिविधियों का उल्लेख किया। छत्तीसगढ़ में ‘हर घर मुनगा-घर-घर मुनगा’ अभियान, गुजरात में मिलेट्स से बने व्यंजनों की प्रतियोगिता, महाराष्ट्र में शिक्षकों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और अभिभावकों के जागरूकता अभियान तथा मिजोरम में पोषण वाटिकाओं से जुड़े प्रयासों का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि आंगनवाड़ी केंद्र अब ‘पोषण ट्रैकर’ से डिजिटल रूप से जुड़े हैं और करीब 9 करोड़ लाभार्थी इसमें पंजीकृत हो चुके हैं। थाईलैंड में 10 हजार से ज्यादा गणेश प्रतिमाओं का संग्रह गणेश उत्सव के संदर्भ में प्रधानमंत्री ने थाईलैंड के पंथौन थीरखानोन का उदाहरण दिया। उन्होंने बताया कि भगवान गणेश के प्रति उनकी आस्था चार दशक से अधिक समय से जुड़ी है। उन्होंने उत्तरी थाईलैंड के चियांग माई में 2002 में स्थापित गणेश हिमाल म्यूजियम का भी उल्लेख किया। प्रधानमंत्री के अनुसार, इस संग्रहालय में 10 हजार से ज्यादा गणेश प्रतिमाएं हैं और वहां हर रविवार गणेश पूजा होती है।

Stay Connected
16,985FansLike
2,458FollowersFollow
61,453SubscribersSubscribe
Must Read
Related News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here