“मैंने तुमसे संबंध नहीं बनाए, बल्कि तुम्हें बिना विवाह अपनी अर्द्धांगिनी बनाया है। मैं तो बस प्रेम की गहराई में उतरना चाहता था।” “तुम्हारे प्रेम के लिए मैंने अपना ब्रह्मचर्य तोड़ा… बताओ, इसमें किसका फायदा हुआ?” ये शब्द हैं सीधी जिले में धर्म की आड़ लेकर अनैतिक कृत्यों के आरोपों में घिरे कथावाचक शिवमूरत उपाध्याय उर्फ सुदामा के। आरोप है कि युवती को प्रेमजाल में फंसाकर उसका शारीरिक शोषण किया और विरोध करने पर उसे धमकाया। युवती ने आरोप लगाया कि उसे नशीला पदार्थ खिलाकर बाबा ने उसके साथ रेप किया। पीड़िता की शिकायत पर पटना के गर्दनीबाग थाने में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 173 के तहत मामला दर्ज किया गया है। दैनिक भास्कर ने इस मामले की पड़ताल की तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। पीड़िता ने सिलसिलेबार पूरी कहानी बताई.. B.Ed. में एडमिशन दिलाने के नाम पर एक लाख रुपए लिए पीड़िता के अनुसार, वर्ष 2012-13 में उसके मामा ने सतचंडी यज्ञ कराया था, जिसमें सीधी के ग्राम नरगी निवासी कथावाचक शिवमूरत उपाध्याय आया था। वहीं दोनों की पहचान हुई। वर्ष 2023 में जब युवती को B.Ed. करना था, तब आरोपी ने कहा कि सीधी में उसके बड़े जजमानों का कॉलेज और यूनिवर्सिटी है। उसने फीस में छूट दिलाने और केवल परीक्षा देने आने का झांसा देकर एडमिशन करा दिया। आरोप है कि इस दौरान उसने युवती से एक लाख रुपए भी ले लिए। भरोसा जीतने के लिए आरोपी ने युवती की मुलाकात बनारस में अपनी बहन के परिवार से भी कराई। खाने और लड्डू में नशीला पदार्थ मिलाकर दुष्कर्म का आरोप पीड़िता 5 जून 2024 को B.Ed. की परीक्षा देने सीधी आई थी। 28 जून को परीक्षा समाप्त होने के बाद 29 जून को आरोपी उसे अपने गांव नरगी ले गया। आरोप है कि वहां उसने खाने और लड्डू में नशीला पदार्थ मिला दिया। तबीयत बिगड़ने पर उसने एक और गोली खाने के लिए दी। इसके बाद युवती का शरीर पूरी तरह शिथिल हो गया। वह होश में थी, लेकिन विरोध करने की स्थिति में नहीं थी। पीड़िता का आरोप है कि इसी दौरान आरोपी ने उसकी इच्छा के विरुद्ध दुष्कर्म किया। बाद में शिकायत करने की बात कहने पर शादी का झांसा देकर उसका भरोसा जीत लिया और अलग-अलग स्थानों पर उसका लगातार शारीरिक शोषण करता रहा। बाबा ने पीड़िता से कहा- मेरी मंत्री-सांसद से पहचान है पीड़िता के अनुसार, 23 अगस्त 2025 को आरोपी ने अचानक उससे दूरी बना ली और कहा कि अब दोनों का कोई संबंध नहीं है। जब युवती उसकी बहन के पास न्याय की उम्मीद लेकर पहुंची तो उसने भी शादी से इनकार करते हुए कहा कि जहां जाना हो जाओ, पुलिस भी कुछ नहीं कर पाएगी क्योंकि उसके भाई की पहचान विधायक, सांसद और मंत्रियों से है। इसके बाद आरोपी के परिचितों ने पीड़िता को फोन पर अश्लील गालियां दीं और जान से मारने की धमकियां दीं। लगातार मानसिक प्रताड़ना के बाद पीड़िता ने 19 जुलाई 2026 को पटना के गर्दनीबाग थाने में आरोपी और उसके सहयोगियों के खिलाफ मामला दर्ज कराया। आध्यत्म का झांसा देकर रेप किया- कहता था मैंने तुम्हें अर्द्धांगिनी बनाया पीड़िता के अनुसार, दुष्कर्म के बाद जब उसने विरोध किया और कानूनी कार्रवाई की बात कही तो आरोपी ने कहा कि मैंने तुमसे संबंध नहीं बनाए, बल्कि तुम्हें बिना विवाह अपनी अर्द्धांगिनी बनाया है। मैं तो बस प्रेम की गहराई में उतरना चाहता था। आरोप है कि उसने इस कृत्य को वासना नहीं, बल्कि आध्यात्मिक प्रेम बताकर पीड़िता को भ्रमित करने और शिकायत से रोकने की कोशिश की। तुम्हारे प्रेम के लिए मैंने अपना ब्रह्मचर्य तोड़ा पीड़िता के मुताबिक, आरोपी ने खुद को निर्दोष साबित करने के लिए कहा कि मैंने तो तुम्हारी वजह से अपनी वर्षों की तपस्या और संयम दांव पर लगा दिया। तुम्हारे प्रेम के लिए मैंने अपना ब्रह्मचर्य तोड़ा है। अब तुम ही बताओ, इसमें किसका फायदा हुआ? तुमने तो एक साधु का सब कुछ पा लिया, जबकि मैंने अपनी साधना गंवा दी। पीड़िता का आरोप है कि आरोपी ने खुद को अपराधी नहीं, बल्कि त्यागी साबित करने की कोशिश की ताकि उसके मन में अपराधबोध पैदा हो जाए और वह शिकायत न करे। लग्जरी गाड़ियों का शौक, करोड़ों की संपत्ति बनाने के आरोप पीड़िता ने बताया कि शिवमूरत उपाध्याय साधारण कथावाचक नहीं, बल्कि बेहद आलीशान जीवनशैली जीता था। वह महंगी लग्जरी गाड़ियों और 25-25 वाहनों के काफिले के साथ चलता था। वृंदावन से लेकर सीधी तक उसकी आवाजाही इसी तरह होती थी। वह खुद को बड़े नेताओं और मंत्रियों का करीबी बताकर लोगों पर प्रभाव जमाता था। धर्म और कथावाचन के नाम पर मिलने वाले चढ़ावे और धन से वह अपनी विलासितापूर्ण जीवनशैली चलाता था। नेताओं और अधिकारियों से करीबी संबंध होने का दावा पीड़िता और स्थानीय चर्चाओं के अनुसार, आरोपी का कई नेताओं, पुलिस अधिकारियों और प्रशासनिक अफसरों से मेलजोल था। उसकी तस्वीरें सीधी के सांसद राजेश मिश्रा, पूर्व कलेक्टर रवींद्र चौधरी और पूर्व आईपीएस पंकज कुमावत समेत कई सार्वजनिक हस्तियों के साथ सामने आई हैं। पीड़िता का आरोप है कि इन्हीं संपर्कों का हवाला देकर उसे डराया गया कि पुलिस और प्रशासन उसका कुछ नहीं बिगाड़ पाएंगे। प्रवचन में वैराग्य की बातें करता है कथावाचन के दौरान आरोपी वैराग्य की बातें करता था। कथा के दौरान वह कहता था कि शरीर की वासना क्षणिक है। शरीर केवल मांस और चमड़ी का ढांचा है। इसकी सुंदरता नश्वर है, इसमें किसी को नहीं फंसना चाहिए। पीड़िता का आरोप है कि मंच से वैराग्य और संयम का उपदेश देने वाला यही कथावाचक निजी जीवन में इसके बिल्कुल विपरीत आचरण करता था। बाबा बोला- मेरे खिलाफ जलने वालों ने साजिश रची शिवमूरत उपाध्याय ने सभी आरोपों को झूठा और मनगढ़ंत बताया है। उनका कहना है कि मेरे खिलाफ लगाए गए सभी आरोप मेरी सामाजिक और धार्मिक प्रतिष्ठा को धूमिल करने की साजिश हैं। मैंने कभी किसी के साथ कोई अनैतिक कृत्य, धोखाधड़ी या दुष्कर्म नहीं किया। B.Ed. एडमिशन के नाम पर रुपए लेने या नशीला पदार्थ देने के आरोप पूरी तरह निराधार हैं। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ मेरी तस्वीरें केवल सार्वजनिक कार्यक्रमों की हैं, जिनका इस मामले से कोई संबंध नहीं है। मुझे न्याय पालिका और पुलिस जांच पर पूरा भरोसा है। निष्पक्ष जांच में सत्य की ही विजय होगी और जल्द ही दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। मामले में मड़वास थाना प्रभारी अतर सिंह ने कहा कि एफआईआर अभी हमारे पास ट्रांसफर होकर नहीं आई है। जैसे ही हमारे पास आएगी,हम वैधानिक कार्रवाई करेंगे।
