मॉडल से साध्वी बनीं हर्षा रिछारिया उर्फ हर्षानंद गिरि एक बार फिर विवादों में हैं। गुरु पूर्णिमा पर उज्जैन में उन्होंने कुछ संतों पर निशाना साधा, आरोप लगाया कि वे उनके खाने-पहनने और माता-पिता के साथ रहने को लेकर लगातार टीका-टिप्पणी करते हैं। इसके बाद मध्य प्रदेश संत समिति के अध्यक्ष महाराज अनिलानंद ने उनके संन्यास पर ही सवाल खड़े कर दिए। क्या संन्यास को लेकर कोई लिखित नियम हैं, हर्षा ने क्यों कहा बड़े-बड़े संत मेनिक्योर-पेडिक्योर करवाते हैं; पूरा विवाद क्या है समझते हैं एमपी एक्सप्लेनर में… सवाल 1: संन्यास लेने के बाद क्या-क्या बदल जाता है? जवाब- हिंदू परंपरा में जीवन को चार चरणों में बांटा गया है- ब्रह्मचर्य, गृहस्थ, वानप्रस्थ और संन्यास। सवाल 2: क्या हर्षा अपने माता-पिता के साथ नहीं रह सकती हैं? जवाब- हर्षानंद गिरि को लेकर सबसे ज्यादा विवाद इसी सवाल पर हुआ। इसमें अलग-अलग राय हैं। सवाल 3: हर्षा ने क्यों कहा कि बड़े-बड़े संत भी फेशियल, मैनिक्योर और पेडिक्योर करवाते हैं? जवाब- विवाद तब शुरू हुआ, जब हर्षा से पूछा गया कि संन्यास लेने के बाद भी वे ब्यूटी पार्लर क्यों जाती हैं। सवाल 4: अगर कोई लिखित नियम-कायदे नहीं हैं, तो फिर विवाद किस बात का है? जवाब- हर्षा रिछारिया विवाद की सबसे बड़ी वजह यही है कि संन्यास को लेकर सभी संत और अखाड़े एक जैसी राय नहीं रखते। सवाल 5: अब आगे क्या हो सकता है? जवाब- अगर किसी साधु या साध्वी को लेकर विवाद बढ़ता है, तो संत समाज में उसे सुलझाने की एक तय प्रक्रिया होती है। एमपी एक्सप्लेनर की ये कड़ी भी पढ़ें… क्या CJP जैसा-आंदोलन भड़कने के डर से नहीं हुआ किसान आंदोलन में बलप्रयोग या दतिया उपचुनाव रही वजह किसान आंदोलन के तीसरे दिन 29 जुलाई को मध्य प्रदेश सरकार ने मूंग की खरीदी 60% तक बढ़ाने का ऐलान कर दिया। खाद वितरण वाली ई-टोकन व्यवस्था भी फिलहाल स्थगित कर दी गई है। लेकिन किसान इस फैसले से संतुष्ट नहीं हैं। 4 लेयर बैरिकेडिंग तोड़ने के बावजूद पुलिस ने बल प्रयोग क्यों नहीं किया…पूरा एक्सप्लेनर पढ़ें।
