मध्य प्रदेश के किसान अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। नर्मदापुरम जिले के बरखेड़ा से सोमवार से किसान क्रांति पैदल यात्रा शुरू हुई है। यात्रा मंगलवार शाम ओबेदुल्लागंज, मंडीदीप और 11 मील होते हुए भोपाल पहुंच गई। देर रात तक करीब 2 हजार किसान होशंगाबाद रोड पर डटे रहे। किसानों का बुधवार को मुख्यमंत्री निवास की ओर कूच करने का दावा है। किसान मूंग की 100% सरकारी खरीद और खाद वितरण व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर भोपाल पहुंचे हैं। किसान नेताओं का कहना है कि वे मुख्यमंत्री निवास के सामने धरना देंगे और मांगें पूरी होने तक वापस नहीं लौटेंगे। इधर, किसानों के मुख्यमंत्री निवास की ओर बढ़ने की आशंका को देखते हुए वीर सावरकर सेतु से पहले भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। किसानों और प्रशासन के बीच वार्ता विफल
मंगलवार देर रात प्रशासनिक अधिकारियों और किसानों के बीच एक घंटे तक चर्चा चली। जिसमें कोई नतीजा नहीं निकल सका है। बैठक के बाद किसानों ने साफ कर दिया कि वे बुधवार को मुख्यमंत्री हाउस के घेराव के लिए आगे बढ़ेंगे। सीएम हाउस की सुरक्षा बढ़ाई
किसान आंदोलन के मद्देनजर मुख्यमंत्री निवास की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। मुख्यमंत्री निवास और उसके आसपास के पूरे क्षेत्र को बहुस्तरीय सुरक्षा घेरे में तब्दील कर दिया गया है। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। मुख्यमंत्री निवास की ओर जाने वाले सभी प्रमुख मार्गों पर कई स्तर की बैरिकेडिंग की गई है। SAF, RAF और 20 से अधिक थानों के पुलिसकर्मी सुरक्षा व्यवस्था में लगाए गए हैं। इसके अलावा वाटर कैनन, वज्र वाहन और दंगा नियंत्रण उपकरणों के साथ पुलिस बल को अलर्ट मोड पर रखा गया है। रातभर चली वाहनों की सघन चेकिंग
मुख्यमंत्री निवास के आसपास आने-जाने वाले वाहनों और लोगों की देर रात तक सघन चेकिंग की गई। संवेदनशील चौराहों और प्रवेश मार्गों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। वरिष्ठ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी कर रहे हैं और स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। पुलिस का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था का उद्देश्य कानून-व्यवस्था बनाए रखना और किसी भी संभावित टकराव को रोकना है। फिलहाल मुख्यमंत्री निवास के आसपास के पूरे इलाके को हाई सिक्योरिटी जोन में तब्दील कर दिया गया है। किसानों के प्रदर्शन की तस्वीरें
हाथों में तिरंगा, ‘जय जवान-जय किसान’ के नारे लगाए भोपाल में प्रवेश के बाद किसान हाथों में तिरंगा लेकर आगे बढ़े। इस दौरान वे लगातार ‘जय जवान-जय किसान’ के नारे लगाते रहे। किसानों के साथ ट्रैक्टर-ट्रॉली और अन्य वाहनों का काफिला भी शहर में आगे बढ़ता रहा। 7 दिन का राशन-पानी साथ लाए किसान भोपाल कूच में शामिल किसान लंबी लड़ाई की तैयारी के साथ आए हैं। वे ट्रैक्टर-ट्रॉली में सात दिन का राशन और पानी लेकर पहुंचे हैं। कई किसान पहले से दाल-बाटी बनाकर भी साथ लाए हैं। उनका कहना है कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा और वे किसी भी परिस्थिति का सामना करने के लिए तैयार हैं। 19 किसान संगठन आंदोलन में शामिल संयुक्त किसान मोर्चा के नेतृत्व में प्रदेश के 19 किसान संगठन इस आंदोलन में शामिल हैं। सोमवार को बरखेड़ा से शुरू हुई किसान क्रांति पैदल यात्रा मंगलवार को औबेदुल्लागंज, मंडीदीप और 11 मील होते हुए भोपाल शहर में पहुंची। रास्ते में कई जगह पुलिस ने किसानों को रोकने का प्रयास किया, लेकिन वे बैरिकेडिंग हटाते हुए आगे बढ़ते रहे। अब किसान मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच कर चुके हैं। कृषि मंत्री से मूंग खरीदी पर चर्चा बेनतीजा, मूंग खरीदी को लेकर कृषि मंत्री से हुई चर्चा का कोई ठोस परिणाम नहीं निकल सका। भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश उपाध्यक्ष संतोष पटवारे ने कहा कि सरकार ने एक-दो दिन में किसान हित में निर्णय नहीं लिया तो वे होशंगाबाद जाकर नर्मदा ब्रिज से छलांग लगा देंगे। पटवारे ने कहा कि वे 20 दिन से गांव-गांव जाकर किसानों से चर्चा कर रहे हैं और लगातार ज्ञापन दे रहे हैं। किसानों की पूरी मूंग नहीं खरीदी जा रही, जिससे लागत तक नहीं निकल पा रही है। उन्होंने बताया कि कृषि मंत्री ने केंद्र सरकार को पत्र भेजने और मुख्यमंत्री से चर्चा के बाद निर्णय बताने की बात कही है। पटवारे ने कहा कि अब किसान सीएम हाउस के सामने डेरा डालेंगे और बैरिकेड्स के पास बैठकर सरकार से किसान हित में फैसला लेने की मांग करेंगे। हाईकोर्ट ने ऑनलाइन खाद वितरण व्यवस्था को सही ठहराया इधर, किसान आंदोलन के बीच खाद वितरण व्यवस्था को लेकर जबलपुर हाईकोर्ट ने कृषि आदान विक्रेता संघ की याचिका खारिज करते हुए मध्यप्रदेश में ई-विकास (उर्वरक वितरण) प्रणाली के तहत ऑनलाइन खाद वितरण व्यवस्था को सही ठहराया है। हाईकोर्ट ने कहा कि कालाबाजारी, जमाखोरी और उर्वरकों के गैर-कृषि उपयोग को रोकने के लिए लागू यह केंद्र सरकार का नीतिगत फैसला है, जिसमें सीमित परिस्थितियों में ही न्यायिक दखल दिया जा सकता है। याचिका में ग्रामीण क्षेत्रों में कमजोर इंटरनेट नेटवर्क और ई-टोकन व्यवस्था के कारण किसानों व उर्वरक विक्रेताओं को होने वाली परेशानी का हवाला दिया गया था। यह खबर भी पढ़ें… भोपाल में बीच सड़क पर डटे हजारों किसान मध्यप्रदेश में मूंग की 100% सरकारी खरीदी और खाद वितरण व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर भोपाल पहुंचे करीब 2 हजार किसान अब होशंगाबाद रोड पर पुलिस के सामने हैं। मुख्यमंत्री आवास घेरने जा रहे किसानों को रोकने के लिए वीर सावरकर सेतु के पहले भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। पूरी खबर यहां पढ़ें…
