मंदसौर जिले में मानसून की गति धीमी पड़ गई है। पिछले 10 दिनों से जिले में पर्याप्त बारिश दर्ज नहीं हुई है। आखिरी बार 8 जुलाई को अच्छी बारिश हुई थी। 9 जुलाई की रात को जिला मुख्यालय और कुछ अन्य क्षेत्रों में हल्की बूंदाबांदी हुई थी, जिसके बाद से जिले में बारिश नहीं हुई है। पूरा जिला अब अच्छी बारिश का इंतजार कर रहा है। बारिश के इस लंबे अंतराल से आम लोग और किसान दोनों परेशान हैं। दिनभर तेज धूप और उमस के कारण जनजीवन प्रभावित हो रहा है। सुबह से शाम तक गर्मी का असर बना रहता है। बादल छाते हैं, लेकिन बिना बरसे ही आगे बढ़ जाते हैं, जिससे तापमान में कोई राहत नहीं मिल रही है और खेतों को भी पर्याप्त नमी नहीं मिल पा रही है। जिला मुख्यालय के साथ-साथ नाहरगढ़, भावगढ़, गरोठ, सुवासरा, शामगढ़, दलौदा, मल्हारगढ़, पिपलिया मंडी, नारायणगढ़, डिगांव, बरखेड़ा और अफजलपुर सहित जिले के अधिकांश क्षेत्रों में भी कई दिनों से अच्छी बारिश नहीं हुई है। लगातार शुष्क मौसम के कारण खेतों की नमी घट रही है, जिससे खरीफ फसलों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने की आशंका है। सीजन में 10.10 इंच बारिश रिकॉर्ड
जिले में अब तक औसतन 10.10 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है। हालांकि, जुलाई के दूसरे सप्ताह में बारिश का यह लंबा अंतराल किसानों के लिए चिंता का कारण बन गया है। यदि जल्द ही अच्छी बारिश होती है, तो सोयाबीन, मक्का और अन्य खरीफ फसलों को पर्याप्त नमी मिल पाएगी, जिससे उनकी वृद्धि में सुधार होगा। मौसम विभाग के संकेतों के अनुसार, मानसून फिलहाल कमजोर स्थिति में है। हालांकि, अगले दो से तीन दिनों में इसके फिर से सक्रिय होने की संभावना है। अनुमान है कि 19 जुलाई से मानसून फिर से सक्रिय हो सकता है। 18 जुलाई को जिले में अधिकतम तापमान 31 से 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 से 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। दिनभर धूप और बादलों की आवाजाही बनी रहेगी, जिससे उमस लोगों को परेशान कर सकती है। अगले 5 दिनों का पूर्वानुमान किसानों को राहत मिलने की उम्मीद
लगातार 10 दिनों से बारिश नहीं होने के कारण खेतों में नमी की कमी बनी हुई है। यदि आगामी दिनों में अनुमान के मुताबिक बारिश होती है तो सोयाबीन, मक्का सहित अन्य खरीफ फसलों को बड़ी राहत मिलेगी। फिलहाल 18 और 19 जुलाई तक गर्मी और उमस का असर बना रह सकता है, लेकिन 20 जुलाई के बाद मानसून के दोबारा सक्रिय होने के साथ जिले में अच्छी बारिश की संभावना बढ़ गई है।
