उज्जैन में भगवान श्री जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा के दौरान पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखते हुए 24 संदिग्ध व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस को आशंका है कि ये संदिग्ध भीड़ का फायदा उठाकर जेबकतरी या चोरी की वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे। सभी गिरफ्तार संदिग्धों से पूछताछ जारी है। रथयात्रा मार्ग पर, जो आगर रोड से देवास रोड तक फैला था, और संवेदनशील क्षेत्रों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। इसी दौरान उप पुलिस अधीक्षक कमल निगवाल और थाना प्रभारी नागझिरी के नेतृत्व वाली टीम ने सात संदिग्ध व्यक्तियों को रोका। उनकी संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर पूछताछ के बाद उन्हें हिरासत में ले लिया गया और आगे की कार्रवाई के लिए संबंधित थानों को सौंप दिया गया। एक अन्य घटना में, नगर पुलिस अधीक्षक माधव नगर श्रीमती दीपिका शिंदे के नेतृत्व में तैनात टीम ने एक संदिग्ध व्यक्ति को रोका। तलाशी लेने पर उसके पास से एक धारदार चाकू बरामद हुआ। आरोपी को तुरंत थाना पुलिस के हवाले कर कानूनी कार्रवाई शुरू की गई। यह कार्रवाई सीएसपी माधव नगर दीपिका शिंदे, सीएसपी नानाखेड़ा श्वेता गुप्ता, डीएसपी विवेक कनोडिया, थाना प्रभारी देवासगेट निरीक्षक नरेंद्र सिंह परिहार, थाना प्रभारी माधवनगर निरीक्षक गजेंद्र पचोरिया और उनकी पुलिस टीमों के संयुक्त प्रयास का परिणाम थी। कुल 24 संदिग्धों को पकड़ा गया है, जिनके आपराधिक रिकॉर्ड और अन्य तथ्यों की जांच की जा रही है। पुलिस की इस सतर्कता और त्वरित कार्रवाई के कारण रथयात्रा शांतिपूर्ण और सुरक्षित माहौल में संपन्न हुई। इस उत्कृष्ट कार्य के लिए पुलिस अधीक्षक उज्जैन ने डीएसपी कमल निगवाल, थाना प्रभारी नागझिरी और उनकी पूरी टीम को 10 हजार रुपये का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है। इसी तरह, सीएसपी दीपिका शिंदे और उनकी टीम (आरक्षक अरुण, अशोक, दीप सिंह एवं केदार पटेल) को भी 10 हजार रुपये का नगद पुरस्कार दिया जाएगा।
