भोपाल में एनएसयूआई के एक पदाधिकारी पर अपनी ही संगठन की छात्रा से दुष्कर्म, मारपीट और धमकी देने के आरोपों के विरोध में गुरुवार शाम अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने गांधी चौराहे पर प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस कार्यालय के बाहर एनएसयूआई का पुतला फूंका और मामले की निष्पक्ष जांच के साथ आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। एबीवीपी ने चेतावनी दी कि यदि मामले में निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को प्रदेश स्तर तक ले जाया जाएगा। जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग की
एबीवीपी के विभाग संयोजक हेमंत रावत ने कहा कि किसी भी छात्रा के साथ हुई ऐसी घटना के आरोपों की निष्पक्ष और त्वरित जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि छात्राओं की सुरक्षा, सम्मान और न्याय सर्वोच्च प्राथमिकता है। यदि आरोपी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कानून के तहत कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। एबीवीपी ने आरोप लगाया कि भोपाल में एनएसयूआई के एक पदाधिकारी ने अपनी ही संगठन की 23 वर्षीय जनजातीय छात्रा कार्यकर्ता को बैठक के बहाने फ्लैट पर बुलाया। वहां उसके साथ मारपीट और दुष्कर्म किया गया। संगठन का यह भी आरोप है कि जब पीड़िता शिकायत दर्ज कराने पहुंची तो उसे संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने धमकाने और रोकने का प्रयास किया। पीड़िता की शिकायत पर केस दर्ज
पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी सुभाष यादव के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और एससी-एसटी एक्ट की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रदर्शन के दौरान एबीवीपी ने दावा किया कि यह एनएसयूआई से जुड़ा पहला मामला नहीं है। संगठन ने पहले सामने आए कुछ मामलों का भी उल्लेख करते हुए महिला सुरक्षा के मुद्दे पर जवाबदेही और पारदर्शिता की जरूरत बताई। एबीवीपी ने कहा कि मामले की निष्पक्ष और त्वरित जांच कर दोषी पाए जाने पर कड़ी सजा दी जाए, ताकि छात्राओं की सुरक्षा को लेकर समाज में मजबूत संदेश जाए। संगठन का कहना है कि ऐसी घटनाएं शैक्षणिक संस्थानों में असुरक्षा का माहौल पैदा करती हैं और महिला सम्मान से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। प्रदर्शन में मंदसौर के जिला और नगर पदाधिकारी, कार्यकर्ता तथा बड़ी संख्या में छात्र मौजूद रहे।
